प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन :विमान में सवार सभी 5 लोग मारे गए; बारामती में लैंडिंग के दौरान हादसा

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा एक विमान बुधवार सुबह महाराष्ट्र के बारामती में लैंडिंग की कोशिश करते वक्त क्रैश हो गया. इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई है.

प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन :विमान में सवार सभी 5 लोग मारे गए; बारामती में लैंडिंग के दौरान हादसा

महज 23 साल की उम्र में अजीत पवार कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में शामिल हो गए थे। 1991 में बारामती से सांसद चुने गए। इसके बाद वह लगातार 7 बार बारामती से विधायक भी बने।

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का निधन हो गया है। वे 66 साल के थे। बुधवार सुबह 8.45 बारामती में उनका प्लेन क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कि बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान यह हादसा हुआ। प्लेन में अजित पवार के साथ मौजूद उनके पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षाकर्मी और प्लेन स्टाफ समेत 5 लोगों की जान गई है।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार पवार मुंबई से चार्टर्ड प्लेन में बारामती गए थे। वहां लैंडिंग के दौरान प्लेन रनवे से फिसल गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय DGCA ने हादसे में 5 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। थोड़ी देर पहले 6 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि यही वीडियो अजित पवार के हेलीकॉप्टर का है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक झाड़ियों वाले इलाके में हादसा हुआ है और हादसे वाली जगह से धुआं भी उठ रहा है. जानकारी के मुताबिक यह एक प्राइवेट जैट था और हादसे के बाद की तस्वीरें काफी हैरान करने वाली हैं, क्योंकि विमान का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर राख हो गया है. 

अजित पवार महाराष्ट्र पंचायत चुनाव के लिए बारामती में 4 सभाओं को संबोधित जा रहे थे। शरद पवार और सुप्रिया सुले दिल्ली में थे। हादसे की जानकारी मिलते ही वे पूरे परिवार के साथ बारामती के लिए निकल रहे हैं। परिवार के बाकी लोग उनके मुंबई आवास के लिए रवाना हो गए हैं।

अजित पवार का सफर

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देओलाली प्रवरा गांव में हुआ था. अजित पवार शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे थे. अनंतराव पवार मुंबई के मशहूर राजकमल स्टूडियो में काम करते थे. पिता के निधन के बाद अजित पवार को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी. अजित पवार ने 1982 में एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा. इस दौरान उनके चाचा शरद पवार उस राजनीतिक दिग्गज बन चुके थे. उनके साथ मिलकर अजित पवार ने राजनीति की बारीकियों को सीखा.