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बेमौसम बारिश ने किसानों के ऊपर ढाया कहर बिक्री केंद्रों पर भी फसल भीगी।

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  अरूण कुमार शेंडे  प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस   रायसेन जिले भर और सांची विधानसभा क्षेत्र में बे मौसम भारी बारिश ने किसानों को चिंता में डाल दिया तथा खेतों में खड़ी फसल चौपट होने की कगार पर पहुंच गई वहीं दूसरी ओर बिक्री केंद्रों पर भी खुले में उपज गीली हो गई इन दिनों बेमौसम बारिश ने किसानों पर कहर ढा दिया क्षेत्र भर में जोरदार बारिश से खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी हो गई वहीं दूसरी ओर किसानों को इस बारिश से भारी नुक्सान की संभावना जताई जा रही है खेतों में कटाई की बाट जोह रही फ़सल चौपट होने की कगार पर पहुंच गई है जिससे किसानों को खासा नुकसान पहुंचा है इसके साथ ही खेतों में खड़ी फसल आड़ी हो गई है तथा जिन खेतों में फसलें कटाई की जा रही थी बारिश ने कटाई पर भी विराम लगा दिया इसके साथ ही जो किसानो की फसल तैयार होकर बिक्री केंद्रों पर पहुंच गई जो अपनी तुलाई का इंतजार कर रहे थे बारिश से उपज को बचाने के कोई इंतजाम न होने से भीग गई जिससे किसानों को खासा नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है बेमौसम बारिश ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है तथा खेतों में खड़ी फसल कटाई हेतु अब कुछ दिन तक

MP में बारिश से बदला मौसम,नवरात्रि के दूसरे दिन बरसे बदरा

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  सत्य नारायण सेन   प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस शाजापुर आज बुधवार को भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, शहडोल संभाग के जिलों में कई स्थानों एवं इंदौर, उज्जैन व ग्वालियर संभाग के कुछ जिलों में वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान आंधी, तेज हवा और ओले भी गिरने के भी आसार हैं।  नवरात्रि के दूसरे दिन संकेत कुछ अलग ही नजर तेज तूफान के साथ में कई जिलों में बारिश बहुत तेज आंधी तूफ़ान के साथ 10 अप्रैल 2024 को एक संकेत जो की किसानों के खेतों से लेकर गांव तक गांव से लेकर शहर तक आंधी तूफान और बिजली की गदगढ़त से हर किसी का थोड़ा-थोड़ा नजर आया सुजालपुर शाजापुर एक जैसा मौसम रहा तेज बारिश के कारण खेतों में पड़ा पशुओं का भूसा भी जिला हुआ और खेत में खड़ी फसलों को भी नुकसान हुआ  आज 10 अप्रैल को भी भोपाल, नर्मदापुरम, शहडोल एवं जबलपुर संभाग के जिलों में ओले भी गिरने के भी आसार हैं।13 अप्रैल को फिर नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे जिससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी, जिसके असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के आसपास बना हुआ है। राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग और मध्य महाराष्ट्र पर

जिले में दो दिनों से हो रही बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बादी के मुहाने पर छोड़ा

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Sunil sharma sharma prakhar news views express उरई । जिले में दो दिनों से मौसम की मार ऐसी झेलनी पढ़ी कि किसानों की बर्बादी साफ दिखाई देने लगी है । शनिवार को दिन 12 से वारिश की शुरुवात होती है और देर रात्रि तक बारिश रुकने का नाम नहीं लिया कई स्थानों पर ओलावृष्टि की भी खबर सुनने को मिली रविवार सुबह से ही मौसम खराब था बूंदावादी के साथ साथ वारिश की शुरुवात होती है और दिन के 11 बजे ओलावृष्टि का करीब 5 से 7 मिनट का झोका आता है जो किसानों की नींद उड़ाता चला जाता है पहले मूसलाधार बारिश फिर ओलावृष्टि ने किसानों को पूरी तरह झकझोर के रख दिया है जिले में दलहन की फसल पूरी तरह नष्ट होने की संभावना है सही जानकारी सरकारी सर्वे से मिल पाएगी लेकिन जो अनुमान लगाया जा रहा इससे स्पष्ट है कि दलहन की फसल चौपट होने के साथ साथ जो गेंहू पककर तैयार हो गया है उसमे भी कुछ फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है । फिलहाल इंद्र देवता यदि शांत नहीं हुए तो किसानों को पूरी तरह गेंहू की फसल में भी नुकसान उठाना पढ़ सकता है ।  

अचानक बदला मौसम आंधी तूफान और ओलावृष्टि, दो दिन भारी बारिश की आशंका

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राजेंद्र राजपूत प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस   रायसेन मध्य प्रदेश की तहसील बरेली क्षेत्र के अंतर्गत भारी भारी आंधी तूफान के साथ अति दृष्टि के साथ ओलावृष्टि क्षेत्र के किसानों के मन में दुविधा और संकट का एक और समय जिसमें चना अरहर और सरसों की फसल आने को काटने को तैयार है बारिश और होली की वजह से भारी नुकसान की आशंका. रायसेन जिले भर में मंगलवार दोपहर 3 बजे से तेज आंधी तूफान के साथ तेज बारिश शुरू हुई। कही कही ओले भी गिरे जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को अपनी फसल में नुकसान होने की चिंता सताने लगी है। मौसम विभाग द्वारा आज रायसेन जिले में ओले और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम रहेगा।इस वर्षा के कारण चना और मसूर की कटाई कर रहे किसानों के सामने फसल बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इधर, खेतों में पकने को तैयार गेहूं की फसल में भी दाना बारीक पड़ने की आशंका है। इतनी तेज चली हवाएं भोपाल में शाम करीब 4 बजे 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने लगी. हवा की यह रफ्तार राजा भोज एयरपोर्ट के ATC टावर में रिकॉर्ड की गई. एयरपोर्ट स्थित एटीसी कंट्रोल रूम की रिपोर्ट

बदला मौसम बिजली की चमक बादलों की गड़गड़ाहट ने किसानों की बढ़ाई चिंता

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अरुण कुमार शेंडे प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस   रायसेन जिले भर में वह सांची नगर सहित आसपास क्षेत्र में रात में हुई तेज बारिश एवं आज दिन भर बादलों की तेज गड़गड़ाहट तथा बिजली की चमक से किसानों के सीने की धड़कन बढ़ गई है तथा किसानों को अपनी फसल पर पानी फिरने का डर समा रहा है किसानों की नजर आसमान पर टिकी हुई है कई परिवार शंख बजा कर मौसम को अलविदा करने के लिए और परेशानियों को दूर हटाने के लिए शंख भी बजा रहे हैं अब जब किसानों की फसल तैयार होने की कगार पर पहुंच गई है तथा कुछ ही दिनों में कटाई होने वाली है तथा जो फसल पहले बो दी गई थी उनकी कटाई भी शुरू हो चुकी है अधिकांश गेहूं चना की तैयार फसल मार्च के पहले सप्ताह से ही कटाई की किसान तैयारी में जुटे हुए थे कि बे मौसम बारिश एवं ओले गिरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का अंदेशा बढ़ गया जिससे किसानों में बैचैनी बढ़ गई है आखिर कार किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है आसमान को काले बादलों ने अपनी आगोश में ले लिया है बादलों की तेज गड़गड़ाहट आसमान में जोरशोर से बिजली की चमक की साथ ही बड़ी बूंदों ने किसानों में घबराहट बढा दी है ह

गुजरात में कुदरती आफत, बेमौसम बारिश के साथ गिरे ओले,14 लोगों की मौत, कई घायल

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 अहमदाबाद। राज्य में बेमौसमी बारिश ने कहर मचाया है। कई जगहों पर बिजली गिरने और आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। राज्य में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में करीब 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं कई लोग घायल हुए हैं। कई पशुओं की भी मौत हो गई। सम्पत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। अपनी जापान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कृषि मंत्री राघवजी पटेल को फोन कर बारिश से पैदा हुए हालात की जानकारी प्राप्त की है। राज्य में ठंड की शुरुआत के बीच मूसलाधार बारिश ने लोगों को परेशान कर दिया है। रविवार सुबह से लेकर शाम तक राज्य की 61 तहसीलों में बारिश हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में डेढ़ से 2 इंच बारिश हुई है। मेहसाणा के कड़ी, अमरेली के जाफराबाद, बोटाद के बरवाला, भरुच, सुरेन्द्रनगर, साबरकांठा के इडर, तापी, दाहोद और विरमगाम में बिजली गिरी है। मेहसाणा में तेज हवा के बीच पेड़ गिरने से एक रिक्शा चालक की मौत हो गई। मेहसाणा जिले में रविवार सुबह बेमौसमी बारिश के बीच कड़ी तहसील के शियापुरा गांव में बिजली गिरने से शियापुरा गांव के

भूस्खलन में दबा शिमला का शिव मंदिर, 50 लोगों के दबे, 9 के शव बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश कहर बरपा रही है. जिसकी वजह से बादल फटने और लैंडस्लाइड (Landslide) की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. ताजा मामला शिमला से आया है. समरहिल के शिव बौड़ी मंदिर भूस्खलन में दब गया है. जिसकी वजह से 50 से ज्यादा श्रद्धालू मलबे के नीचे दब गए हैं. अभी तक 12 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं. बताया जा रहा है कि सावन का सोमवार होने की वजह से ज्यादा तादाद में श्रद्धालू मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे थे. लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है जानकारी के अनुसार, घटना समरहिल में सुबह करीब 7 बजे हुई. लोग मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे. इस दौरान मंदिर के पास बने पहाड़ पर अचानक लैंडस्लाइड हो गया, जिसमें मंदिर भी दब गया. मलबे में कितने लोग दबे हैं फिलहाल इसकी आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 50 लोग होंगे. घटना की सूचना मिलते ही स्थानी पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है.  सोलन में 7 लोगों की मौत वहीं, हिमाचल के सोलन जिले में सोमवार को बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम सात लोग ज

बद्रीनाथ हाईवे का हिस्सा ढहा, 1000 तीर्थयात्री फंसे:हिमाचल में 24 दिन में 27 बार बादल फटे, 158 की मौत

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देश के उत्तरी राज्यों में भारी बारिश जारी है। इसकी वजह से इन राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश ने रास्ते रोक दिए हैं। उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ नेशनल हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा बह गया है। हाईवे बंद होने पर जगह-जगह 1,000 से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में जून से अब तक बादल फटने की 35 के करीब घटनाएं हुई हैं। बीते 24 दिनों में 27 बार बादल फट चुके हैं। बाढ़ से 158 लोगों की मौत हुई है। 606 घर ढह गए और 5,363 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, दिल्ली में फिर बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। यमुना अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। मंगलवार सुबह जलस्तर 205.45 दर्ज किया गया। आज यहां बारिश की भी संभावना है। अगले 24 घंटे कैसे रहेंगे… इन राज्यों में तेज बारिश होगी: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश। इन राज्यों में हल्की बारिश होगी: मध्य प्रदेश में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

बादल फटे, लैंडस्लाइड, पिथौरागढ़ में बह गई 150 मीटर सड़क... उत्तराखंड में तबाही वाली बारिश ने फिर दी दस्तक

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 उत्तराखंड में शुक्रवार देर रात से लगातार बारिश हो रही है. नदियां ऊफान पर आ गई हैं. कई जगह बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं. लैंडस्लाइट के कारण कई नेशनल हाईवे का एक हिस्सा समेत कई सड़कें बह गई हैं. वहीं पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी में बारिश के चलते नाले ऊफान पर आ गया, जिससे तेज बहाव के कारण डेढ़ सौ मीटर सड़क बह गई है. यह सड़क बंगापानी से जाराजीबली को जोड़ती है. ग्रामीणों ने बादल फटने के चलते भीषण बारिश की आशंका जताई है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तराखंड के सात जिलों के लिए 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है. अनुमान है कि हरिद्वार, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत में शनिवार दोपहर तक भारी बारिश हो सकती है.  उत्तरकाशी में बिजली आपूर्ति बाधित उत्तरकाशी में भारी वर्षा के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. बड़कोट के पास राजतर गंगनानी क्षेत्र में बारिश से बहुत नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. मार्ग बंद हो जाने के कारण अभी इसका आंकलन नहीं किया जा सका है. जानकारी के मुताबिक भारी बरसात के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. स्थानीय लोग यह मंजर देखकर सह

बारिश, बाढ़ और अब बीमारी का भय.

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जितेन्द्र बच्चन विचार आलेख,शहर हो या गांव, बारिश और बाढ़ से आई तबाही का मंजर हर जगह देखने को मिल रहा है। जहां बाढ़ का प्रकोप अभी नहीं हुआ है, वहां भी लोग डरे-सहमे हुए हैं। न जाने कब तबाही अपना रुख उनकी तरफ कर ले। अचानक काल के गाल में समा गए लोग, बर्बाद हुई फसलें, तबाह हुए किसान और आसमान छूते सब्जियों के भाव ने हरेक की चिंता बढ़ा दी है। गम और गुस्से में लोगों ने सरकार को कोसना शुरू कर दिया है- जब पता है कि बारिश होगी, बाढ़ आ सकती है और तबाही का मंजर देखने को मिलेगा तो अधिकारी और कर्मचारी इतने लापरवाह क्यों बने रहते हैं? हर साल उन्हें किसी आपदा के आने का इंतजार क्यों रहता है? सरकार यह तो अच्छी तरह से जानती है कि बारिश होगी और बाढ़ आएगी। गंदगी फैलेगी और सब्जियों के दाम भी आसमान छुएंगे, तो इसे काबू में करने के लिए आखिर पहले से तैयारी क्यों नहीं की जाती? जमाखोरों को अवसर क्यों दिया जाता है? उन पर लगाम क्यों नहीं लगाई जाती? अचानक रेट बढ़ाने वालों के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं होती? हर दुकानदार अपनी मर्जी से रेट तय करेगा, क्या? व्यापारी भाईयों की अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह भी अपना हित स

मध्‍य प्रदेश के एक दर्जन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, कई जगहों पर बिगड़ सकते हैं हालात

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 भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में पानी गिरा। कहीं अत्याधिक तो कहीं बूंदाबांदी हुई। उमरिया, सिवनी, नरसिंहपुर जिलों में कई स्थानों में बाढ़ की हालत बन गए हैं। सिवनी जिले के डूंगरिया डैम की दीवार में पानी के रिसाव होने के कारण आसपास के कुछ गांव को खाली कराया गया है। डिंडोरी और मंडला से लगातार आ रहे पानी के कारण नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. दमोह में सबसे ज्‍यादा बारिश गुरुवार को 24 घंटों के दौरान दमोह में सर्वाधिक 143 मिलीमीटर पानी गिरा। खजुराहो में 97.8, रीवा में 65, गुना में 63.8, सतना में 52.5, पचमढ़ी में 51.4, मंडला में 50, उमरिया में 45.2, नौगांव में 38.6, शिवपुरी में से 30, जबलपुर में 30.8, टीकमगढ़ में 24, छिंदवाड़ा में 16.8, उज्जैन में 14.2, रायसेन में 62 मिलीमीटर बारिश हुई। सागर, धार, नरसिंहपुर, सीधी, नर्मदापुरम, मलाजखंड, रतलाम, बैतूल, भोपाल, इंदौर, दतिया और सिवनी में भी हल्की बारिश हुई. उधर, गुरुवार सुबह 8:30 बजे से शाम के 5:30 बजे तक शिवपुरी में 54, रतलाम में 43, खरगोन में 38, नोगांव में 30, पचमढ़ी में 19,

यूपी में भीषण गर्मी का कहर, बलिया जिला अस्पताल में 72 घंटे में 54 लोगों की मौत; 400 मरीज भर्ती

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 बलिया: बढ़ते तापमान के बीच पिछले तीन दिनों में उत्तर प्रदेश के बलिया जिला अस्पताल में 54 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 400 अस्पताल में भर्ती हैं. डॉक्टरों ने कहा है कि हालांकि, मौतों के अलग-अलग कारण हैं, लेकिन भीषण गर्मी भी एक कारक हो सकती है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या बढ़ रही है. उत्तर प्रदेश में प्रचंड लू चल रही है, अधिकांश स्थानों पर तापमान 40 डिग्री के उत्तर में देखा जा रहा है. मौतों में अचानक वृद्धि और मरीजों को बुखार, सांस लेने में तकलीफ और अन्य दिक्‍कतों के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है. ऐसे में अस्पताल प्रशासन एक्‍शन मोड में है और कर्मचारी मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए सतर्क जिला अस्पताल बलिया के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक एसके यादव ने बताया कि 15 जून को 23, अगले दिन 20 और कल 11 मरीजों की मौत हुई. आजमगढ़ सर्किल के अतिरिक्त स्वास्थ्य निदेशक डॉ. बीपी तिवारी ने बताया कि लखनऊ से एक टीम जांच के लिए आ रही है कि कहीं कोई ऐसी बीमारी तो नहीं है, जिसका पता नहीं चल रहा है. ज्यादा गर्मी या सर्दी होने पर सांस के मरीज, डाय

राजस्थान में बिपरजॉय का कहर, 36 घंटे से मूसलाधार बारिश जारी, 3 की मौत

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 नई दिल्‍ली: गुजरात में तबाही मचाने के बाद बिपरजॉय तूफान राजस्थान के बाड़मेर में भी कहर बरपा रहा है. बाड़मेर जिले के चौहटन इलाके में बीते 24 घंटों में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है. लगातार बारिश होने से राजस्थान के रेगिस्तान में बाढ़ जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं. अरब सागर में उठे चक्रवात ‘बिपारजॉय' के असर से राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश का दौर रविवार को भी जारी है. राजस्‍थान के इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात  राजस्थान के बाड़मेर ज़िले में चौहटन में अब तक सबसे ज़्यादा बारिश 10 इंच तक बारिश हुई है. वहीं, जालोर के रानीवाड़ा में 4.3 इंच बारिश हो चुकी है. सबसे ज़्यादा बारिश जालोर बाड़मेर और सिरोही में हो रही है. यहां जल भराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं. एनडीआरएफ़ की टीम सिवान में तैनात हैं. जालोर की रानीवाड़ा में सेना से मदद ली गयी है. तीनों ज़िले गुजरात से लगते हुए है. घरों में घुसा पानी... चौहटन कस्बे में लगातार बारिश होने से आसपास के तालाब लबालब हो गए हैं. आलम यह है कि चौहटन कस्बे में चार से पांच फीट पानी बह रहा है. वहीं, कच्ची बस्तियों में हालत इस से भी बदतर हैं. ल

गुजरात तट से टकराया चक्रवात बिपरजॉय, तेज हवाएं, भारी बारिश, आधी रात तक जारी रहेगा लैंडफॉल

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उपासना शर्मा प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस   गुजरात के तट से आज चक्रवाती तूफान बिपरजॉय तूफान टकराने वाला है। एहतियात के तौर पर लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। 76 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की गई हैं। लोगों को घरों से बाहर ना निकलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमें तैनात की गई हैं। राज्य और केंद्र सरकार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बिपरजॉय की वजह से द्वारकाधीश मंदिर को आज श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया है। बिपरजॉय तूफान गुजरात के जखाऊ पोर्ट से टकरा चुका है। तूफान का यह लैंडफॉल आधी रात तक जारी रहेगा। इस दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अभी तक कोई जानहानि की कोई सूचना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी कई जगह भारी बारिश और 125 किमी घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो 145 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। सौराष्ट्र और कच्छ में दो से तीन मीटर उंची लहरें उठ सकती हैं। निचले इलाकों में पानी भर सकता है। कच्छ, सौराष्ट्र पार करने के बाद 16 जून को तूफान का प्रभाव दक्षिण राजस्थान पर दिखेगा। 17 जून के बाद

महाकाल लोक में तेज आंधी से मूर्तियां गिरीं:MP में फिर आंधी-पानी का दौर, गुना में ओले गिरे; रायसेन में टेंट उड़ा; भोपाल में बादल

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 मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर बदला। उज्जैन में तेज आंधी के कारण महाकाल लोक में मौजूद कई मूर्तियां गिर गई हैं। हादसे में कई श्रद्धालु बाल-बाल बचे। श्री सांदीपनि आश्रम के सामने आंधी से पेड़ उखड़कर गिर पड़ा। रायसेन में आपदा मित्र प्रशिक्षण के दौरान आंधी से टेंट उड़ गया। रविवार सुबह करीब 11 बजे गुना में तेज हवा के साथ बारिश हुई। राघोगढ़ क्षेत्र के अहमदापुर में आंधी से बिजली के खंभे टूट गए। ट्रांसफार्मर गिर गया। मधुसूदनगढ़ में ओले गिरे। नर्मदापुरम, सागर, डिंडौरी, सीहोर, विदिशा में भी तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अशोकनगर में भी बूंदाबांदी हुई। भोपाल शहर में धूप-छांव है। राजधानी में तेज हवा भी चल रही है। बैरसिया में तेज बारिश हुई। एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव मध्यप्रदेश में आज से एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो जाएगा। नया सिस्टम भोपाल, ग्वालियर समेत प्रदेश के कई जिलों को भिगोएगा। तेज हवा भी चलेगी। सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले गिर सकते हैं। प्रदेश के कई जिलों में हवा-आंधी की स्पीड 70Km प्रतिघंटा तक रह सकती हैल तीन सिस्टम पहले से ए

बाढ़ का खतरा मंडरा रहा:35 साल पुराना ग्वालियर का बड़गोर पुल बहा, मुरैना में 30 गांव खाली कराए

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  मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जोरदार बारिश के चलते पार्वती, सिंध और चंबल नदियां उफान के साथ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिससे इनके आसपास बसे करीब 150 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। श्योपुर में 40 गांवों में अलर्ट घोषित किया गया है। मुरैना में 30 गांव खाली कराने के साथ ही 100 गांवों को अलर्ट किया गया है।  शिवपुरी के मड़ीखेड़ा बांध से छोड़े जा रहे पानी में ग्वालियर जिले के भितरवार क्षेत्र में 35 साल पुराने बड़गोर पुल का वेयरिंग कोट पानी में बहने के साथ ही एप्रोच रोड भी कट गया है। इससे क्षेत्र के 35 गांवों का रास्ता बंद हो गया है। उन्हें अपने ठिकाने पर पहुंचने के लिए 30 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है।  मंगलवार को ब्रिज कॉर्पोरेशन के कार्यपालन यंत्री ज्ञानवर्धन मिश्रा के साथ पहुंची सात सदस्यीय टीम ने क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया। श्योपुर में पार्वती नदी खतरे के निशान से 8 मीटर तो चंबल 1 मी. ऊपर है। खातोली पुल और कुहांजापुर पुल डूब जाने से श्योपुर कोटा और श्योपुर बांरा मार्ग सोमवार से ही बंद हो गया था

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से आफत, इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

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 मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. राज्य में एक बार फिर से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. उज्जैन और राजगढ़ में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा में बारिश का अलर्ट है. वहीं, चंबल, जबलपुर और सागर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. एमपी में बीते 24 घंटे में हुई बरसात की बात करें तो भोपाल में 190.5 एमएम, गुना में 174.9 एमएम, सागर में 173.8 एमएम, रायसेन में 162.0 एमएम, जबलपुर में 160.0 एमएम, पंचमढ़ी में 148.0 एमएम बारिश हुई. इसके अलावा, भोपाल में 140.2 एमएम बरसात हुई है.  वहीं, तेज़ बारिश की वजह से भोपाल में भारी नुकसान हुआ है. सीएम हाउस के सामने बड़ा पेड़ गिर गया. इसके अलावा, झील में क्रूज़ बोट डूब गई. भोपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है. मुख्यमंत्री निवास के ठीक सामने एक बड़ा पेड़ तेज बारिश और हवाओं के चलते गिर गया है. मूसलाधार बारिश की वजह से बोट क्लब पर डरावनी तस्वी

भोपाल के बड़े तालाब में उठी सागर जैसी लहरें, देखते ही देखते डूब गया पर्यटकों का क्रूज

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 भोपाल: मध्य प्रदेश में भारी बारिश (bhopal rain update) के चलते हालात गंभीर हो चले हैं। राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटे से लगातार बारिश (bhopal rain) हो रही है। जिसके चलते शहर में हालात पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। भोपाल के सभी डैम के गेट खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही बड़ा तालाब उफान पर है। मूसलाधार बारिश के कारण बड़ा तालाब का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इस बीच यहां चलने वाला क्रूज आधा से अधिक डूब गया है। प्रशासन और नगर निगम की टीम क्रूज को बचाने में जुटी है लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। क्रूज के एक हिस्से में भरा पानी बताया जा रहा है कि क्रूज के एक हिस्से में पानी भर गया था। इसकी वजह से हादसा हुआ है। दरअसल, बड़ा तालाब में मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग का एक क्रूज चलता है। आमतौर पर क्रूज की फेरी दोपहर से शुरू होती है। बारिश के कारण बोट क्लब के पास पर्यटकों की भीड़ नहीं थी। इसके बाद से क्रूज वहां खड़ा था। लगातार हो रही बारिश के कारण क्रूज के पिछले हिस्से में पानी भर गया और ये आधा से अधिक डूब गया। क्रूज डूबने की खबर मिलने के बाद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। स

रीवा में टमस उफान पर, बकिया और बीहर बराज के 21 गेट खोले गए, बीहर नदी का भी जलस्तर बढ़ा

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  रीवा. बीती रात हुई भारी बारिश के बाद रविवार को बकिया और बीहर बराज के 27 गेट खोल दिये गये. इन दोनों बराज से 571 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है. जिससे जवा-पटेहरा में टमस नदी उफना गई है. प्रशासन ने ग्रामीणों को टमस के किनारे जाने पर रोक लगा दी है. बारिश की संभावना अभी भी बनी हुई है, जिससे प्रशासन टमस के स्तर पर नजर रखे हुये है. इधर रीवा-गुढ़ में हुई बारिश के बाद विक्रम पुल पर भी बीहर नदी का जल स्तर बढ़ गया है. जिले में जगह नदी-नाले उफान पर आ गये हैं. जिन ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा बारिश हुई है, वहां के भागों में आवागमन बाधित हो गया है. कलेक्टर मनोज पुष्प ने जिले से सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अलर्ट कर दिया है. गौरतलब है कि पिछले चौबीस घंटे में जिले में औसत 66.5 मिमी बारिश हुई है. नईगढ़ी और गुढ़ में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. बताया गया है कि देर रात से ही बकिया बराज में पानी की आवक तेज हो गई जिससे अलसुबह से ही गेट खोलने शुरू कर दिये गये. सुबह नौ बजे तक किया बकिया बराज के 9 गेट 25-25 सेमी की ऊंचाई तक खोल दिये गये. जिनसे 382 क्यूमेक्स पानी टमस नदी में जा रहा है. बराज का जल स्तर

बाढ़ के तेज बहाव में कार के साथ पांच लोग बहे: तीन ने पेड़ पर बैठकर बिताई रात, सरपंच एवं एक अन्य व्यक्ति लापता

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  स्वदेश शर्मा प्रखर न्यूज व्यूज  अशोकनगर प्रदेश भर में हो रही मूसलधार बारिस के चलते नदी नाले उफान पर हैं। और इसके बाबजूद लोग जान जोखिम में डालकर इनको क्रॉस करते नजर आ रहे हैं । जिसके चलते आज देर रात अशोकनगर ब्लॉक के सावन गांव के पास नाले के तेज बहाब में चार पहिया गाड़ी ही बह गई जिसमें बैठे सभी पांच लोग पानी के तेज बहाब में बह गए और उनमें से तीन लोग तो सुरक्षित बाहर निकल आये लेकिन दो लोग अभी भी लापता है जिनके रेस्क्यू के लिए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुच गए हैं और देहात थाना प्रभारी रोहित दुबे की देखरेख में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल जो तीन लोग मौत को मात देकर बाहर आये हैं उनका उपचार जिला अस्पताल अशोकनगर में चल रहा है।  बताया जा रहा है कि सभी लोग कल भोपाल में आयोजित रघुवंशी समाज की बैठक से देर रात लौट रहे थे तभी सावन गांव के पास खजुरिया नाले पर क्रेटा गाड़ी पानी के तेज बहाब मैं बह गई। जिनमें से तीन लोग तो निकल आये लेकिन दो लोग अभी भी लापता है। फिलहाल स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ के द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा है।  दरसल देखा जाए तो लापता सरपंच महिदपुर गांव के बृजेंद्र सिंह रघुव