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मरीज को मृत समान बना देती है फाइलेरिया

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  • पैरों और हाथों में सूजन, हाथी पांव और हाइड्रोसिल (अंडकोषों की सूजन) होते हैं फाइलेरिया के लक्षण  • बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के जननांग और उसके आस-पास दर्द व सूजन भी लक्षण   लखनऊ 16 जुलाई 2021 फाइलेरिया दुनिया की दूसरे नंबर की ऐसी बीमारी है जो बड़े पैमाने पर लोगों को विकलांग बना रही है। यह जान तो नहीं लेती है, लेकिन जिंदा आदमी को मृत के समान बना देती है। इस बीमारी को हाथी पांव के नाम से भी जाना जाता है। रोग के शुरू होने पर फाइलेरिया की पहचान आसान नहीं है एवं इस बीमारी के लक्षण बीमारी के कीटाणुओं (microfilaria) के शरीर में प्रवेश के कई वर्षों बाद दिखाई देते हैं जो हाथी पांव, हाइड्रोसील का यूरिया आदि के रूप में प्रकट होते हैं l  हाथी पांव का कोई इलाज नहीं है l लिंफेटिक फाइलेरियासिस को ही आम बोलचाल की भाषा में फाइलेरिया कहा जाता है। फाइलेरिया के कारण: अपर निदेशक, मलेरिया एवं वेक्टर बोर्न डिजीजेज़  डॉ. विन्दु प्रकाश सिंह के मुताबिक यह बीमारी मच्छरों द्वारा फैलती है, खासकर परजीवी क्यूलेक्स फैंटीगंस मादा मच्छर के जरिए। जब यह मच्छर किसी फाइलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को काटता है तो व

40 लाख लोगों की जिंदगी छीन चुका कोरोना अभी और हो सकता है खतरनाक, WHO की दुनिया को चेतावनी

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 विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपातकालीन समिति ने गुरुवार को जिस तरह की चेतावनी दी है उसके मुताबिक, महामारी का जो रूप अभी तक दिखा है वह ट्रेलर है और आगे यह और खतरनाक तस्वीर दिखा सकता है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि आने वाले समय में दुनियाभर में कोरोना के नए वेरिएंट्स के फैलने की संभावना है, जो महामारी को खत्म करना और मुश्किल बना सकते हैं। समिति ने कहा, ''महामारी अभी खत्म नहीं होने जा रही है। इस बात की अधिक संभावना है कि वैश्विक स्तर पर और ज्यादा खतरनाक वेरिएंट फैल सकते हैं, जिन्हें नियंत्रित करना और अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।'' गौरतलब है कि 2019 के अंत में चीन से निकला कोरोना अब तक दुनिया में 40 लाख से अधिक लोगों की जिंदगी छीन चुका है, जबकि अभी तक कुल 18 करोड़ 93 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं कोरोना वायरस लगातार अपना रूप बदल रहा है और इसका डेल्टा वेरिएंट इस समय अधिकतर देशों में कोहराम मचा रहा है। भारत में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जा रहा वेरिएंट कोरोना के मूल स्वरूप यानी एल्फा वेरिएंट से कहीं अधिक संक्रामक है।  जांच में चीन करे सहयोग डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने चीन से एक बार फिर कह

भोपाल में गड़बड़ियों का टीका:बैरसिया दंपती को बिना वैक्सीन लगाए ही मिला वैक्सीनेशन का मैसेज, सर्टिफिकेट भी कर दिया जारी

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  कोरोना महामारी के बीच वैक्सीनेशन सेंटर पर लोग वैक्सीन लगवाने के लिए परेशान हैं। अब रजिस्ट्रेशन करने वालों को बिना वैक्सीन लगवाए ही डोज लगवाने का मैसेज मिलने की गड़बड़ी भी सामने आ रही है। ऐसा ही मामला बैरसिया से सामने आया है। यहां एक दंपती को को बिना वैक्सीन लगे ही वैक्सीनेशन का न सिर्फ मैसेज आ गया, बल्कि सर्टिफिकेट भी जारी हो गया। अब पीड़ित यह पता करते घूम रहे हैं, उन्हें वैक्सीन कैसे लगेगी। जानकारी के मुताबिक हिनौती सड़क गांव के रहने वाले रामचरण नागर और उनकी पत्नी कृष्णा बाई नागर ने कोरोना वैक्सीन के सेकेंड डोज लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। उन्हें 10 जुलाई को वैक्सीन लगवाने का समय मिला। उनको ग्राम पंचायत धमर्रा जाकर वैक्सीन लगवानी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वे नहीं जा पाए। इसी दिन मोबाइल पर मैसेज आया कि उनको सफलतापूर्वक वैक्सीन लग गई है। मैसेज के बाद उन्होंने सर्टिफिकेट डाउनलोड किया, तो वह हैरान रह गए। गड़बड़ियों का सिलसिला पुराना इससे पहले, भोपाल में एक 13 साल के लड़के वेदांत को 56 साल का बताकर बिना वैक्सीन लगाए सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया था। वहीं, एक 12 साल की लड़की मोहिनी क

सूरत ब्लैक फंगस 'म्यूकोरमाइकोसिस' के ऑपरेशन न्यू सिविल अस्पताल में 400 पार*

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कुलदीप मौर्या  सूरत। गुजरात में कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित सूरत जिले के लोग अब ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का ज्यादा शिकार हो रहे हैं। यहां सूरत न्यू सिविल हॉस्पिटल में ऐसे मरीजों के ऑपरेशन का आंकड़ा 400 को पार कर गया है। जिनमें से 158 मेजर ऑपरेशन हुए, जिसमें 19 की आंख तथा 30 से अधिक मरीजों के जबड़े निकालने पड़े। बीते गुरुवार की बात की जाए तो म्यूकोरमाइकोसिस के 3 नए मरीज और भर्ती हुए। इनके अलावा 8 मरीज स्वस्थ हुए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, फिलहाल सूरत के दोनों सरकारी अस्पतालों में 57 मरीज भर्ती हैं। अब तक 472 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। न्यू सिविल में एक और स्मीमेर अस्पताल में बुधवार को दो नए मरीज भर्ती हुए। ईएनटी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि, जिले में अब तक म्यूकोरमाइकोसिस के बहुत से मरीज मिल चुके हैं। फिलहाल यह संख्या घट रही है। मरीजों की संख्या घटने के बाद अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के कई वार्ड बंद किए हैं। हाल में एक वार्ड में ही मरीज भर्ती है।, आनंद कुमार ने बताया कि, अब तक न्यू सिविल में 401 म्यूकोरमाइकोसिस मरीजों

10 व 11 जुलाई को नही होगा वेक्सिनेशन

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  ऋषभ यादव  ओबैदुल्लागंज(सं):- ब्लॉक ओबैदुल्लागंज अंतर्गत 10 व 11 जुलाई को जिला मुख्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार के अनुसार जिला मुख्यालय पर वैक्सीन की उपलब्धता नही होने के कारण शनिवार व रविवार को ब्लॉक ओबेदुल्लागंज में कोविड टीकाकरण नही किया जाएगा।सोमवार को होने वाले टीकाकरण की जानकारी, रविवार को अलग से दी जाएगी उक्त बात की जानकारी बीएमओ डॉ अरविंद सिंह चौहान द्वारा प्रदान की गई।

