मंच छोड़कर भागे एमपी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष,बजट कार्यक्रम में UGC कानून का विरोध... टेंट में घुसे प्रदर्शनकारी, चली लाठियां, दस पर केस
भाजपा मंडल अध्यक्ष वीनस गोयल और नगर परिषद उपाध्यक्ष राजीव सिकरवार सहित अन्य नेता इस घटना से काफी नाराज दिखे। उन्होंने भीड़ को शांत करने की कोशिश की लेकिन उग्र प्रदर्शनकारियों के सामने वे तिलमिला कर रह गए। नेताओं ने पुलिस से शिकायत की कि लाइव प्रसारण के दौरान इस तरह की हरकतें अस्वीकार्य हैं।
सुरक्षा कारणों से एमपी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीरसिंह रावत को मंच से हटना पड़ा
मध्यप्रदेश के शिवपुरी में रविवार को यूजीसी कानून मामले पर बवाल हो गया।
(शिवपुरी): मध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस हैरान कर देने वाले मामले में बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष को मंच छोड़कर भागना पड़ा। दरअसल ये मामला यूजीसी कानून पर मचे बवाल का है। यहां पर गुस्साए लोगों ने बीजेपी के नेताओं पर कुर्सियां तक फेंकी दी।
जानकारी के मुताबिक शिवपुरी के करैरा में सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी के नए कानूनों के खिलाफ विरोध रैली निकाली गई थी। रैली के दौरान पुलिस सहायता केंद्र पर यह घटना घटी। दरअसल केंद्र पर भाजपा के बजट सत्र का लाइव प्रसारण चल रहा था, और कई नेताओं के साथ कार्यकर्ता वहां मौजूद थे।
इसी बीच रैली पुलिस सहायता केंद्र के सामने से गुजरती है , और कुछ युवाओं ने भीड़ में से पानी की बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। इस कारनामे के बाद स्थिति बिगड़ गई। कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया। कुछ लोगों ने तो माइक को छीनकर ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत भी मौजूद थे, लेकिन बढ़ते हंगामे के चलते उन्हें मंच छोड़कर जाना पड़ा।
इसके बाद तो प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियों को तोड़ना शुरु कर दिया.. और माहौल देखते ही देखते अफरा-तफरी वाला बन गया। लिहाजा मौके को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कड़ी मशक्कत से स्थिति संभाली। वहीं इस घटना के बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष और नगर परिषद उपाध्यक्ष के साथ ही कई नेता असहज और नाराज नजर आए। उग्र प्रदर्शनकारियों के सामने वे भी असहाय नजर आए।
वहीं सुरक्षा कारणों के चलते बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष को मंच छोड़ना पड़ा। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष पवन लोधी, और जनपद अध्यक्ष पुष्पेंद्र जाटव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद थे। फिलहाल ये घटना बताती है कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के लोगों में बीजेपी के खिलाफ कितना गुस्सा है।
दरअसल यूजीसी को “काला कानून” 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान था. रविवार सुबह बंद के दौरान जब भाजपा के बजट कार्यक्रम चल रहे थे, तभी कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने अचानक कार्यक्रम स्थलों पर धावा बोल दिया जिससे स्तिथि तनाव वाली बन गई ।
भारत बंद का दिखा मिला-जुला असर
यूजीसी के नए कानून के विरोध में रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने करेरा और शिवपुरी में भाजपा का बजट कार्यक्रम को अपना निशाना बनाया. प्रदर्शन कर रहे लोग नारेबाजी करते हुए बजट कार्यक्रम में घुस गए और जमकर उत्पात मचाया. इस दौरान उन्होंने तोड़फोड़ करते हुए कुर्सियां उठा-उठाकर पटकी और फेंकी. भाजपा के बजट कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत सहित स्थानीय पदाधिकारी मौजूद थे. प्रदर्शनकारियों ने मंच पर चढ़कर एलसीडी में चल रहा बजट प्रसारण बंद करा दिया. हालात बिगड़ते देख रणवीर सिंह रावत को कार्यक्रम स्थल से अलग हटना पड़ा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भाजपा विरोधी नारे भी लगाए.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस