सीएम मोहन यादव ने डिजीफेस्ट से किया बड़ा ऐलान - राजस्थान को 5 नहीं, 7% पानी देने को तैयार, बोले बहते पानी को कोई नहीं रोक सकता

राजस्थान–मध्यप्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा और सधा हुआ बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि “राजस्थान पाकिस्तान थोड़ी है।

सीएम मोहन यादव ने  डिजीफेस्ट से किया बड़ा ऐलान - राजस्थान को 5 नहीं, 7% पानी देने को तैयार, बोले बहते पानी को कोई नहीं रोक सकता

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजस्थान डिजीफेस्ट–TiE ग्लोबल समिट 2026 में भाग लेने जयपुर पहुंचे। यहां उन्होंने राजस्थान-मध्य प्रदेश को भाई राज्य बताते हुए साझा विरासत, PKC नदी परियोजना और युवाओं के लिए आईटी आधारित रोजगार पर जोर दिया।

Rajasthan Digifest 2026: पानी पर राजनीति नहीं, समाधान की बात… जयपुर से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल विवाद पर ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. डिजी फेस्ट 2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने साफ कहा राजस्थान को पानी देने में कोई कंजूसी नहीं होगी. पांच प्रतिशत नहीं, ज़रूरत पड़ी तो सात प्रतिशत पानी भी दिया जाएगा. राजस्थान कोई पाकिस्तान नही है. कांग्रेस शासन में लटका रहा जल विवाद अब सहयोग और सहमति की दिशा में आगे बढ़ रहा है. पड़ोसी राज्यों के रिश्ते कैसे निभाए जाते हैं, इसका संदेश जयपुर से पूरे देश को दिया गया.

राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होने आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पानी विवाद को लेकर कहा कि राजस्थान कोई पाकिस्तान नहीं है. जिसे पानी से वंचित रखा जाए. उन्होंने कहा कांग्रेस शासन के दौरान जल को लेकर विवाद चलता रहा. लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार राजस्थान को 5 नहीं, बल्कि 7 प्रतिशत पानी देने को भी तैयार है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है और बहते पानी को कोई नहीं रोक सकता. यह पानी स्वाभाविक रूप से बंगाल की खाड़ी तक जाता है, ऐसे में पड़ोसी राज्यों के साथ न्याय होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पानी को लेकर राजनीति नहीं, बल्कि समाधान की आवश्यकता है और यही सोच वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है. डिजीफेस्ट के मंच से उन्होंने कहा कि जयपुर में हो रहा यह आयोजन केवल राजस्थान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजस्थान और मध्य प्रदेश के साझा भविष्य का प्रतीक है. दोनों राज्यों की साझा संस्कृति और भाईचारे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज की पहचान यही है कि वह आपदा में भी अवसर खोज लेता है.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रतिस्पर्धा जरूरी है. लेकिन वह एक-दूसरे को गिराने वाली नहीं, बल्कि साथ लेकर आगे बढ़ने वाली होनी चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक बार फिर स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है और राज्यों के बीच सहयोग इसी सोच का परिणाम है. उन्होंने पर्यटन क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश, दोनों ही प्रदेश देश में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. जल विवाद के समाधान को उन्होंने अंतरराज्यीय सहयोग का उदाहरण बताया और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों की सराहना की.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की अड़चन नहीं होनी चाहिए. अधिकारियों की भूमिका अहम है. लेकिन चुनी हुई सरकार जनता की जरूरतों को प्राथमिकता देती है. उन्होंने कहा कि अगर जनहित में मांग आती है, तो सरकार और आगे बढ़कर निर्णय लेगी. निवेश के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में मध्य प्रदेश ने इन्वेस्टमेंट लेन में लगातार काम किया है और अब उसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं. होटल, अस्पताल और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट्स में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार 25 एकड़ भूमि एक रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध करा रही है.

बहरहाल, डिजी फेस्ट जैसे आयोजन राज्यों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सहयोग को मजबूत करते हैं. जब राज्य एक-दूसरे से सीखते हुए आगे बढ़ते हैं, तो उसका सीधा लाभ देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों को मिलता है.