एक दिन में 10 लाख लोगों के टीकाकरण का कीर्तिमान

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  • बीते 24 घंटे में 10, 03, 325 लोगों को लगाई गई वैक्सीन • अब तक 3 करोड़ 45 लाख से ज्यादा लोगों को लगाई जा चुकी है वैक्सीन  लखनऊ 07 जुलाई 2021 प्रदेश सरकार ने बुधवार को एक और कीर्तिमान स्थापित किया। बीते 24 घंटों में पूरे प्रदेश में दस लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज़ लगाई गई। स्वास्थ्य विभाग की यह उपलब्धि 31 अगस्त तक 10 करोड़ प्रदेशवासियों को टीका लगाने के लक्ष्य की ओर अग्रसर कदम है।  अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बीते 24 घंटों में प्रदेश में 10, 03, 425 लोगों को वैक्सीन की डोज़ दी गई। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बेशकीमती मेहनत कर यह नया लक्ष्य छुआ है। अब तक औसतन 6 से 8 लाख लोगों को रोजाना टीका लगाया जा रहा था।  उन्होंने बताया कि अब तक 2 करोड़ 93 लाख 18 हजार 619 प्रदेशवासियों को वैक्सीन की पहली डोज़ लगाई जा चुकी है। इसके अलावा 52 लाख 10 हजार लोगों को दोनों डोज़ लग चुकी है। इस प्रकार प्रदेश में 3 करोड़ 45 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।  अमित मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 31 अगस्त तक 10 करोड़ प्रदेशवासियों को टीका लगा देने का लक्ष्य नि

*ग्राम पंचायत मैहरखेड़ी में वैक्सीनेशन कार्यक्रम ग्रामीणजनों के सहयोग से हुआ संपन्न*

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 शुजालपुर  अशोक जाट ग्राम पंचायत मैहरखेड़ी में गुरुवार को वैक्सीनेशन कार्यक्रम ग्रामीण जनों व वरिष्ठ पत्रकारों के सहयोग से संपन्न हुआ जिसमें ग्राम पंचायत के युवा वर्ग के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु सोशल डिस्टेंसिंग का ग्रामीणजनों द्वारा विशेष ध्यान रखा गया वैक्सीनेशन कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के प्रधान झुंझार सिंह परमार सचिव परमानंद शर्मा रोजगार सहायक गोपाल सिंह राजपूत व वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह राजपूत ने ग्रामीण स्तर पर घर घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन लगवाने के लिए प्रेरित किया वेक्सीनेशन कार्यक्रम में 383 को वैक्सीन के डोज स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण जनों को लगाए गए वैक्सीनेशन के ईस महाअभियान आए हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों का योगदान भी प्रशंसा पूर्वक रहा वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत के युवा वर्ग के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया प्रदेश की सरकार भी निरंतर तेज गति से प्रदेश के हर गांवों कस्बों और शहरों में महामारी को रोकने हेतु वैक्सीनेशन का अभियान जारी रखे हुए हैं और प्रदेश की जनता भी वैक्सिंन लगवाने के इस

WHO की चेतावनी- कुछ दिनों में दुनिया का सबसे खतरनाक वैरिएंट साबित होगा डेल्टा

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 इंटरनेशनल डस्क: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक कोविड-19 के डेल्टा स्वरूप के मामले अब करीब 100 देशों में सामने आ चुके हैं, इसके साथ ही उसने आगाह किया कि आने वाले महीनों में यह बेहद संक्रामक स्वरूप पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का सबसे हावी स्वरूप बन जाएगा। डब्ल्यूएचओ ने ‘‘कोविड-19 वीकली एपिडेमियोलॉजिकल अपडेट’’ में अद्यतन आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 29 जून 2021 तक ‘‘96 देशों में डेल्टा स्वरूप के मामले सामने आए और संभव है कि वास्तविक आंकड़ें अधिक हों क्योंकि वायरस के स्वरूप पता लगाने के लिए जिनोम श्रंखला क्षमताएं भी सीमित हैं। इनमें से अनेक देशों ने कहा है कि डेल्टा स्वरूप के कारण उनके यहां संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है।’’ डेल्टा स्वरूप के अत्यधिक संक्रामक होने के मद्देनजर डब्ल्यूएचओ ने आगाह किया कि इस स्वरूप के अन्य स्वरूपों के मुकाबले अधिक हावी होने और आगामी महीनों में सबसे अधिक प्रभावशाली स्वरूप बन जाने का अंदेशा है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए आज के समय में जो कदम उठाए

जनपद पंचायत ओबैदुल्लागंज की बड़ी उपलब्धि रिकॉर्ड 10 ग्राम पंचायतें,एक ही दिन में हुईं 100% वैक्सीनेटेड।

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ऋषभ यादव  ओबेदुल्लागंज(सं):- जनपद पंचायत ओबैदुल्लागंज के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के लिए गुरुवार को 1 जुलाई का दिन बडजे ही खास रहा। कोरोना वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत जनपद पंचायत औबेदुल्लागंज 11 ग्राम पंचायतों में टीकाकरण के लिए 12 केंद्र बनाए गए। ये ग्राम पंचायतें पड़ोनिया,पोलाहा,नांदौर,मगरपूछ,बीलखेड़ी, अमोदा,अंबाई,पारखेड़ी,आशापुरी, कीरतनगर और मेंदुआ वही ग्राम पंचायत नांदौर में दो केंद्र नांदौर और समनापुर बनाए गए एवं अन्य सभी 10 ग्राम पंचायतों में मुख्यालय के ग्राम में पंचायत भवन में टीकाकरण किया गया।ऊपर वर्णित सभी 11 ग्राम पंचायत में से ग्राम पंचायत मगरपूछ को छोड़कर शेष सभी 10 ग्राम पंचायतें   100% वैक्सीनेटेड हो गई है।इनमे गर्भवती एवं धात्री माताओं और गंभीर बीमार को छोड़कर सभी ग्रामवासियों का टीकाकरण सुनिश्चित हो गया है। जनपद पंचायत सीईओ संजय अग्रवाल ने बताया कि,10 ग्राम पंचायत में 100 प्रतिशत वेक्सीनेटेड होना यह एक रिकॉर्ड उपलब्धि क्षेत्र को मिली है। एक जनपद पंचायत की 10 ग्राम पंचायतें 1 दिन में 100% टीकाकृत हुई है।इस अवसर पर विधायक सुरेंद्र पटवा जी विधायक,कलेक्टर उमाकांत भा

उच्च रक्तचाप व मोटापा से पीड़ित गर्भवती को कोविड संक्रमण का खतरा अधिक

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  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गर्भवती के टीकाकरण को महत्वपूर्ण बताया • 'काउंसलिंग प्रेगनेंट वीमेन फॉर कोविड 19 वैक्सीन' गाइडबुक में दी गयी है सलाह • गर्भवती कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड अनुरूप व्यवहार का करें पालन लखनऊ , 01 जुलाई । कोविड संक्रमण का खतरा गर्भवती को भी है । इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'काउंसलिंग प्रेगनेंट वीमेन फॉर कोविड 19 वैक्सीन' गाइडबुक जारी की है, जिसमें गर्भवती के कोविड टीकाकरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी है। गाइडबुक को विशेष रूप से फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा वैक्सीनेटर के लिए तैयार किया गया है, जिसकी मदद से वह गर्भवती को कोविड टीकाकरण से संबंधित सही सलाह देकर टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करने में उनकी मदद कर सकते हैं ।   गर्भवती को भी कोविड संक्रमण का खतरा :  मंत्रालय ने गाइडबुक के जरिये बताया है कि गर्भवती को भी कोविड संक्रमण का खतरा है। अधिकतर गर्भवती में एसिम्टोमेटिक या हल्के लक्षण दिख सकते हैं। हल्के लक्षणों के बावजूद संक्रमण से उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है जो गर्भस्थ शिश

ब्लॉक ओबैदुल्लागंज में नही होगा 29 जून व 30 जून को कोविड टीकाकरण।

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ऋषभ यादव  ओबेदुल्लागंज(सं):-राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार 29 जून व 30 जून को कोविड टीकाकरण नही किया जाएगा। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अरविंद सिंह चौहान द्वारा जानकारी दी गई कि,1 जुलाई को कोविशील्ड के प्रथम के साथ द्वितीय टीका भी लगाया जाएगा। 2 जुलाई को सत्र नही होंगे। वही 3 जुलाई को कोवैक्सीन का सिर्फ द्वितीय टीका लगाया जाएगा (जिनका पूर्व में प्रथम डोज लग चुका है और एक महीने से अधिक समय हो चुका हो।इसके बाद आगामी निर्देशों के अनुसार ही वेक्सिनेशन का कार्य जारी रहेगा।

मानसिक दिव्यांगों को लगे कोरोना सुरक्षा टीके* शहर के वेसू में वीआईपी रोड स्थित श्रीश्याम मंदिर, सूरतधाम में रविवार को अलग तरीके का वैक्सीनेशन कैम्प आयोजित किया गया

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अंजना मिश्रा गुजरात ब्यूरो चीफ  कुलदीप मौर्या सूरत संवाददाता  सूरत. शहर के वेसू में वीआईपी रोड स्थित श्रीश्याम मंदिर, सूरतधाम में रविवार को अलग तरीके का वैक्सीनेशन कैम्प आयोजित किया गया। इसमें मानसिक दिव्यांग बच्चों को कोरोना के सुरक्षा कवच के रूप में टीके लगाए गए और टीका लगवाने वाले मानसिक दिव्यांग बच्चों की संख्या एक सौ तक रही। शहर व आसपास में दिव्यांग बच्चों के लिए कार्यरत स्वयंसेवी संस्था मावजत चेरिटेबल ट्रस्ट व सूरत महानगरपालिका की स्थाई समिति के पूर्व अध्यक्ष अनिल गोपलानी के सहयोग से मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन रविवार को श्रीश्याम मंदिर, सूरतधाम के अंजनी हॉल में किया गया। श्रीश्याम सेवा ट्रस्ट की देखरेख में आयोजित शिविर के दौरान शहर के अलावा कामरेज, कड़ोदरा से भी मानसिक दिव्यांग बच्चों को लेकर उनके अभिभावक श्रीश्याम मंदिर, सूरतधाम पहुंचे। बच्चों के कोरोना से बचाव का टीका लगने के बाद उन्हें उपहार बांटे गए और प्रसादी ग्रहण करने के बाद वे अभिभावकों के साथ पूर्व निर्धारित बस व्यवस्था से अपने-अपने घरों को लौटे। विशेष शिविर के दौरान कई आमंत्रित मेहमानों के अलाव

21 जून टीकाकरण महाअभियान मध्यप्रदेश पर जागरूकता रैली आयोजित

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  अर्चना शर्मा  बीनागंज:- विकास खंड चाचौड़ा में 20 जून को टीकाकरण के एक दिन पूर्व कोविड-19  टीकाकरण महाभियान पर चाचौड़ा बीनागंज के साथ साथ ग्राम अजगरा,रमडी,उमरथाना, पेंची,बिजनीपुरा में प्रशासनिक अधिकारियो के मार्गदर्शन में एन एस एस टीम द्वारा ग्रामीणजनों को प्रेरित किया।  यह महाअभियान 21 जून से 30 जुन तक प्रत्येक ग्राम में होने वाले टीकाकरण होने हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। ग्रामीण क्षेत्रो में टीकाकरण अभियान में सरपंच,सचिव,रोजगार सहायक ,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं आशा कार्यकर्ता की सहभागिता रही जिसमे एन एस एस टीम को साथ लेकर वैक्सीनेशन के लिये जागरूक किया। इस जागरूकता रैली में तहसीलदार विजयपाल सिंह चौहान, नायब तहसीलदार डॉ उदयभान सिंह जाटव,श्रवण कुमार नांगले सीडीपीओ,विक्रांत शर्मा ब्लॉक कोर्डिनेटर, एन एस एस प्रशिक्षित कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर आर सी घावरी, लीलाधर सेन, हेंमत गौड़, समाजसेवी कालूराम सेन, मनोज शिवहरे सहित एन एस एस स्वयंसेवक अभिलाषा सेन, हर्षिता चौहान, मीना माली, राजेश सुमन, हर्ष श्रीवास्तव, आशुतोष विश्वकर्मा, भोला शिल्पकार, अनिकेत साहू आदि ने सहभागिता की

