डिप्टी सीएम बनेंगी सुनेत्रा पवार,महाराष्ट्र को मिलेगी पहली महिला उपमुख्यमंत्री, आज होगी विधायक दल की बैठक, ले सकती हैं शपथ

सुनेत्रा पवार एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आती हैं। वे पूर्व कैबिनेट मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं। हालांकि उन्होंने 2024 में बारामती से सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली थी।

डिप्टी सीएम बनेंगी सुनेत्रा पवार,महाराष्ट्र को मिलेगी पहली महिला उपमुख्यमंत्री, आज होगी विधायक दल की बैठक, ले सकती हैं शपथ

अजित पवार के निधन के बाद यह तय हो गया है कि उनकी जगह कौन लेगा. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है. यह फैसला पिछले 24 घंटों में चर्चा का केंद्र रहा है. सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी. लेकिन सवाल यह है कि वे इस बड़े पद के लिए कैसे राजी हुईं? और अगर उन्हें सही साथ मिला तो क्या वे राजनीति की 'धुरंधर' साबित हो सकती हैं?

Sunetra Pawar: महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं। यह फैसला उनके पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की बारामती में हुई विमान दुर्घटना के तीन दिन बाद लिया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने शनिवार दोपहर 2 बजे अपने विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को आधिकारिक रूप से एनसीपी विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद शाम करीब 5 बजे राजभवन में एक सादे समारोह में वे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं।

वरिष्ठ एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "सुनेत्रा पवार के नाम पर पार्टी में पूरी सहमति है। अजीत दादा की जगह को भरने के लिए परिवार के सदस्य का नेतृत्व जरूरी है।" इससे पहले कल प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे जैसे वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उन्हें इस फैसले की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट किया कि भाजपा और सरकार इस घड़ी में पवार परिवार और एनसीपी के हर निर्णय के साथ मजबूती से खड़ी है।

सुनेत्रा पवार एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आती हैं। वे पूर्व कैबिनेट मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं। हालांकि उन्होंने 2024 में बारामती से सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली थी। वे लंबे समय से बारामती निर्वाचन क्षेत्र में अजीत पवार के जमीनी कामकाज को संभालती रही हैं। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें राज्यसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ सकती है और बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में उतरना होगा।

पति के असामयिक निधन के बाद केंद्रीय भूमिका में आईं सुनेत्रा पवार

अजित पवार की अचानक मृत्यु के बाद, महाराष्ट्र की राजनीति में सुनेत्रा पवार का नाम महत्वपूर्ण स्थान पर आ गया है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि उनके अनुभव, पारिवारिक नेटवर्क और सामाजिक प्रतिबद्धता के कारण पार्टी नेतृत्व उन्हें आगे बढ़ा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी को एक मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है. 

क्या शरद पवार की NCP साथ होगा विलय?

अजीत पवार के निधन के बाद अब दोनों एनसीपी गुटों (शरद पवार और अजीत पवार गुट) के विलय की चर्चाएं भी तेज हैं। सूत्रों का दावा है कि अजीत पवार अपने निधन से पहले विलय की शर्तों पर काफी हद तक सहमत थे। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी दोनों गुटों ने एक ही चुनाव चिह्न (घड़ी) के तहत मिलकर चुनाव लड़ा है। हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि इस पर अंतिम फैसला परिवार और एनडीए (NDA) के साथ भविष्य के रिश्तों को देखकर लिया जाएगा।