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होली पर बिकने वाले चीनी सामान का व्यापारियों एवं लोगों ने किया बहिष्कार,देश भर में होली त्यौहार पर 50 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का हुआ व्यापार

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  Prakhar news views express surat  सूरत,इस वर्ष होली के त्यौहार से दिल्ली सहित देश भर के व्यापारियों में एक नई उमंग और उत्साह का संचार हुआ है और व्यापार के भविष्य को लेकर एक बार फिर नई आशा जगी है । पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष होली के त्योहारी सीजन में देश भर के व्यापार में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है जिसके कारण देश भर में 50 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का व्यापार हुआ है ।अकेले दिल्ली में ही यह 5 हज़ार करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना है।पिछले वर्षों की तरह चीनी सामान का न केवल व्यापारियों ने बल्कि आम लोगों ने भी पूर्ण बहिष्कार किया । होली से जुड़े सामान का देश में आयात लगभग 10 हजार करोड़ का होता है जो इस बार बिल्कुल नगण्य रहा । कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चाँदनी चौक से भाजपा प्रत्याशी श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की इस बार होली की त्यौहारी बिक्री में चीन का बने हुए सामान का व्यापारियों एवं ग्राहकों ने बहिष्कार किया और केवल भारत में ही निर्मित हर्बल रंग एवं गुलाल, पिचकारी, ग़ुब्बारे, चंदन , पूजा सामग्री, परिधान सहित अन्य सामानों की जमकर

किसान आंदोलन में प्रधानमंत्री को मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ स्वतः संज्ञान ले सुप्रीम कोर्ट,कैट ने पीयूष गोयल को पत्र भेजकर व्यापारी, ट्रांसपोर्ट एवं उपभोक्ताओं को वार्ता में शामिल करने का भी आग्रह किया

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Prakhar news views express किसानों के मुद्दे पर कैट ने पीयूष गोयल को पत्र भेजकर व्यापारी, ट्रांसपोर्ट एवं उपभोक्ताओं को वार्ता में शामिल करने का आग्रह किया Surat,किसानों के वर्तमान आंदोलन से व्यापार को हो रही अनेक परेशानियों के मद्देनज़र कनफ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल को आज एक पत्र भेजकर आग्रह किया है कि किसानों के साथ वार्ता में व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर, उपभोक्ता सहित किसानी से संबंधित अन्य क्षेत्रों के प्रमुख संगठनों को भी शामिल किया जाये क्योंकि किसान संगठनों के साथ किसी भी वार्ता अथवा समझौते का असर इन सभी वर्गों पर पड़ता है ।कैट ने कहा कि यदि किसान घाटे की खेती कर रहा है तो उसकी खेती को लाभ में बदलने की ज़िम्मेदारी सामूहिक रूप से सबकी है और सभी को मिलकर यह काम करना चाहिए। केवल केंद्र सरकार पर ठीकरा फोड़ने की राजनीति से किसानों का कोई हित नहीं होने वाला है। पत्र की प्रति केंद्रीय मंत्री  अर्जुन मुंडा एवं श्री नित्यानंद राय को भी भेजी गई है, जो  गोयल के साथ किसानों से वार्ता कर रहे हैं । कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं

केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दिये गये प्रस्तावों का कैट ने किया समर्थन

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 Prakhar news views express Surat,कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा कल किसानों को दिये गये प्रस्तावों के अध्यक्ष से यह स्पष्ट है कि किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए यह दीर्घकालीन प्रस्ताव कितने लाभकारी हो सकते है। यह प्रस्ताव किसानों की सहायता के लिए बड़ा समर्थन है जिससे स्थायी खेती प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषि उत्पादों के लिए न्यायसंगत मूल्य निर्धारित होगा और कृषि क्षेत्र में अधिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिलेगा ।  कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि किसानों को दिये गये प्रस्ताव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कृषि क्षेत्रों को अधिक उन्नत बनाने की घोषित दिशा में एक बड़ा कदम है।प्रस्तावित उपाय किसानों को उनकी समृद्धि के लिए एक और अधिक सहायक वातावरण बनाने की संभावना पैदा करेंगे वहीं उत्पादकता को बढ़ाने में मदद भी करेंगे।इस प्रस्ताव का समर्थन करके, हम सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं जो किसानों के हित में कृषि समुदाय को प्रोत्साहित करते हैं।  भरतिया एवं  खंडेलवाल ने कहा कि सरकार द

एमएसएमई को 45 दिन के अंदर भुगतान के विषय पर वित्त मंत्री सीतारमन से खंडेलवाल ने आज करी मुलाक़ात

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प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस सूरत  Surat,आय कर के क़ानून 43(बी)एच को लेकर दिल्ली सहित देश भर के व्यापारियों में उपजी चिंताओं को लेकर कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट)के राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमन से आज उनके कार्यालय में मुलाक़ात की ।  खंडेलवाल ने इस विषय पर एक ज्ञापन देकर कहा कि देश का व्यापारी वर्ग सरकार के इस कदम का स्वागत करता है जी व्यापारियों के बृहद हित में है किंतु अभी देश भर में व्यापारियों को इसकी जानकारी न होने से इस क़ानून की पालना में परेशानियाँ आ रही है, इस दृष्टि से उन्होंने आग्रह किया कि इस क़ानून को एक वर्ष के लिए स्थगित किया जाये। वित्तमंत्री सीतारमन ने इस विषय पर व्यापारियों की चिंताओं को बेहद ध्यानपूर्वक सुनते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बेहद संवेदनशील है और इस मामले पर पूर्ण रूप से विचार किया जाएगा।  कैट ने अपने ज्ञापन में कहा है कि सरकार का यह निर्णय स्वागतयोग्य है क्योंकि आय कर क़ानून में इस धारा के जुड़ने से अब एमएसएमई सेक्टर को अपने द्वारा दिये गये माल का पेमेंट भुगता

वर्तमान शादी के सीजन में देश में 42 लाख शादियों से 5.5 लाख करोड़ रुपये के व्यापार का आँकलन, दिल्ली में ही 4 लाख शादियों से 1.5 लाख करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान

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 Prakhar news views express surat  Surat :: दिल्ली सहित पूरे देश में व्यापारी वर्ग 15 जनवरी से लेकर 15 जुलाई तक चलने वाले वर्तमान विवाह सीजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं।एक अनुमान के अनुसार इस अवधि के दौरान देश भर में लगभग 42 लाख विवाह आयोजित होने की संभावना है, जिससे विवाह संबंधित खरीदारी और सेवाओं के माध्यम से लगभग 5.5 लाख करोड़ रुपये की भारी धन राशि देश भर के बाज़ारों में आएगी। यह आँकलन कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट)की रिसर्च शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा देश के विभिन्न राज्यों के 30 विभिन्न शहरों के व्यापारी और सेवा प्रदाताओं से बातचीत के आधार पर किया गया है ।  कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली में ही इस शादियों के मौसम में 4 लाख से अधिक विवाह होने की संभावना है, जिससे करीब ₹ 1.5 लाख करोड़ का व्यापारिक राजस्व मिलेगा। पिछले साल, 14 दिसंबर को समाप्त हुए विवाह सीजन में लगभग 35 लाख विवाह हुए थे, जिनके खर्च का अनुमान ₹ 4.25 लाख करोड़ था। इस विवाह सीजन के दौरान, अनुमान है कि लगभग 5 लाख

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा MSME के साथ टैक्स सेक्शन 43B(H) को लेकर संपूर्ण भारतवर्ष के कपड़ा व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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Prakhar news views express surat  कपड़ा कारोबार पिछले 1 1/2 माह से निरंतर बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। छोटे-छोटे व्यापारियों ने अपना कामकाज बंद कर आगे सीजन में काम नहीं होने, रिटर्न गुड्स आदि को लेकर काफी चिंताएं एवं मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इन सब समस्याओं को ध्यान करते हुए कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चंपालाल बोथरा ने भारत के सभी कपड़ा एसोसिएशन से बातचीत कर CAIT द्वारा अलग-अलग मंत्रालयों के मंत्री, चेयरमैन एवं सेक्रेटरी आदि से संपर्क कर CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीण खंडेलवाल जी ने मामले की गंभीरता को ध्यान करते हुए देश भर के व्यापारियों को राहत मिले इसके लिए निरंतर प्रयत्नशील है। साथ ही CAIT ने 2 फरवरी 2024 को पुनः पत्र भेजकर भारत सरकार के वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी और MSME के मंत्री श्री नारायण टैटू राणे जी से मांग की है कि बजट भाषण में MSME के मुद्दे पर व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली है। अतः आप इसे साल भर तक एक्सटेंसन दे ताकि अच्छे से चर्चा विचारणा कर व्यापारियों के हितार्थ कानून बनाया जा सके।

पेटीएम पर रिज़र्व बैंक के प्रतिबंधों को देखते हुए कैट ने व्यापारियों को पेटीम के स्थान पर अन्य पेमेंट एप पर शिफ्ट होने की सलाह दी है

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Prakhar news views express surat  Surat,रिज़र्व बैंक द्वारा हाल में पेटीएम पर लगाये प्रतिबंधों को लेकर देश भर में व्यापारी जो पेटीम का उपयोग कर रहे हैं, मैं अपने धन को लेकर बेहद चिंताएँ और आशंकाएँ है, जिसके तहत कैट ने देश भर में  पेटीएम का उपयोग करने वाले व्यापारियों को सावधान करने के लिए सलाह जारी की है जिसमें कहा गया है कि पेटीएम उपयोगकर्ता अपने धन की सुरक्षा के लिए तुरंत उपाय करें और बिना किसी नुक़सान के अपने वित्तीय लेन-देन को सुनिश्चित करें। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग छोटे व्यापारी, विक्रेता, हॉकर्स और महिलाएं पेटीएम के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं और आरबीआई के प्रतिबंध से इन लोगों को वित्तीय अशांति हो सकती है।   भरतिया एवं  खंडेलवाल ने कहा कि पेटीएम  पेमेंट बैंक पर प्रतिबंध का प्रमुख कारण में से एक बिना सही पहचान के बनाये गये करोड़ों अकाउंट थे। इन एकाउंट्स के तहत केवाईसी ( अपने ग्राहक की पहचान) की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। इतना ही नहीं इसमें बिना पहचान के करोड़ों रुपये का लेन दें भी किया था जिसे म

बजट से टेक्सटाइल एवम गारमेंट उद्योग के व्यापारियों में निराशा

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Prakhar news views express surat  Surat:आज के अंतरिम बजट से टेक्सटाइल और गारमेंट के व्यापारी वर्ग को बड़ी उम्मीद थी ।कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी कुछ बड़ी घोषणाएँ करेंगी ऐसी उम्मीद टेक्सटाइल जगत के व्यापारी भी लगाये बैठे थे । उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 43 बी(एच) सूक्ष्म और लघु उद्यम के मामले में लागू है । इस बात को लेकर बहुत भ्रम है कि इस परिभाषा के अंतर्गत कौन कौन शामिल होंगे का खुलासा देके राहत देगी परंतु कोई बात नहीं रखी जिससे पिछले 15दिन से टेक्सटाइल व्यापार में सीजन के समय भी ऑर्डर में 50 प्रतिशत की कटौती हुई है साथ ही रिटर्न गुड्स भी आने लगा है ।  आयकर स्लेव में कोई बदलाव नहीं किया गया है । पी एम मित्रा पार्क को भी आगे बढ़ाने के लिए कोई घोषणा नहीं की गयी ।इंपोर्ट फैब्रिक्स को रोकने के लिए ड्यूटी बढ़ाने एवम् घरेलू व्यापार और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए भी कुछ नहीं आया है । टेक्सटाइल उद्योग कृषि उद्योग के बाद सबसे बड़ा रोज़गार का साधन है आने वाले दिनों विदेशी कंपनियों के बढ़ते निवेश से भारतीय छोटे छोटे व्यापारियो के लिये उनका व्यापार और रोज़गार में बढ़ती आर्थिक सहयो

केंद्रीय बजट से व्यापारियों को उम्मीदें : प्रमोद भगत चेयरमैन गुजरात CAIT

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  Prakhar news views express surat  वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए आगामी केंद्रीय बजट, जो 1 फरवरी को प्रस्तुत किया जाना है सूरत, 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट में देश के व्यापारी वर्ग पर विशेष ध्यान देने और जीएसटी को एक सरल प्रणाली बनाने का अनुरोध किया है। कानून की नये सिरे से समीक्षा होनी चाहिए और कानून ऐसा बनाया जाना चाहिए कि देश का आम व्यापारी भी आसानी से कानून का पालन कर सके वर्तमान में जीएसटी कर प्रणाली जटिलताओं से ग्रस्त है जिसमें सुधार की आवश्यकता है जिससे जीएसटी का कर दायरा बढ़ेगा और केंद्र और राज्य सरकारों के राजस्व में भी वृद्धि होगी। CAIT ने सुझाव दिया है कि प्रत्येक जिला स्तर पर अधिकारियों और व्यापारियों की एक जीएसटी समन्वय समिति बनाई जानी चाहिए ताकि जिला स्तर पर ही समस्याओं का समाधान किया जा सके और जिला स्तर पर ही आपसी समन्वय के माध्यम से जीएसटी के कर दायरे को बढ़ाया जा सके। CAIT गुजरात के चेयरमैन  प्रमोद भगत ने कहा कि कंपनियों की तरह व्यवसायियों के लिए भी विशेष आयकर स्लैब बन

श्रीराम मंदिर के प्राणप्रतिष्ठा समारोह से देश में 1 लाख करोड़ के व्यापार का अनुमान

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  Prakhar news views express surat अकेले दिल्ली में ही 20 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की संभावना अयोध्या में आगामी 22 जनवरी को भगवान श्रीराम के मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा समारोह के चलते देश भर में व्यापार में भारी वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पहले कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 50 हजार करोड़ रुपये का व्यापार का अनुमान लगाया था, लेकिन जिस प्रकार से दिल्ली सहित देश भर के लोगों में हो रही श्री राम मंदिर को लेकर ज़बरदस्त उत्साह और कुछ करने का वातावरण बना है तथा देश के 30 शहरों से प्राप्त फीडबैक को देखते हुए कैट ने आज अपने अनुमान को संशोधित करते हुए कहा है कि मंदिर अर्थव्यवस्था से उपजें उस व्यापार का आँकड़ा अब एक लाख करोड़ के व्यापार को पार करेगा । कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने इसको देश के व्यापारिक इतिहास की दुर्लभ घटना बताते हुए कहा कि आस्था और विश्वास के बल पर देश में व्यापार वृद्धि की यह सनातन अर्थव्यवस्था बड़ी मात्रा में अनेक नये व्यापार का सृजन कर रही है।   भरतिया एवं  खंडेलवाल 1 लाख करोड़ रुपये क

श्री राम मंदिर को लेकर व्यापारी संगठनों द्वारा होगा राष्ट्रव्यापी उत्सव, दिल्ली के बाज़ारों में शुरू हो गई व्यापक तैयारियाँ- राम मय होंगे दिल्ली के बाज़ार

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prakhar news views express surat    सूरत,22 जनवरी को होने वाले श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर दिल्ली सहित पूरे देश भर के व्यापारियों में बेहद उत्साह और उल्लास है जिसके चलते देश भर के बाज़ारों में अभी से महा उत्सव तथा महा दीपावली मनाने की बड़ी ज़बर्दस्त तैयारियाँ सारे देश में बहुत तेज़ी से चल रही हैं।देश भर के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स( कैट) के नेतृत्व में दिल्ली एवं देश के सभी शहरों में स्थानीय व्यापारी संगठनों ने बड़े स्तर पर एक दर्जन से ज़्यादा हज़ारों विभिन्न कार्यक्रम करने की योजना बनाई है जिसकी ख़ासियत यह है कि इन सभी कार्यक्रमों से जहां श्रद्धा भाव की अभिव्यक्ति होगी वहीं दूसरी तरफ़ एक बड़ा कारोबार भी हो रहा है वहीं छोटे तबके के लोगों को बड़ा रोज़गार भी मिल रहा है।  आज नई दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक श्री राम संवाद कार्यक्रम में दिल्ली के 200 से अधिक प्रमुख व्यापारी संगठनों की उपस्थिति में कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली सहित देश भर में व्यापारी एसोसिएशनों ने अपने सदस्यों के साथ मीटिंगों क

कैट ने पीएम मोदी से ई-कॉमर्स नीति और नियम लागू करने का आग्रह किया

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  Prakhar news views express surat   सूरत ,कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेजे एक पत्र में ई-कॉमर्स नीति और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत नियमों को शीघ्र लागू करने का अनुरोध किया है। कैट ने कुछ मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि "यह पता चला है कि ई-कॉमर्स नीति और नियम दोनों प्रधानमंत्री श्री मोदी की अप्रूवल के लिये लंबित है और इसलिए देश भर के व्यापारी श्री मोदी के अप्रूवल किए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं जो व्यापार और देश के व्यापक हित में आवश्यक है।" कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था पर ई-कॉमर्स के परिवर्तनकारी प्रभाव को पहचानते हुए, हमारा मानना है कि एक व्यापक और अच्छी तरह से संरचित नीति जरूरी है जो निश्चित रूप से ई कॉमर्स की प्रमुख कंपनियों द्वारा बनाए गए असमान स्तर के खेल को खत्म कर देगी जिससे देश का आम व्यापारी भी ई कॉमर्स का लाभ उठा सकेगा।   भरतिया और  खंडेलवाल ने कहा कि ई-कॉमर्स नीति के त्वरित कार्यान्वयन से न केवल बहुत जरूरी नियामक स्पष्टता

कैट ने गोयल और सिंधिया से हवाई किराए के लिए एमएसपी लाने को कहा

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  Prakhar news views express surat  सूरत,कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने आज देश में विभिन्न एयरलाइंस द्वारा वसूले जाने वाले अतार्किक, अत्यधिक और अनिर्देशित हवाई किराया टैरिफ पर कड़ी चिंता जताई है, जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी और आर्थिक नुकसान हो रहा है।कैट  ने कहा कि विभिन्न एयरलाइंस कार्टेल मोड में काम कर रही हैं, जो इस तथ्य से स्पष्ट है कि किसी भी क्षेत्र के लिए अलग-अलग एयरलाइंस लगभग समान शुल्क निर्धारित करती हैं, चाहे वह इकॉनमी एयरलाइन हो या पूर्ण सेवा एयरलाइन और इस प्रकार स्मार्ट तरीके से प्रतिस्पर्धा समाप्त की जाती है  कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन  खंडेलवाल ने गतिशील मूल्य निर्धारण के नाम पर हवाई कंपनियों द्वारा की जा रही इस खुली लूट पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जो एकाधिकार और पूंजीवाद बनाने के लिए एक रास्ते  के अलावा और कुछ नहीं है। कैट ने कहा कि हवाई कंपनियों द्वारा हवाई टिकट की कीमतें वसूलने के मॉडल की जांच करना आवश्यक है। ये कंपनियां किसी भी हवाई यात्रा के लिए पहले एक कीमत तय करती हैं, लेकिन जैसे-जैसे हवाई यात्रा की मांग बढ़

केंद्र सरकार द्वारा ई कॉमर्स के लिये डार्क पैटर्न अधिसूचना ई कॉमर्स व्यापार में करेगी सुधार, ज़रूरी है ई कॉमर्स पालिसी एवं नियमों का जारी होना-कैट ने किया पीयूष गोयल से आग्रह

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  Prakhar news views express Surat  सूरत,केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर "डार्क पैटर्न" के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना का कनफ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने स्वागत किया है और कहा है कि इससे ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा ग्राहकों को बरगलाने की प्रवृति पर रोक लगेगी।ई कॉमर्स कंपनियों के मनमाने रवैये के ख़िलाफ़ कैट द्वारा गत चार वर्षों से लगातार किए जा रहे संघर्ष में इसको सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कैट इस संबंध में केंद्रीय सरकार के वाणिज्य मंत्रालय एवं उपभोक्ता मंत्रालय से लगातार इस बात का आग्रह कर रहा था कि ई कॉमर्स कंपनियाँ अपने भ्रामक बिज़नेस मॉडल के ज़रिए न केवल व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहा था बल्कि ग्राहकों के हितों को भी बड़ी हानि पहुँचा रहा था जिस पर रोक के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाने बेहद आवश्यक हैं।  कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री  पीयूष गोयल को इस कदम के लिए धन्यवाद करते हुए आग्रह किया कि अब ई कॉमर्स पालिसी एवं नियमों को भी तुरंत लागू क

छठ पूजा के चार दिनों में देश में लगभग 8 हज़ार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ , कपड़े, फल, फूल, सब्ज़ी, साड़ियों एवं मिट्टी के चूल्हे का हुआ बड़ा व्यापार।

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  Prakhar news views express surat  सूरत,गत 17 नवंबर को नहाय-खाय से शुरू होकर तथा कल 20 नवम्बर तक चलने वाले चार दिवसीय छठ पूजा महोत्सव के दौरान बिहार एवं झारखंड के अलावा अन्य राज्यों में बसे बिहार के लोगों ने बेहद उत्साह एवं उमंग के साथ छठ पूजा पर एक अनुमान के अनुसार विभिन्न राज्यों के रिटेल बाज़ारों से लगभग 8 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक के सामान की ख़रीदी की। एक दूसरे आँकड़े के अनुसार देश भर में लगभग 20 करोड़ से अधिक लोग छठ पूजा कर रहे हैं जिनमें स्त्री, पुरुष के अलावा युवा एवं बच्चे सभी शामिल हैं।  कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) जो इस वर्ष हर त्यौहार के बिक्री के आँकड़े जारी कर रहा है, ने छठ पूजा की बिक्री के आँकड़े आज जारी करते हुए कहा कि छठ पूजा भारत की लोक संस्कृति का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है जो नहाय खाय से शुरू होकर चार दिनों में पारण पर समाप्त होता है। यह भारत की संस्कृत एवं सभ्यता है कि जहां छठ पूजा के दौरान उगते सूर्य के साथ पहले डूबते सूर्य की पूजा की जाती है जो इस बात की स्पष्ट दर्शाता है कि उगते के साथ तो सब होते हैं लेकिन भारत के लोग डूबते का भी सहारा बनते हैं

आज रूपचतुर्दशी पर देश में लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपये के सौंदर्य प्रसाधन की बिक्री

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  Prakhar news views express surat  इस बार दिवाली पूजा में बायोमेट्रिक मशीन, पेमेंट उपकरण एवं एयर पोड की भी होगी पूजा   कल देश भर में 5 हज़ार करोड़ रुपये के फल एवं फूलों की बिक्री की संभावना सूरत,कल देश भर में दीपावली का त्यौहार बेहद उत्साह के साथ मनाया जायेगा ।कोविड के बाद यह पहला साल है जब लोग बिना किसी बीमारी के भय के दिवाली का त्यौहार मनायेंगे और यही वजह है कि इस बार बाज़ारों में ग्राहकों की रौनक़ देखने को मिल रही है और दिल्ली सहित देश के सभी बाज़ारों में बड़ा व्यापार हो रहा है । कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) द्वारा पूर्व में जारी एक अनुमान के अनुसार इस वर्ष दिवाली के त्यौहारों के सीजन में लगभग 3.5 लाख करोड़ के व्यापार का आँकलन किया गया था जो निश्चित रूप से पार होने जा रहा है ।  दिवाली त्यौहारों की कड़ी में आज देश भर में रूपचतुर्दर्शी मनाई जा रही है और इस दिन सौंदर्य प्रसाधन ख़रीदने की बड़ी मान्यता है । महिलाएँ द्वारा आज के दिन अन्य वस्तुओं के अलावा विशेष रूप से ब्यूटी कास्मेटिक्स एवं अन्य सौंदर्य प्रसाधन ख़रीदे जाते हैं ।कैट के मुताबिक़ आज देश भर में लगभग 15 हज़ार करोड़

बाज़ारों में चारों तरफ़ वोकल फॉर लोकल-चीन को एक लाख करोड़ रुपये के व्यापार का झटका ,कैट ने स्मृति ईरानी की अपील नारी से ख़रीदारी को दिया पूर्ण समर्थन

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 Prakhar news views express surat  कल धनतेरस त्यौहार पर बड़े व्यापार की तैयारियों ज़ोरो पर   आज और कल धनतेरस पर दो दिन में देश भर में 50 हज़ार करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान   धनतेरस पर देवी देवताओं की तस्वीर, बर्तन, वाहन सहित झाड़ू ख़रीदने का भी रिवाज सूरत,दिवाली की त्यौहारों के सीजन की श्रृंखला में मूल रूप से कल धनतेरस का त्यौहार दिल्ली सहित देश भर के व्यापारियों के लिए माल की बिक्री का एक बड़ा दिन है जिसकी लेकर देश भर में बड़ी तैयारियाँ व्यापारियों ने की हुई है।   कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की आज और कल धनतेरस के मौक़े पर देश भर में आज लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपये के रिटेल व्यापार का अनुमान है। वहीं दूसरी तरफ़ इस दिवाली पर वोकल फॉर लोकल का दर्शन पूरी तरह बाज़ारों में दिख रहा है क्योंकि लगभग सारी ख़रीदारी भारतीय सामानों की ही हो रही है । एक अनुमान के अनुसार दिवाली से जुड़े चीनी सामानों की बिक्री अब न होने से चीन को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के व्यापार की चपत लगी है । प्रधानमंत्री  नरेंद्र मो

करवा चौथ पर देश भर में होगा 15 हज़ार करोड़ का व्यापार

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 Prakhar news views express surat  दिल्ली में ही डेढ़ हज़ार करोड़ रुपये के व्यापार की उम्मीद करवा चौथ की ख़रीदारी के लिए सज गए हैं बाज़ार मेहँदी और सुहाग के सामान की होगी खूब बिक्री । Expecting a business of Rs 1.5 thousand crores in Delhi itself, the markets are ready for the shopping of Mehandi and Suhaag items, there will be a lot of sales. सूरत,करवाचौथ पर खरीदारी को लेकर दिल्ली सहित देश भर के बाज़ारों में काफ़ी रौनक़ दिखाई दे रही है और ऐसी संभावना है कि इस बार देश भर में करवा चौथ का व्यापार 15 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का होगा। केवल दिल्ली में ही करवा चौथ पर लगभग डेढ़ हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का व्यापार होने की उम्मीद है।यूँ तो करवा चौथ महिलाओं का त्यौहार है लेकिन अब पत्नी का साथ देने के लिए पुरुष भी करवा चौथ का व्रत रखने लग गये हैं।  कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री   प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि आगामी 1 नवम्बर को करवा चौथ का त्यौहार है । भारत में यह त्यौहार सौभाग्य का प्रतीक है और सुहागिन महिलाएँ इस दिन व्र

चीनी सामान का व्यापारियों एवं ग्राहकों द्वारा पूर्ण बॉयकॉट ,दिवाली के त्यौहारों में देश में लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना

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  Prakhar news views express surat  Complete boycott of Chinese goods by traders and customers, possibility of business worth about Rs 3.5 lakh crore in the country during Diwali festivals Surat,भारत के सबसे बड़े त्यौहार दिवाली एवं उससे जुड़े अन्य त्यौहारों की श्रृंखला को ज़ोर-शोर से मनाने के लिए व्यापारी और उपभोक्ता दोनों बेहद उत्साहित हैं और यही वजह है कि इस बार दिवाली के त्यौहारों के सीजन में देश के बाज़ारों में लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये के व्यापार होने की संभावना है ।  कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) द्वारा देश के विभिन्न राज्यों के 30 शहरों में व्यापारी संगठनों के ज़रिए कराये गये एक हालिया सर्वे की समीक्षा में यह सामने आया कि इस वर्ष व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर ग्राहकों की माँग एवं पसंद को पूरा करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की है । जिस प्रकार से देश भर के बाज़ारों में इस बार रक्षा बंधन, गणेश पूजा, नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर ग्राहकों ने खुलकर ख़रीदारी की है उसको देखते हुए इस वर्ष त्यौहारों के सीजन का व्यापार 3.5 लाख करोड़ रुपये का होने की प्रबल संभावना है।  कैट के र

देश में 31 दिसंबर तक बाज़ारों में लगभग 8.5 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होगा

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  अर्चना शर्मा प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस   सूरत,कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने आज यह कहा कि वर्तमान में फेस्टिवल सीजन एवं आगामी शादियों एवं नये वर्ष के सीजन के दौरान आगामी 31 दिसंबर तक देश के बाज़ारों में कुल मिलाकर लगभग 8.5 लाख करोड़ रुपये के व्यापार होगा जो ऑनलाइन व्यापार के संभावित 90 हज़ार करोड़ रुपये के आँकड़े से कहीं ज़्यादा है ।  कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने उम्मीद जताते हुए कहा कि एक अनुमान के अनुसार इन तीनों सीजन में लगभग 60 करोड़ से ज़्यादा ग्राहक मेनलाइन बाज़ारों से ख़रीददारी करेंगे । इसमें ख़ास बात यह है कि चीन के किसी भी सामान की कोई बिक्री नहीं की जाएगी जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के वोकल फार लोकल अभियान की दिशा में देश के व्यापारियों और उपभोक्ताओं का बड़ा सहयोग है । मज़ेदार बात यह है कि जो ग्राहक पहले चीन के बने सामान को ही माँगते थे वही अब यह सुनिश्चित करते हैं कि चीनी सामान न ख़रीदें ।  रक्षा बंधन से शुरू हुए त्यौहारों के सीजन में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये, उसके तुरंत बाद शादियों के सीजन में लगभग 4.25