भोपाल के बच्चों में फंगस का पहला केस:3 साल की बच्ची में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले, बच्ची काे टाइप-1 डायबिटीज भी, हमीदिया में भर्ती

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बुधवार को भोपाल में तीन साल की एक बच्ची में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखे। शहर में इतनी कम उम्र के ब्लैक फंगस के मरीज का यह पहला केस है। बच्ची को हमीदिया अस्पताल के म्यूकर वार्ड में भर्ती किया गया है। उसका इलाज कर रहे डॉ. यशवीर ने बताया कि बच्ची को टाइप-1 डायबिटीज भी है। जन्म के एक साल बाद उसमें बीमारी का पता चल गया था। तब से वह एंटीबायोटिक दवाएं ले रही है। इसीलिए उसमें ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। हमने कुछ सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है। बता दें कि शहर में 18 साल के दो बच्चों में ब्लैक फंगस मिल चुका है। जबकि प्रदेश में अब तक 18 से कम उम्र के चार मरीज ही मिले हैं। 14 नए मरीज मिले, भाेपाल और रीवा में तीन की माैत ​​​​​​​राज्य के 13 सरकारी मेडिकल काॅलेजाें में बुधवार काे ब्लैक फंगस के 14 नए केस मिले। जबकि 42 नए मरीज यहां भर्ती हुए। भाेपाल के हमीदिया अस्पताल में 1 और रीवा के एसएस मेडिकल काॅलेज में 2 संक्रमिताें की माैत हाे गई। इन मेडिकल कॉलेजों में अब तक 92 मरीजों की मौत हो चुकी है। गांधी मेडिकल काॅलेज सहित राज्य के पांच सरकारी मेडिकल काॅलेजाे

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी - बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, प्यार व अधिकार, सरकार करेगी सपने साकार के नारे के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग ने तैयार किया मसौदा - पात्रता से लेकर अन्य जरूरी शर्तों का मसौदा तय - अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित

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  अर्चना शर्मा सम्पादक प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस भोपाल  लखनऊ, 02 जून, 2021।  कोविड काल (मार्च 2020 से) में अपने माता.पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के जीवन को संवारने के लिए तैयार उ0 प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के साथ ही उसे धरातल पर उतारने में महिला एवं बाल विकास विभाग पूरी मुस्तैदी से जुट गया है। इसके तहत चिन्हित बच्चों की लिस्टिंग समेत पात्रता की शर्तों और जिलों में योजना को अमलीजामा पहनाने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गयी है। इस तत्परता का मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है। इस योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण,पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है । पात्रता की शर्तें: महिला कल्याण निदेशक मनोज कुमार राय का कहना है कि उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जिन बच्चों को लाभान्वित किया जाना है, उनकी श्रेणी तय कर दी गयी है: -योजना में शून्य से 18 साल के ऐसे बच्चे शामिल किये जायेंगेए जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु कोविड काल में हो गयी हो या  -

यूपी : प्रदेश में ब्लैक फंगस के एक हजार मरीज, 54 की निकाली गईं आंखें, 80 की मौत

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  मरीजों की संख्या एक हजार के करीब पहुंची अब तक इसका मुकम्मल इलाज ठीक से शुरू नहीं हो सका बड़े शहरों में तो तत्काल इलाज मिल भी रहा है, लेकिन छोटे शहरों से मरीजों को सिर्फ रेफर किया जा रहा है कोरोना वायरस के खतरों के बीच प्रदेश में ब्लैक फंगस भी कहर बरपा रहा है। अब तक मरीजों की संख्या एक हजार के करीब पहुंच गई है। 54 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ी हैं, जबकि 80 लोगों ने जान गंवा दी है। दावों के विपरीत हकीकत यह है कि अब तक इसका मुकम्मल इलाज ठीक से शुरू नहीं हो सका है। बड़े शहरों में तो तत्काल इलाज मिल भी रहा है, लेकिन छोटे शहरों से मरीजों को सिर्फ रेफर किया जा रहा है। जब तक वह हायर सेंटर पहुंच रहे हैं तबतक हालत बिगड़ चुकी होती है। दवाएं और इंजेक्शन न मिलने की शिकायतें भी कई जगह से मिल रही हैं।  इंजेक्शन के इंतजार में चली गई जान गाजियाबाद के एक मरीज में तीनों ही फंगस के लक्षण थे। उसे बचाने के लिए इंजेक्शन की जरूरत थी, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। इलाज वक्त पर नहीं मिल रहा है इसको ऐसे भी समझा जा सकता है कि शाहजहांपुर में 5 मरीज मिले थे लेकिन जब तक वह रेफर होकर बड़े शहर पहुंचत

WHO की चेतावनी, जब तक 70 फीसदी नहीं हो जाता वैक्सीनेशन, तब तक Corona पर काबू मुश्किल

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नई दिल्ली। डब्ल्यूएचओ ( World Health Organisation) के यूरोपीय निदेशक ने चेतावनी दी कि कोविड -19 ( Covid 19 ) महामारी तब तक खत्म नहीं होगी जब तक कि कम से कम 70 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि सिर्फ की ही बात करें तो यहां वैक्सीनेशन काफी धीमा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक हंस क्लूज ने एक साक्षात्कार में आगाह किया है , जबकि जब तक वैक्सीनेशन की प्रक्रिया नहीं हो जाती और 70 फीसदी लोगों को टीके नहीं लग जाते तब तक कोरोना का खतरा बना रहेगा। क्लूज ने ये भी कहा कि एक बार जब हम टीकाकरण में 70 प्रतिशत न्यूनतम कवरेज तक पहुंच जाएंगे तो महामारी को खत्म करने में भी कामयाब हो सकते हैं। कोरोना के नए वैरियंट भी चिंताजनक क्लूज ने इस बात की चिंता भी जाहिर की कि कोरोना के लगातार नए वैरियंट का फैलाव बड़ी चिंता का कारण है। इस पर काबू करने के लिए भी वैक्सीनेशन बड़ा हथियार साबित हो सकता है। क्लूज ने कहा कि हम जानते हैं कि B.1617 (भारतीय संस्करण) B.117 (ब्रिटिश संस्करण) की तुलना में अधिक पारगम्य है, जो पहले से ही पिछले स्ट्रेन की तुलना में अधिक फैलने वाला और खतरनाक

COVID-19: रेमडेसिवीर के बाद अब ब्लैक फंगस के चलते एम्फोसिन इंजेक्शन की खपत हुई तेज, गुजरात में मची अफरा-तफरी

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  गांधीनगर.  देश में कई शहरों के अस्‍पतालों से अब कोरोना मरीजों को ब्लैक फंगस इंफेक्शन (Black Fungus Infection) होने के मामले भी सामने आ रहे हैं. राजधानी दिल्ली के अस्पताल के बाद अब गुजरात के अस्‍पताल में ऐसे कोरोना मरीज मिले हैं, जो फंगल इंफेक्शन - म्यूकोर्माइकोसिस या ब्लैक फंगस (Mucormycosis) से पीड़ित पाया गया है. तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच इसे एक नई और दुर्लभ बीमारी बताया जा रहा है. रेमडेसिवीर के बाद म्यूकोर्माइकोसिस के इंजेक्शन की भी भारी कमी है. नतीजतन मरीजों के परिवारों को इन इंजेक्शनों को लेने के लिए कई मेडिकल स्टोरों पर जाना पड़ता है. म्यूकोयकोसिस का उपचार बेहद महंगा और जटिल है. इलाज के दौरान रोगी को 15 से 21 दिनों के लिए एम्फोसिन-बी का इंजेक्शन दिया जाता है. यदि आवश्यक हो तो दूरबीन के माध्यम से नाक से फंगस को हटाने के लिए सर्जरी भी की जाती है. तब भी इंजेक्शन उपचार जारी रहता है. इस उपचार के लिए रोगी के वजन के आधार पर प्रतिदिन 6 से 9 इंजेक्शन की आवश्यकता होती है. एक इंजेक्शन की लागत 6 से 7 हजार रुपये होती है और 20 से 28 दिन के इंजेक्शन कोर्स में 13 से 14 ला

खुद कोरोना फैला कर, कोरोना से बचा रहा था लोगों को

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  अंजना मिश्रा  सूरत. शहर के सिंगणपोर इलाके में एक अजीबो- गरीब मामला सामने आया है। एक कोरोना पॉजिटिव व्यापारी होम क्वारंटाइन का भंग कर ना सिर्फ बाहर निकलता था, बल्कि कोविड केयर सेन्टर में सेवा भी दे रहा था। मनपा अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोरोना कलस्टर जोन कतारगाम आंबातलावड़ी कृष्णा रेजिडेंसी निवासी व्यापारी जवेर मोहन डाभी का गत 20 अप्रेल को कोविड आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था। जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद उनकी पत्नी व परिजनों का भी आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया। वे भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। मनपा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन किया था। इस बीच सोमवार सुबह 11 बजे मनपा अधिकारी मुकेश टंडेल व उनकी टीम सुपरविजन के लिए उनके घर पहुंची तो जवेर डाभी घर पर नहीं मिले। मनपा टीम ने सोसायटी के प्रमुख वल्लभभाई से पूछताछ की तो पता चला कि वह बाहर गए हुए हैं। पूछताछ में मनपा की टीम को पता चला कि जवेर स्वयं कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद पाटीदार समाज की वाड़ी में बनाए गए कोविड केयर सेन्टर

1 मई से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोग लगवा सकेंगे कोरोना वैक्‍सीन, PM मोदी की बैठक के बाद फैसला

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  नई दिल्‍ली.  देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से बिगड़ते हालात के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को टीकाकरण (Covid 19 Vaccination) को लेकर बड़ी घोषणा की है. इसके तहत सरकार 1 मई से देश में कोरोना वैक्‍सीन टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू करने जा रही है. इसमें 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोग कोविड 19 वैक्‍सीन लगवाने के पात्र होंगे. केंद्र सरकार का यह फैसला दवा कंपनियों और टॉप डॉक्‍टर्स के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को हुई बैठक के बाद आया है. सरकार का कहना है कि विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में टीकों की खरीद और टीका लगवाने की पात्रता में ढील दी जा रही है. सरकार की ओर से कोरोना वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनियों को उनकी 50 प्रतिशत तक आपूर्ति पहले घोषित किए गए दाम पर राज्य सरकारों और खुले बाजार में बेचने का अधिकार दिया गया है. राज्य सरकारों को अधिकार दिया गया है कि वे अतिरिक्त वैक्सीन की डोज निर्माताओं से ले सकेंगी. इसके अलावा 18 साल के ऊपर के लोगों को वैक्सीन देने की छूट भी है. 1 मई से खुले बाजार में वैक्सीन उपलब्ध होगी लेकिन टीका लेने के लिए प्रोटोकॉल का पालन करना