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शाजापुर आगर मालवा जिले में पंजीयन करवाने में आ रही किसानों को समस्या, एक कार्यालय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मार्या. बड़ागांव शाखा नलखेड़ा

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सत्यनारायण सेन प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस किसान पंजीयन में आ रही समस्या शाजापुर,वर्तमान में रबी विपणन वर्ष 2024-25 अंतर्गत गेहूं,चना,मसूर, राई/सरसों आदि के पंजीयन का कार्य संस्था बड़ा- गांव द्वारा किया जा रहा है। पिछले तीन दिनों से पंजीयन पोर्टल की गति अत्यंत धीमी होने के कारण पंजीयन नहीं हो पा रहा है।कई हल्के में गिरदावरी से संबंधित समस्या भी आ रही है। एक किसान पंजीयन करने में लगभग एक से डेढ़ घंटा लग रहा है पंजीयन केंद्र पर किसनो की भीड़ बढ़ती जा रही है संस्था के ऑपरेटर/ राधे यादव द्वारा रात के 12:00बजे तक किसान पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। किंतु पोर्टल पर आ रही समस्याओं के कारण पंजीयन करने में काफी समस्या आ रही है। कुछ किसानों द्वारा ऑपरेटर से अभद्र व्यवहार किया जा रहा है तथा किसानों को अपनी फसल के पंजीयन करवाने हेतु तीन से चार दिनों तक पंजीयन केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गेहूं पंजीयन हेतु अंतिम तिथि 1 मार्च निर्धारित की गई है। यदि पंजीयन पोर्टल इस प्रकार चलता रहा तो पंजीयन नहीं हो पाएंगे। इन समस्याओं के बारे में सोशल मीडिया एवं जिला पंजीयन ग्रुप व्हाट्सएप द्वारा भी अवगत कर

रबी फसलों के लिए यूपी ने रखा 448 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य

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सुनील शर्मा   प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस   लखनऊ :- खरीफ फसलों की खरीद के लिए जारी तैयारियों के बीच योगी सरकार ने आगामी रबी सीजन में खाद्यान्न तथा तिलहनी फसलों के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। रबी सीजन 2022 में जहां 136.06 लाख हेक्टेयर भूमि आच्छादित थी और 427.83 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ। वहीं, आगामी रबी 2023 में खाद्यान्न एवं तिलहनी फसलों के अन्तर्गत 134.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर बोआई और 448.66 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। सरकार द्वारा तैयार रबी उत्पादन 2023 फसल उत्पादन रणनीति में कुल खाद्यान्न उत्पादन के 428.77 लाख मीट्रिक टन एवं तिलहन उत्पादन के 19.90 लाख मीट्रिक टन (खाद्यान्न एवं तिलहन के कुल उत्पादन 448.66 लाख मीट्रिक टन) के लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं, जौ, मक्का, चना, मटर, मसूर, राई सरसों, तोरिया, अलसी के लिए अलग-अलग लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। फसल सघनता में वृद्धि: कृषकों की आय बढ़ाने के साथ ही सरकार का फोकस उत्पादकता और उत्पादन को बढ़ाने तथा उत्पादन लागत को कम करने पर भी है। फसल सघनता में वृद्धि के लिए किसानों को साल में दो य

खेती के लिए बने देवरी भुइमाड बांध में हो रहा मछली पालन,नहर निर्माण के नाम पर हुआ जमकर घोटाला (किसानों को नही मिला पानी,सूख गई पूरी फसल)

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  अरूण गुप्ता प्रखर न्यूज व्यूज एक्स्प्रेस  सीधी-प्रदेश सरकार एक ओर जहाँ खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों को खेती करने के लिए नित नए नए उपकरण दे रही हैं खेती करने के नित नए पद्धति और तौर तरीके बताये जाते है ,असिंचित क्षेत्रों में किसानों के खेती के लिए पानी के इंतजाम करते हुए जगह जगह बांध व जलाशय के निर्माण कराये जाते हैं लेकिन सीधी जिले के कुसमी ब्लॉक के भुइमाड़ के देवरी बांध में सरकार की मंशा के सब उलट काम हो रहा है देवरी बांध के पानी को किसानों को देने के बजाय वहां मत्स्य व्यवसाय (मछली पालन )किया जा रहा है जिससे तकरीब एक सौ पचास हेक्टेयर भूमि में रबी सीजन की खड़ी फसल सूख गई कई किसानों ने पानी की आस में जुताई तो की लेकिन पानी न मिलने से खेती करना मुनासिब नही समझे जिसका जिम्मेवार किसानों ने पूर्व देवरी बांध अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र तिवारी को ठहराया है भुइमाड़,गैवटा, सोनगढ़ के किसानों ने बताया कि देवरी बांध हम किसानों के खेत तक पानी पहुँचाने के लिए बनाया गया था लेकिन बांध के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेंद्र तिवारी की तानाशाही के चलते खेत तक पानी नही पहुँच रहा है जो पानी को रोककर रखते हैं जिस

धान खरीदी केन्द्र पचामा में यथावत रखा जाने ग्रामीणो ने एसडीएम गाडरवारा को सोपा ज्ञापन पचामा धान खरीदी केन्द्र पर ही किसानों की धान खरीदी हो

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 _______________________ मूलचन्द मेधोनिया  प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस  _________________________ सालीचौका रोड।(गाडरवारा) जिला नरसिंहपुर             सेवा सहकारी समिति पचामा के अंतर्गत ग्राम पचामा एवं ग्राम भटरा की समर्थन मूल्य पर धान एवं गेहूं की खरीदी विगत वर्षों से लगातार होती आई है, इस वर्ष भी पचामा में ही खरीदी होने की उम्मीद थी। लेकिन समाचार पत्र के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार पचामा ग्राम की समर्थन मूल्य पर खरीदी केन्द्र स्वर्ण परी वेयर हाउस सालीचौका पोणार तिराहा किया गया है, जो किसानो की सुविधा के हिसाब से उचित नहीं है।          ग्राम पचामा एवं भटरा में सर्वाधिक और प्रत्येक किसान धान उत्पादन करते हैं, वेयर हाउस में कड़कड़ाती ठंड में किराए के ट्रेक्टर ट्राली में कई दिनों तक लाइन लगाने से किसानो को गम्भीर परेशानी से गुजरना पड़ेगा। साथ ही उक्त वेयर हाउस के मुख्य रोड पर गन्ना मिल की ट्रालियों से जाम लगता है।    कल इस संबंध में एस डी एम मैडम से बात कर समस्या से अवगत कराया गया है उन्होंने इस संबंध में शीघ्र निराकरण का भरोसा दिया है।  को पचामा एवं भटरा के ग्रामीणों ने सरपंच सहित ल

गाडरवारा किसान मोर्चा ने तीन काले कानून सरकार के द्वारा वापसी पर जश्न मनाया गया

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  _________________________ मूलचन्द मेधोनिया  प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस  _________________________ गाडरवारा ।जिला नरसिंहपुर 21 नवंबर 2021को संयुक्त किसान मोर्चा द्धारा 385दिन तक तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी, एमएसपी गारंटी कानून बनाए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर दिल्ली की बॉर्डर को घेरते हुए आन्दोलन के परिणाम स्वरूप मोदी स्कार को काले कानून बापिस लेने माफी मांगते हुए घुटने टेकना पड़े। आज का दिन किसानी के लिए खुशी का दिन है जिसे किसान पूरे देश में मोमबत्ती, दीप जलाकर, फूल बांटकर, मिठाईयां बांटकर पूरे देश में जश्न मना रहे हैं। आज गाडरवारा संयुक किसान मोर्चा ने पचामा, एवं गाडरवारा मंडी में मोमबत्ती जलाकर जश्न मनाया। साथ ही मोर्चे द्धारा देश के सभी राजधानियों में शेष मांगो को लेकर जो सरकार ने लिखित आश्वासन के बाद बादा खिलाफि की उन्हे लेकर 26नवम्बर को भोपाल राजभवन मार्च करेंगे।   आज का दिन किसानो को जीत के एक वर्ष होने पर खुशी का दिन है।

खेत में पराली जलाने पर नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि, यहां जारी हुआ सख्त आदेश

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  उत्तर भारत के अलग-अलग राज्य में इस समय पराली जलाने की घटनाएं देखने को मिल रही है. हालांकि राज्य सरकारों द्वारा पराली जलाने से रोकने के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में इस पर बड़ा फैसला लिया गया है.  इस फैसले के तहत अगर खेत में पराली जलाई तो किसानों को मिलने वाली कृषि विभाग से समस्त सम्मान निधि समाप्त कर दी जाएगी क्योंकि ये वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बनता है जिसको लेकर सरकार काफी सख्त है. ये फैसला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लिया गया है. अगर कोई पराली जलाता पकड़ा जाता है तो इसमें 1 एकड़ तक जमीने के लिए ढाई हजार रुपए जुर्माना है और 1 एकड़ से ऊपर होने पर 5000 तक का जुर्माना लगाया जाता है. कृषि विभाग में डिप्टी डायरेक्टर अरविंद सिंह ने बताया कि इस मामले में लगातार शिकायतें आती थी लेकिन सेटेलाइट से मिली तस्वीरों के आधार पर एक्शन लेने से पिछले वर्ष लगभग 23 मामले आए थे लेकिन इस साल केवल एक मामला आया है इसका मतलब है लोग अब जागरूक हो रहे हैं. बता दें कि पूर्वांचल में सर्दी ने दस्तक दे दी है और सूरज ढलने के बाद रात होते ही कोहरा गिरने लग रहा है और हवा की रफ्तार भी ध

देवास जिले के किसान भाई फसल अवशेष (नरवाई) नहीं जलाएं,नरवाई जलाने से आवश्यक पोषक तत्व जलकर हो जाते हैं नष्ट, भूमि की जलधारण क्षमता भी होती है कम

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  अनिल उपाध्याय खातेगांव /देवास    प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल -------------------------------------------------------- नरवाई खेत में ही मिट्टी पलटने वाले हल से या से मिलाएं, जिससे खेत की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि होगी ------------------------------------------------------ फसल कटाई के बाद बचे फसल अवशेषों में आग लगाने से पर्यावरण होता है प्रभावित  -------------------------------------------------------------  देवास उप संचालक कृषि देवास ने समस्त किसानभाइयों से अपील है कि फसल अवशेष (नरवाई) जलाएं नहीं, बल्कि उसे खेत में ही मिट्टी पलटने वाले हल से या रोटावेटर से मिलाएं, जिससे खेत की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि होगी।  उप संचालक कृषि देवास ने बताया कि फसल कटाई के बाद बचे फसल अवशेषों में आग लगाने से पर्यावरण गंभीर रूप से प्रभावित होता है। गेहूं की फसल काटने के पश्चात जो तने की अवशेष अर्थात नरवाई होती है, उसमें लगभग नत्रजन 0.50 प्रतिशत, स्फूर 0.6 और पोटाश 0.8 प्रतिशत पाया जाता है, जो नरवाई में जलकर नष्ट हो जाता है।  गेहूं फसल के दाने से डेढ़ गुना भूसा होता है। अर्थात एक हेक्टर में 40 क्विंटल गे

अन्नदाता की करुण गुहार: शिवपुरी में पूर्व विधायक के पैरों में गिरकर ओला पीड़ित किसान ने मांगा मुआवजा, छतरपुर में ड्रोन से खराब फसलों का सर्वे शुरू

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 बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसान किस कदर परेशान हैं इसका नजारा शिवपुरी के दीघोद गांव में देखने को मिला। जब जिला कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह और पूर्व विधायक महेंद्र सिंह यादव गांव में किसानों से मिलने पहुंचे तो ओला पीड़ित एक किसान पूर्व विधायक के पैरों में सिर पटककर रोने लगा। पीड़ित किसान ने रोते हुए पूर्व विधायक और कलेक्टर से राहत राशि दिलाने की गुहार लगाई। पीड़ित किसान ने रोते हुए अपनी पीड़ा अधिकारियों और जनप्रतिनिधि को बताई उसने कहा कि ओलावृष्टि से उसकी फसल बर्बाद हो गई। किसान का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।  जिले में दो दिन से हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिले के करीब 100 से ज्यादा गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। शासन के निर्देशानुसार प्रशासन का अमला गांवों में पहुंचकर सर्वे कर रहा है। सर्वे के आधार पर जल्द ही पीड़ित किसानों को नुकसान की भरपाई की जाएगी।  छतरपुर जिले में ओलावृष्टि से खराब फसलों का ड्रोन कैमरे से सर्वे शुरूछतरपुर जिले के किसानों को भी मौसम की मार से नुकसान उठाना पड़ा है। जिले में बारिश और ओलावृष्टि से खराब फसलों का सर्वे ड्रोन कैमरे के माध्यम स

किसानों की समस्याओं का निराकरण जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक कराया जाएगा । जिलाधिकारी

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    ( सुनील शर्मा उत्तर प्रदेश ब्यूरो प्रमुख प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस )  उरई दिनांक 05 जनवरी 2022 राजकीय मेडिकल कॉलेज में 04 से 06 जनवरी, 2022 के मध्य मनाया जा रहा बुंदेलखंड मटर महोत्सव एवं मेले के द्वितीय दिवस में जनपद के प्रगतिशील कृषकों एवं महिलाओं ने हजारों की संख्या में भाग लिया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मटर महोत्सव में किसानों के हित के चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं के बारे में बताया। साथ ही हर योजना के प्रति जागरूक होने और उसका लाभ लेकर आर्थिक उन्नति की ओर अग्रसर होने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद के किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो उस समस्या को जनपद स्तर पर ही निराकरण कराने का प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर जनपद स्तर पर किसान भाइयों की समस्या का निराकरण नहीं होता है तो प्रदेश स्तर पर समस्या का निराकरण कराया जाएगा। किसानों को कृषि में उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरुक रहने और उनका लाभ उठाने पर भी बल दिया। उन्होंने कृषकों का उत्साहबर्द्धन करते हुये मटर से सम्बन्धित

ड्रिप व मल्च तकनीक से खेती को लाभकारी बना सकते है:डीएस भदौरिया। किसान दिवस पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से हुआ विशेष कार्यक्रम।

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ऋषभ यादव प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस औबेदुल्लागंज(सं):-मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण गौहरगंज के मार्गदर्शन में गुरूवार को किसान दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी धीरसिंह भदौरिया, पेरालीगल वलिटियर्सं अमित जैन व विधिक सहायता अधिकारी अखिलेष साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।कृषि अधिकारी डीएस भदौरिया ने किसानों के लिए संचालित विभिन्ना विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।साथ ही कृषकों की आमदनी में वृद्धि हेतु उन्नात उत्पादन तकनीक उपयोग करने की सलाह दी गई। उन्होने ने कहा कि, फसलों का विविधिकरण, फसल चक्र, उन्नात प्रजाति व बुवाई तकनीक, एकीकृत कीट व रोग प्रबंधन को अपनाकर कृषकों ने फसलों का उत्पादन बढ़ाया है। साथ ही ड्रिप व मल्च तकनीक, उन्नात कृषि यंत्रों, उद्यानिकी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि तकनीकों को अपनाकर खेती को लाभकारी बना सकते हैं। वही अमित जैन ने किसानों को बताया कि, ऐसे लोग जो गरीबी के कारण अपने प्रकरण में वकील नियुक्त नहीं कर सकते है

हरियाणा, दिल्ली,पंजाब में किसानों को मिल रहे धान के अच्छे भाव,औबेदुल्लागंज मंडी में क्यों नही:- रवि यादव

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  ऋषभ यादव प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल औबेदुल्लागंज(सं):- औबेदुल्लागंज कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष व क्षेत्र के वरिष्ठ नेता रवि यादव ने किसानों के हित में धान के भाव बढ़ाने की बात कही,उन्होंने जनता के बीच विचार रखे ओर मंडी अधिकारियों के संबंध में सूचना दी है कि, मंडी अधिकारियों को विशेष रुप से हरियाणा मंडी, दिल्ली,पंजाब व अन्य मंडियों के भाव का विश्लेषण करना चाहिए जिसको ध्यान में रखते हुए व्यापारियों को कहा जाए की तुलनात्मक रूप से किसानों की फसलों का रेट लगाकर ही नीलामी की जाए। जब हरियाणा में 3700 से 3900 तक का रेट धान का चल रहा है तो यहां क्यों 2900 का रेट है।आखिर धान तो वही है।केवल मिलर और व्यापारी किसानों को बेवकूफ बनाकर लूट मचाई हुई है। श्रीमान से निवेदन है कि,इस विषय को गंभीरता से लेते हुए तुलनात्मक नीलामी पर ध्यान दिया जावे अन्यथा मजबूर होकर किसानों को कोई अन्य कदम उठाना पड़ेगा।रवि यादव ने जनता के बीच उक्त प्रश्न को उठाया और तुलनात्मक धान के रेट बढ़ाये जाने पर बात कही।

किसान आंदोलन समाप्ति पर घर लौटे राहुल गौर,दिल्ली में तीन दिनो से चली उच्च स्तरीय बैठक में थे शामिल।

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    ऋषभ यादव प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल औबेदुल्लागंज(सं):- औबेदुल्लागंज क्षेत्र के राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के जिला मीडिया प्रभारी व क्षेत्र में किसानों की आवाज बुलंद करने वाले युवा किसान नेता राहुल गौर(मगरपूंछ) 3 दिनों से अपने दिल्ली प्रवास पर थे।किसान आंदोलन की समाप्ति पर चली उच्च स्तरीय बैठक में वह इस दौरान दिल्ली में वरिष्ठ किसान नेतागण व राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कक्का जी के साथ बैठक में शामिल रहें। वह शुक्रवार को दिल्ली प्रवास से लोटे। जहां उन्होंने बताया कि,किसान आंदोलन की समाप्ति पर काफी हर्ष महसूस किया जा रहा है।दिल्ली में भी लगातार चली बैठक में किसानों के मुद्दों पर विभिन्न चर्चाएं हुई।वही लौटने पर किसान आंदोलन की समाप्ति भी हुई। क्योंकि 378 दिनों तक चले किसान आंदोलन में किसानों ने अपनी कुर्बानियां देकर इसमें सफलता प्राप्त की है और यह सिद्ध हुआ कि किसान सही थे।इस दौरान वह जगजीत सिंह दल्लाबल,शिवकुमार शर्मा कक्का जी,गुरनाम चढूनी, योगेंद्र सिंह यादव,अभियान कोहार,मंजीत सिंह से मिले और मुद्दों पर चर्चा की।

औबेदुल्लागंज उपज मंडी में धान तुलाई में किसान हो रहे परेशान। तुलाई के लिए बनाई अस्थाई जगह में किसानों की फंस रही ट्रालियां,राहुल गौर ने प्रशासन पर उठाये सवाल।

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  ऋषभ यादव प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल औबेदुल्लागंज(सं):-औबेदुल्लागंज कृषि उपज मंडी में धान की आवक बढ़ने के बाद नगर में ट्रालियों से जाम लग रहा था जिसके बाद मंडी समिति ने फौरी तौर पर व्यवस्था एक निजी खेत मे मंडी के पास कर दी थी।लेकिन 8 दिन बीतने के बाद भी व्यवस्था ठीक नही हो पाई।उक्त बात किसान नेता राहुल गौर ने कही उन्होंने बताया कि,ओबैदुल्लागंज मंडी व्यवस्था बहुत खराब है। मंडी प्रशासन ने मंडी प्रांगण में जगह की कमी होने के कारण नीलामी का कार्य पास ही खाली पड़ी निजी जगह पर कराया जा रहा है जिसमे बहुत सारी अवस्थाएं थी।जिसके लिए प्रशासन ने 8 दिन का समय मांगा था, लेकिन सोमवार तक 8 दिन से अधिक हो गए प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं।आपको बता दे जिस जगह पर नीलामी कार्य किया जा रहा है वहां पानी भरा होने से कीचड़ हो रही है जिसमे किसानों की ट्रालियां फंस रही है और धान का नुकसान के साथ अन्य नुकसान हो रहा है।

डीएपी की किल्लत को भुना रहे निजी विक्रेता

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  राजेंद्र सिंह की रिपोर्ट बरेली से प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस संवाददाता  रायसेन ,मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ बरेली जिला रायसेन मैं पिछले 15 दिनों से डीएपी की किल्लत बनी हुई है जिससे किसानों को अपनी आगामी फसल गेहूं की बुवाई के लिए डीएपी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है इससे किसान बड़े दुखी और परेशान हैं पिछले 15 दिनों से बोर्ड चस्पा करके लिखा हुआ है कि डीएपी नहीं है उपलब्ध नहीं किसान मंडी में सामने इधर अपनी फसल बेचता है और साथ में मैं चाहता है कि वह अपना खाद्य सामग्री खरीदें ताकि दोबारा उसको समस्या में आना ना पड़े और अपना ट्रांसपोर्टेशन बचा सके लेखन सरकारी महकमे विज्ञान संघ को इसकी कोई चिंता नहीं है उधर डीजल मजदूरी और अन्य समस्याओं से किसान का पुराने कर्ज तले पहले से ही दबा हुआ है और आगामी फसल का यह हाल देख किसान बहुत दुखी है। उधर सोसाइटी जो अपनी अपनी क्षेत्रीय हैं उनके पास ही पर्याप्त मात्रा में डीपी ना उपलब्ध होने की वजह से किसान को डीएपी वहां से भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है इससे के साथ कहां जाए

मंडीदीप कृषि उपज मंडी में धान की आवक होने से बिगड़े हालात,नंबर के चक्कर मे किसानों की हो रही बहस।

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  ऋषभ यादव प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल औबेदुल्लागंज(सं):-मण्डीदीप कृषि उपज मंडी में धान की आमद बढ़ जाने से अब हालात बिगड़ने लगे है।कारण की ट्रैक्टर ट्रालियों की भीड़ से हाइवे पर जाम लग रहा है।वही मंडी के हालात बिगड़ गए है।जानकारी मिली है कि,अपना नम्बर लगाने की होड़ में किसान बंधु आपस मे बहस बाजी ओर चिकल्लस कर रहे है। रोड तक टेक्टर ट्राली आने से अन्य वाहनों को परेशानी हो रही है।वही इसपर कांग्रेस के नेताओ ने भी सवाल खड़ा किया है उनका कहना है कि, अधिकारीयो का व प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नही।आपको बता दे मंडीदीप की कृषि उपज मंडी औबेदुल्लागंज मंडी के अंतर्गत आती है।

*अमृत महोत्सव के अंतर्गत कृषक संगोष्ठी संपन्न* *मिहोना एफपीओ और "आत्मा" कृषि विभाग के तत्वाधान में किया गया संगोष्ठी का आयोजन*

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सचिन शर्मा प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल मिहोना ,स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव के अंतर्गत जनपद पंचायत रौन के सभागार में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र लहार से पधारे वैज्ञानिक डॉ रूपेंद्र सिंह और डॉ संजय सिंह द्वारा खरीफ फसलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई । वर्तमान में डीएपी उर्वरक की कमी के चलते उसके विकल्पों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई । इसी क्रम में पशुपालन विभाग से डॉ नरेश केवट द्वारा पशुओं में मुंहपका ,खुरपका आदि रोगों से बचाव के बारे में जानकारी प्रदान की गई । उद्यानिकी अधिकारी यशवंत सिंह द्वारा उद्यानिकी से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरी बाबू शर्मा निराला द्वारा की गई और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष अवधेश बघेल उपस्थित रहे । कार्यक्रम के आयोजन में किसान उत्पादक संगठन मिहोना की विशेष भूमिका रही । संगठन के प्रवक्ता प्रशांत सिंह द्वारा संगठन से जुड़ने के फायदों के बारे में बताया गया। अंत में कार्यक्रम का अभिवादन बीटीएम मुकेश शर्मा द्वारा

खाद की कालाबाजारी पर होगा मुकदमा दर्ज । आयुक्त

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  सुनील शर्मा उत्तर प्रदेश ब्यूरो प्रमुख प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल* उरई, 30 अक्टूबर 2021 खाद की कालाबाजारी पर मण्डलायुक्त का कड़ा प्रहार खाद की कालाबाजारी करने वालो के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायें। जानबूझकर खाद की दुकानें बन्द करने वाले दुकानदारों का ताला तोड़वाकर विधिसम्मत तरीके से किसानों में वितरण कराने के निर्देश। डॉ० अजय शंकर पाण्डेय, मण्डलायुक्त डॉ० अजय शंकर मण्डलायुक्त द्वारा खाद की कालाबाजारी रोकने हेतु निम्न निर्देश दिये गये है यह सुनिश्चित किया जाय कि कि वार्डर के राज्य में मण्डल के किसी भी जनपद से खाद किसी भी कीमत पर कालाबाजारी हेतु नहीं जानी चाहिए, इसके लिये निरन्तर चेकिंग की जाय और सभी वार्डर के जिले जो राज्य की सीमा से लगते हैं, वहाँ पर पुलिस और मजिस्ट्रेट्स की तैनाती कराकर 24x7 लगाकर चेकिंग करायी जाय। यदि खाद की कालाबाजारी करते हुए कोई व्यक्ति पाया जाय तो उसके विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी जाय। प्रत्येक खाद की दुकान पर एक एक नोडल अधिकारी की तैनाती की जाय, जो दुकान को खुलवाने, खाद का वितरण कराने और दुकान के बन्द होने तक आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चि

13 हजार 500 मीट्रिक टन उर्वरक का हुआ वितरण । जिलाधिकारी

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**सुनील शर्मा उत्तर प्रदेश ब्यूरो प्रमुख प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल** उरई दिनांक 26 अक्टूबर 2021 जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि जनपद में रवि सीजन में उर्वरक का लक्ष्य 20 हजार मैक्ट्रिक टन हैं, के सापेक्ष जनपद में 13.50 हजार मैक्ट्रिक टन उर्वरक का वितरण कराया जा चुका हैं। उन्होने किसान भाईयों से अपील की है कि अपनी आवश्कतानुसार उर्वरक समितियों से उपलब्ध करें। उन्होने बताया कि जनपद में प्रतिदिन एक हजार मैक्ट्रिक टन उर्वरक खाद जनपद की समस्त समितियों के माध्यम से वितरण कराया जा रहा हैं। उन्होने बताया कि जनपद में 66 सरकारी समितियां, 18 आईआईटीएमसी सेन्टर इसके अलावा बीएसएफ के 05 कृषक सेवा केन्द्र हैं। विभिन्न केन्द्रों पर व्यवस्थित ढंग से किसानों को उर्वरक वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा हैं। इसके अतिरिक्त सभी विक्रय केन्द्रों पर जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया हैं। समस्त केन्द्रों पर संबंधित उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, लेखपालों की ड्यूटी लगायी गयी हैं। उन्होने बताया कि जनपद में सभी केन्द्रों पर जिला स्तरीय अधिकारी निरन्तर भ्रमणशील रहेगे। जनपद की समस्त स

किसानों के लिए ग्रामो में लग रही खेत पाठशाला, फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए दी जा रही वैज्ञानिक सलाह।

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ऋषभ यादव औबेदुल्लागंज(सं):- औबेदुल्लागंज विकासखंड के ग्राम बमनई में खेत पाठशाला का आयोजन किया गया, इसके तहत उपस्थित कृषको को खरीफ फसल में कीट व्याधि एवं धान पंजीयन की जानकारी विस्तार पूर्वक दी।इसके साथ ही एवं रवि फसल की बोनी बीज उपचार के बारे में बताया।इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी डीएस भदौरिया ने बताया कि,वर्तमान में धान की फसल बेहतर है।फिर भी किसान भाइयों को मौसम साफ रहने पर धान फसल में यूरिया अथवा डीएपी उर्वरक का प्रयोग बिल्कुल ना करें,अन्यथा फसल में कीड़े एवं बीमारियों का प्रकोप बढ़ेगा।इसके साथ ही जहां कहीं धान फसल कमजोर या पीली पड़ गई हो तो एनपीके एक से डेढ़ किलो प्रति एकड़ का छिड़काव करें अथवा नैनो यूरिया 1 किलो का घोल बनाकर धान पर छिड़काव करें जो पत्तों के माध्यम से पौधों को सीधा प्राप्त होगा।इस समय फसल पर गर्दन तोड़ एवं खेरा रोग का प्रकोप आ जाता है।इसके बचाव अपने क्षेत्र में कृषि कार्यालय आकर वैज्ञानिक सलाह प्राप्त की जा सकती है।वही सभी मैदानी अमले को आज सोमवार को प्रशिक्षण में सलाह दी गई कि, खेत पाठशाला में फसल सुरक्षा संबंधी जानकारी किसानों को देते रहें।फसल पर सतत

समर्थन मूल्य मे रजिस्ट्रेशन साईट ओपन ना होने के चलते रायसेन बरेली मूंग की फ़सल बारिश के कारण बर्वाद

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राजेंद्र राजपूत  गगनवारा ग्राम सोसाइटी मैं 8 तारीख से रजिस्ट्रेशन का एलान मुख्यमंत्री शिवराज जी ने किया था पर साईट ओपन नहीं होने से अभी तक किसान परेसान है इस पर मूंग की फ़सल बारिश के कारण बर्वाद भी हो गई है  धरती पुत्र ( किसान) एक बार फिर मजबूर प्रकृति के हाथो,एक तो कोरोना काल के चलते खाद बीज और व्यापारियों द्वारा माल न खरीदे जाने से किसान की हालत खस्ता और बेहाल है और  प्रकृति का कहर मूंग की फसल पर बारिश के रूप मे   और सरकार के फैसले के बाद भी साइड ओपन न होने पर जिन्होंने फसल जैसे तैसे करके नुकसान भुगतक कर थोड़ी बहुत बचा ली है तो अब बेचने मे दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है बहुतो की तो कही फसल कटी तो कही खड़ी फसल पर बारिश का कहर अब तो ईश्वर ही रखवाला है क्यूंकि गरीब किसान प्रकृति की मार और तकनीकी उलझनों मैं उलझ कर रह गया आज जैसे तैसे साईट खुली है देखो आगे कितना और सब्र करवाती है सरकार