भारत-EU के बीच डील साइन-बड़ा समझौता', पीएम मोदी ने किया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान, बताया कैसे होगा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय नेताओं के बीच कई पहलुओं पर चर्चा होनी है. इसके लिए यूरोपीय नेताओं ने पीएम मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने यूरोपीय नेताओं का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया.
16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में होने वाली यह डील व्यापार, सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई मजबूती देगी और दोनों पक्षों के रिश्ते रणनीतिक रूप से और मजबूत होंगे.
भारत (India) और यूरोपीय संघ (EU) आज ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा करेंगे. 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में होने वाली यह डील व्यापार, सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई मजबूती देगी और दोनों पक्षों के रिश्ते रणनीतिक रूप से और मजबूत होंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India Energy Week 2026 के उद्घाटन समारोह में भारत-EU ट्रेड डील को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों के साथ भारत की यह डील दुनिया में “Mother of All Trade Deal” कही जा रही है. मोदी ने बताया कि EU के साथ हुआ यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ब्रिटेन और EFTA जैसे पहले के समझौतों को भी मजबूती देगा. इससे न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन को भी नया सहारा मिलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और रूल ऑफ लॉ के प्रति दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत-EU ट्रेड डील पर बातचीत पूरी तरह भरोसे के माहौल में हो रही है. इस समझौते से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा और दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे. सर्विस सेक्टर में भी विस्तार होगा और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से आपसी विश्वास और गहरा होगा. पीएम मोदी के मुताबिक यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ, दोनों के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से सहायक साबित होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “यूरोपीय देशों से भारत की डील को लोग दुनिया में ‘Mother of All Deal’ कह रहे हैं.”
करीब दो दशक तक चली लंबी बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ आज 27 जनवरी को अपने ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा करने जा रहे हैं. यह घोषणा 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में की जाएगी. इस अहम बैठक की सह-अध्यक्षता यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन कर रहे हैं.
दोनों नेता इस समय भारत के राजकीय दौरे पर हैं और 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे. यह समझौता भारत और EU के रिश्तों को नई मजबूती देगा, जिसमें व्यापार, सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा. यह डील दोनों पक्षों के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है. इस बीच अमेरिका की तरफ से प्रतिक्रिया आ रही है, जहां ट्रंप के मंत्री ने कहा है, "यूरोप अपने ही खिलाफ युद्ध को फंड कर रहा है."
शराब, बीयर और जैतून का तेल होगा सस्ता
इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ से आने वाले कृषि-खाद्य उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे शुल्क को घटा दिया गया है. जैतून का तेल (Olive Oil), मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेलों पर अब शून्य प्रतिशत शुल्क लगेगा. शराब (Wine) पर लगने वाला 150% टैक्स घटकर 20-30% के दायरे में आ जाएगा, जबकि बीयर पर शुल्क 110% से घटाकर 50% और स्पिरिट पर 40% कर दिया गया है. इससे भारतीय प्रीमियम अल्कोहल बाजार में प्रतिस्पर्धा और विविधता बढ़ेगी.
कारों और मशीनरी पर भी बड़ी राहत
यूरोपीय कारों के लिए भारत ने सालाना 2,50,000 वाहनों के कोटा के साथ आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% तक लाने का फैसला किया है. मशीनरी पर लगने वाला 44% तक का टैक्स और रसायनों पर 22% टैक्स भी अब करीब खत्म हो जाएगा. विमान और अंतरिक्ष यान से जुड़े लगभग सभी उत्पादों पर से टैरिफ हटा दिया गया है, जो भारत के एविएशन सेक्टर के लिए बड़ी खुशखबरी है.
ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण के लिए 500 मिलियन यूरो
व्यापार के अलावा, यह समझौता जलवायु परिवर्तन की दिशा में भी एक बड़ा कदम है. यूरोपीय संघ अगले दो वर्षों के भीतर भारत को 500 मिलियन यूरो (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) की सहायता देगा. यह फंड भारत के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास को रफ्तार देने में खर्च किया जाएगा. इसके लिए 2026 की पहली छमाही में एक विशेष 'क्लाइमेट एक्शन प्लेटफॉर्म' भी लॉन्च किया जाएगा..
भारत-ईयू समझौते को सराहाभारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ महत्वपूर्ण नया समझौता 140 करोड़ भारतीयों और यूरोपीय नागरिकों के लिए विशाल अवसर लेकर आया है, जो दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है. यह समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस