कांग्रेस विधायकों को दिए गए खास निर्देश, BJP खरीद-फरोख्त करे तो वीडियो बनाएं; जीतू पटवारी बोले- बेनकाब करेंगे
भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों की 'बाड़ाबंदी' पर मुहर लग गई है. कल उनको शिफ्ट किया जाएगा. लेकिन इकसे पहले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए बड़ी बात कह दी
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट पर सियासी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है, जबकि पार्टी का दावा है कि सभी विधायक मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं।
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारे जाने के बाद कांग्रेस भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। सोमवार को भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण डिनर बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव की रणनीति, विधायकों की एकजुटता और संभावित राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता हासिल करने के लिए खरीद-फरोख्त और राजनीतिक दबाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखेगी और भाजपा की हर कोशिश को जनता के सामने उजागर करेगी।
बैठक से सबसे बड़ी खबर यह सामने आई कि कांग्रेस ने अपने विधायकों की बाड़ाबंदी करने का फैसला किया है। पार्टी नेतृत्व ने तय किया है कि राज्यसभा चुनाव तक सभी विधायकों को एक साथ रखा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दूसरे राज्य में भी शिफ्ट किया जा सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि विधायकों को किस राज्य में ले जाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इसका उद्देश्य विधायकों को किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव या प्रलोभन से दूर रखना है।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राज्यसभा की तीसरी सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है, इसलिए वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बजाय खरीद-फरोख्त जैसे तरीकों का सहारा लेने की कोशिश कर रही है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि भाजपा के वास्तविक चरित्र को जनता के सामने लाना भी है।
उन्होंने कहा, "बीजेपी को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और युवाओं के पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार चुप है। उनका एकमात्र लक्ष्य किसी भी तरह सत्ता हासिल करना है।"
कांग्रेस ने अपने विधायकों को विशेष निर्देश भी दिए हैं। पार्टी की रणनीति के अनुसार यदि भाजपा का कोई नेता या प्रतिनिधि किसी विधायक से संपर्क करता है अथवा किसी प्रकार का प्रलोभन देने की कोशिश करता है तो संबंधित विधायक तुरंत उसका वीडियो रिकॉर्ड करें। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि ऐसे सभी वीडियो सार्वजनिक किए जाएंगे ताकि कथित खरीद-फरोख्त की राजनीति को उजागर किया जा सके।
जीतू पटवारी ने कहा कि राजनीति में संघर्ष केवल चुनावी मैदान तक सीमित नहीं होता। उन्होंने कहा, "जब युद्ध होता है तो लड़ना भी पड़ता है और साथ में दिखना भी पड़ता है। कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं।"
वहीं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में इतना साहस नहीं है कि वह उनसे संपर्क कर सके। बरैया ने कहा कि जो लोग बिकने वाले थे, वे पहले ही कांग्रेस छोड़कर जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का संपर्क हमेशा कीमत मांगता है और पूरा देश इस राजनीति को देख रहा है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने भी पार्टी की स्थिति मजबूत होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीसरी सीट को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है और पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन चुनाव जीतेंगी। चौधरी ने भाजपा के आत्मविश्वास पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा कई बार इसी तरह का आत्मविश्वास दिखाती रही है, लेकिन अंतिम परिणाम अलग निकलते हैं।
हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और किसी भी प्रकार की टूट-फूट की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल महत्वपूर्ण होता है और कांग्रेस अपने विधायकों के समर्थन को लेकर पूरी तरह निश्चिंत है।
इधर कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। पार्टी के लगभग सभी विधायक, वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे। विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
नामांकन प्रक्रिया से पहले मीनाक्षी नटराजन ने विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत बड़ी संख्या में विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
विशेष बात यह रही कि जीतू पटवारी स्वयं विधायकों को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष तक पहुंचे और पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके साथ मौजूद रहे। इसे भी कांग्रेस की एकजुटता और अनुशासन का प्रतीक माना जा रहा है।
दरअसल, भाजपा द्वारा तीसरी सीट पर महेश केवट को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राज्यसभा चुनाव का मुकाबला रोचक हो गया है। भाजपा को उम्मीद है कि वह तीसरी सीट भी जीत सकती है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि उसके पास पर्याप्त समर्थन है और मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित है। इसी कारण दोनों दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी और रणनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है, जबकि भाजपा भी तीसरी सीट जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव का यह मुकाबला प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस