संसद के गेट पर तीखी बहस:अनपब्लिश्ड बुक लेकर संसद पहुंचे राहुल, केंद्रीय मंत्री बिट्‌टू को गद्दार कहा, मंत्री बोले- देश का दुश्मन

कभी करीबी रहे रवनीत सिंह बिट्टू को देखकर राहुल गांधी ने तंज कसते हुए बिट्टू को "माय ट्रेटर फ्रेंड" (मेरा गद्दार दोस्त) कहकर संबोधित किया. इस टिप्पणी पर बिट्टू ने भी पलटवार किया और राहुल गांधी को "देश का दुश्मन" करार दिया.

संसद के गेट पर तीखी बहस:अनपब्लिश्ड बुक लेकर संसद पहुंचे राहुल, केंद्रीय मंत्री बिट्‌टू को गद्दार कहा, मंत्री बोले- देश का दुश्मन

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू मकर द्वार पर प्रोटेस्ट कर रहे कांग्रेस सांसदों के पास से गुजरे रहे थे। इस दौरान राहुल ने उन पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'गद्दार' कहा। वहीं, मंत्री ने जवाब देते हुए राहुल को 'देश का दुश्मन' कहा।

संसद भवन के मकर द्वार पर उस वक्त राजनीतिक माहौल गरमा गया जब निलंबित सांसदों के धरने के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक देखने को मिली जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें ‘गद्दार' कहकर संबोधित किया और उसके जवाब में बिट्टू ने कांग्रेस नेताओं को ‘देश के दुश्मन' बताया. 

दरअसल, राहुल गांधी धरना दे रहे निलंबित सांसदों का हौसला बढ़ाते नजर आए, इसी दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे.कांग्रेस के नेता रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और वह टिप्पणी करते सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं. इस पर राहुल गांधी ने उन्हें संबोधित करते हुए 'माय ट्रेटर फ्रेंड' (मेरे गद्दार मित्र) कहा. दोनों नेताओं के बीच कहासुनी हुई. राहुल गांधी ने बिट्टू से कहा कि एक दिन तुम लौट कर आओगे. घटना के दौरान राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया और कहा कि ये 'देश के दुश्मन हैं'. इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद परिसर में सियासी हलचल और तेज हो गई.

बता दें कि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे का अप्रकाशित ‘संस्मरण' संसद परिसर में मीडियाकर्मियों को दिखाया.राहुल गांधी ने नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि पीएम मोदी ने 2020 के भारत-चीन संघर्ष के दौरान तत्कालीन सेना प्रमुख को यह संदेश दिया था, ‘जो उचित समझो वो करो'. राहुल ने कहा कि यप्रधानमंत्री यदि लोकसभा में आए तो मैं उन्हें पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब भेंट करूंगा. वहीं इस पूरे मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने राहुल गांधी को संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है, देश के हर नागरिक की इस पर आस्था है इसलिए हमें इसके अंदर जरूरी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए. लोकसभा में भारत-चीन गतिरोध पर राहुल गांधी की ओर से पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की किताब का हवाला दिए जाने पर मचे हंगामे को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राहुल गांधी एक पब्लिक सोर्स से कोट कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष के लोग खुद कभी मैग्जीन तो कभी किताब से संसद में कोट करते रहे हैं.

राहुल ने की टिप्पणी, तो मंत्री ने दिया जवाब

हुआ कुछ यूं कि संसद के बाहर निलंबित विपक्षी सांसद हाथों में पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी शामिल थे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू जैसे ही मकर द्वार पर प्रोटेस्ट कर रहे कांग्रेस सांसदों के पास से गुजरे, तब राहुल गांधी ने उन पर टिप्पणी की।

राहुल ने उन्हें देखकर कहा, "देखो, एक गद्दार यहीं से गुजर रहा है। उसका चेहरा देखो...।" इसके बाद राहुल ने मंत्री से हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा, "हेलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस (कांग्रेस में) आओगे।"

राहुल को कहा ‘देश का दुश्मन’

रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए "देश का दुश्मन" कहा। उन्होंने कहा कि उनका "देश के दुश्मनों" से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद मंत्री ने राहुल से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और वो आगे बढ़ गए।  

दरअसल, मंगलवार (3 फरवरी) को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। स्पीकर की सीट पर पेपर फाड़कर उछालने के के आरोप में 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इसमें सात कांग्रेस और एक सीपीएम के सांसद शामिल हैं। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, प्रशांत यदाओराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी, डीन कुरियाकोस और सीपीआई (M) सांसद एस वेंकटेशन शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर सवाल 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी ने कहा, 'जब प्रधानमंत्री संसद में बोलने आएंगे तब वे खुद जाकर उन्हें जनरल नरवणे की यह किताब सौंपेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि यह किताब जनरल नरवणे ने खुद लिखी है और इसमें गलवान और पूर्वी लद्दाख की घटनाओं से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है.' उन्होंने कहा कि उन्हें इस किताब के हिस्सों को सीधे उद्धृत (कोट) करने से रोका गया है, लेकिन इसमें जो लिखा है, वह देश की सुरक्षा से जुड़ा बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है.