आदिवासी बस्ती हटाने के नोटिस पर जीतू पटवारी का तीखा तेवर एडीएम से बोले— कलेक्टर को बता देना, एक ईंट भी हटी तो मैं मौके पर खड़ा मिलूंगा
राजधानी भोपाल के मानस भवन में आयोजित सामाजिक न्याय सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कार्यक्रम उस वक्त अचानक बदल गया, जब मानस भवन से सटी आदिवासी झुग्गी बस्ती की महिलाएं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के साथ उनसे मिलने पहुंचीं।
मानस भवन से सटी आदिवासी झुग्गी बस्ती की महिलाएं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के साथ उनसे मिलने पहुंचीं।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भोपाल के मानस भवन में सामाजिक न्याय सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। यहां मानस भवन से लगी आदिवासियों की झुग्गी बस्ती की महिलाएं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के साथ पटवारी से मिलने पहुंची।
कांग्रेस का विरोध-कार्रवाई को लेकर गोलमटोल जवाब मानस भवन के पीछे झुग्गी में रहने वाले परिवारों की शिफ्टिंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस सवाल खड़े कर चुकी हैं। कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध जताया है। रविवार को प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एडीएम को खरी-खोटी सुनाई थी। अफसरों को डर है कि कहीं कार्रवाई के दौरान कोई हंगामा न हो जाए। इसलिए पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा जा रहा है।
एडीएम के आदेश अनुसार, 29 दिसंबर की सुबह 6 बजे से अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। समझा जा रहा है कि इसके बाद कार्रवाई हो सकती है। दूसरी ओर, एसडीएम दीपक पांडे का कहना है कि परिवारों को बेहतर जगह पर शिफ्ट किया जाएगा। कार्रवाई सोमवार को ही होगी? इस सवाल को लेकर भी अफसर गोलमटोल जवाब दे रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान 4 एसडीएम रविशंकर राय, दीपक पांडे, लक्ष्मीकांत खरे, अर्चना शर्मा, 4 तहसीलदार हर्षवर्धन सिंह, अनुराग त्रिपाठी, करुणा दंडोतिया, सौरभ वर्मा, नायब तहसीलदार राजेश गौतम, अतुल शर्मा, सुनीता देहलवार, प्रेमप्रकाश गोस्वामी, योगेश श्रीवास्तव, दिनकर चतुर्वेदी, मो. इदरीश खान, प्रतिनेश तिवारी, शुभम जैन और अंकिता यदुवंशी की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोले- कलेक्टर को बता देना, एक भी ईंट हटाओगे तो मैं यहां खड़ा मिलूंगा पीसीसी चीफ पटवारी रविवार को मानस भवन में सामाजिक न्याय सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। यहां मानस भवन से लगी आदिवासियों की झुग्गी बस्ती की महिलाएं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के साथ पटवारी से मिलने पहुंचीं।
आदिवासी बस्ती की महिलाओं ने जीतू पटवारी से कहा कि करीब 60-70 साल से हम लोग यहीं पीछे झुग्गी बस्ती में रहते आए हैं। प्रशासन ने हमारे घर तोड़ने का नोटिस दिया है। आप हमारी स्थिति देख लीजिए, तंग गलियों में हमने कर्ज लेकर जैसे तैसे छोटे-छोटे घर बनाए अब प्रशासन इन्हें मानस भवन के लिए तोड़ना चाहता है। इसके बाद जीतू पटवारी आदिवासी बस्ती में खुद गए और स्थिति को देखा।
मौके से ही पटवारी ने पहले स्थानीय एसडीएम दीपक पांडे को फोन किया और कहा कि मैंने कलेक्टर साहब को फोन लगाया था, उनका फोन बंद आ रहा है। मैं चीफ सेक्रेटरी से भी बात कर रहा हूं। ये मानस भवन वाले मकान अगर आप तोड़ोंगे तो हम आपके खिलाफ खड़े रहेंगे। मैं खुद भी आऊंगा और हमारी पूरी कांग्रेस रहेगी। ये बता देना। पटवारी ने एडीएम मेश्राम को भी कॉल किया और कहा कि पुरानी आदिवासी बस्ती है अगर इसे तोड़ोंगे तो बता देना प्रशासन को, मैं और पूरी कांग्रेस यहां खड़ी मिलेंगी।
तीन जगहों पर शिफ्टिंग का अनुमान इन परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा, और मालीखेड़ी में बने आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पर लोगों को निशुल्क, यानी बिना राशि लिए, ये आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास की राशि 2 लाख प्रति परिवार मानस भवन प्रबंधन उठाएगा। मालीखेड़ी को लेकर राशि भी नगर निगम को जमा करवा दी गई है।
70 साल पुरानी है ये बस्ती यह बस्ती लगभग 70 साल पुरानी है। यहां 27 से अधिक आदिवासी और कुछ गैर-आदिवासी परिवार रहते हैं। शासन ने 25 अगस्त को नोटिस जारी किया और कहा गया कि सात दिन में जगह खाली करें। यहां 27 परिवारों के 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। दीवाली के दौरान शिफ्टिंग का विरोध भी हुआ था।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस