कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल मेट्रो की लागत बढ़ी, किसानों से 800 करोड़ अतिरिक्त राजस्व जुटाएगी सरकार, मंडी शुल्क में बदलाव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् गान के साथ हुई। बैठक के बाद MSME मंत्री चेतन्य कश्यप ने कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उन्हें बधाई भी दी गई और विभिन्न विकास योजनाओं सहित राज्य के भविष्य के एजेंडे पर चर्चा की गई।

कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल मेट्रो की लागत बढ़ी, किसानों से 800 करोड़ अतिरिक्त राजस्व जुटाएगी सरकार, मंडी शुल्क में बदलाव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए किसानों, मेट्रो और कृषि विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। इनमें सबसे बड़ा निर्णय भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की बढ़ी हुई लागत को मंजूरी देना रहा। इसके अलावा मंडी शुल्क की दरों में बदलाव, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की योजना, पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के बाद मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने भोपाल मेट्रो परियोजना को गति देने के लिए संशोधित लागत को स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही कृषि उपज मंडी शुल्क में किए गए बदलावों से सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

भोपाल मेट्रो परियोजना की लागत बढ़कर हुई 10,033 करोड़

कैबिनेट बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई। वर्ष 2016 में जब इस परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई थी, तब इसकी अनुमानित लागत लगभग 6,241 करोड़ रुपये आंकी गई थी। हालांकि समय के साथ निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि, तकनीकी बदलावों और अन्य कारणों से परियोजना की लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई।

अब सरकार ने परियोजना की संशोधित लागत 10,033 करोड़ रुपये को स्वीकृति दे दी है। यानी प्रारंभिक अनुमान की तुलना में लागत में करीब 3,800 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है।

मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए यह निर्णय आवश्यक था। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में भोपाल मेट्रो का स्वरूप अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा और राजधानी के लोगों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा।

भोपाल मेट्रो परियोजना को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन योजनाओं में माना जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद शहर में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को तेज, सुरक्षित तथा सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

मंडी शुल्क में बदलाव, सरकार को मिलेगा अतिरिक्त राजस्व

कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया। सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को कम करते हुए अन्य कृषि उपज पर शुल्क बढ़ाने का निर्णय किया है।

मंत्री काश्यप ने बताया कि पहले कपास पर मंडी शुल्क अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने कपास पर मंडी शुल्क घटाकर 0.50 प्रतिशत कर दिया है।

उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी कपास पर इसी दर से मंडी शुल्क लिया जाता है। इससे मध्यप्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलने की संभावना है।

वहीं दूसरी ओर, सरकार ने अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क की दर बढ़ाने का फैसला किया है। कुछ वर्ष पहले इस शुल्क को 1.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया था। अब इसे पुनः बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया जा रहा है।

सरकार का अनुमान है कि इस निर्णय से लगभग 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। अधिकारियों के अनुसार बढ़े हुए मंडी शुल्क से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़क निर्माण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और गौ संवर्धन जैसी योजनाओं में किया जाएगा।

किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित

कैबिनेट बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। राज्य सरकार किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक करेगी।

मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, कम लागत वाली कृषि पद्धतियों और जैविक संसाधनों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

सरकार का मानना है कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बेहतर बनी रहती है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने में भी यह पद्धति सहायक साबित हो सकती है।

ब्रिक्स कृषि सम्मेलन से बढ़ेंगी संभावनाएं

मंत्री काश्यप ने इंदौर में आयोजित ब्रिक्स कृषि सम्मेलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों, नवाचारों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार को उम्मीद है कि सम्मेलन के सकारात्मक परिणाम प्रदेश के किसानों तक पहुंचेंगे और कृषि क्षेत्र में निवेश तथा तकनीकी विकास की नई संभावनाएं तैयार होंगी।

पीएम सूर्य घर योजना के उत्साहजनक परिणाम

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री काश्यप ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना के परिणाम लगातार सकारात्मक और उत्साहजनक सामने आ रहे हैं।

राज्य सरकार अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है। योजना के तहत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे बिजली बिल में कमी आने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक उपभोक्ता सौर ऊर्जा से जुड़ें और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर होंगे विशेष कार्यक्रम

कैबिनेट बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के विकास और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाई जाएगी।

बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान गरीबी उन्मूलन, बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभाव पर भी चर्चा की गई।

संविदा कर्मचारियों के वेतन वृद्धि फैसले का स्वागत

बैठक के दौरान राज्य मंत्री Krishna Gaur ने प्रदेश के लगभग एक लाख संविदा कर्मचारी और अधिकारियों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से संविदा कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता में सुधार आएगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले मंत्री Uday Pratap Singh और मंत्री Narayan Singh Kushwaha को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

विकास और राजस्व संतुलन पर सरकार का फोकस

कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार एक ओर बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर राजस्व बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में सुधार के प्रयास भी कर रही है। भोपाल मेट्रो की संशोधित लागत को मंजूरी, मंडी शुल्क में बदलाव, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं पर जोर आने वाले समय में प्रदेश की विकास रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखे जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।