CM मोहन यादव के सख्त निर्देश, सुबह 10 बजे तक पहुंचना होगा ऑफिस,अनुशासन और बायोमेट्रिक पर जोर

राज्य के शासकीय कार्यालयों में लागू पांच दिवसीय सप्ताह को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने समय पालन पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। बुधवार को मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से सुनिश्चित करने और बायोमेट्रिक सहित तकनीकी व्यवस्थाओं के उपयोग पर जोर दिया।

CM मोहन यादव के सख्त निर्देश, सुबह 10 बजे तक पहुंचना होगा ऑफिस,अनुशासन और बायोमेट्रिक पर जोर

सीएम मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अफसरों को अनुशासन अपनाते हुए सुबह 10 बजे दफ्तर पहुंचना होगा. उन्होंने अफसरों को अन्ना हजारे के ग्रामीण विकास मॉडल से सीखने, किसानों की समृद्धि के लिए 15 विभागों को मिलकर काम करने और भविष्य की 5 वर्षीय कार्ययोजना तैयार करने को कहा है.

CM Mohan Yadav-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए साल के अवसर पर प्रशासनिक अमले में कसावट लाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने न केवल अफसरों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया, बल्कि प्रदेश के विकास के लिए बड़ा रोडमैप भी सामने रखा. उन्होंने कहा कि प्रदेश के अफसरों को अन्ना हजारे के कामों से सीख लेना चाहिए और इसके लिए जरूरी है कि वे अन्ना हजारे द्वारा कराए गए काम देखने जाएं और उसके आधार पर कार्ययोजना तैयार करें.

नहीं चलेगी लेटलतीफी

सीएम ने दफ्तरों में लेटलतीफी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि मुख्य सचिव तो सुबह 10 बजे दफ्तर पहुंच जाते हैं, लेकिन कई सीनियर अफसर 11 बजे के बाद ऑफिस आते हैं. डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी सुबह 10 बजे अपनी कुर्सी पर मौजद रहें. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जो 5 दिवसीय कार्य सप्ताह क व्यवस्था लागू है, वह इसी शर्त पर थी कि काम के घंटे बढ़ाए जाएंगे. अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस और अन्य तकनीकी प्रणालियों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए. 

सामाजिक सुधारों पर भी नजर

सीएमने सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रहार किया. उन्होंने अफसरों से कहा कि समाज में मृत्यु भोज और शादियों में होने वाले फिजूलखर्च रोकने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करें. इसके साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गायत्री परिवार जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने की बात कही.

अन्ना हजारे के मॉडल से सीखें अफसर

एक अनोखी पहल करते हुए सीएम ने अफसरों से कहा कि वे महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि जाकर समाजसेवी अन्ना हजारे के कार्यों का अध्ययन करें. उन्होंने कहा कि अफसर वहां के विकास कार्यों को देखें और उसी आधार पर मध्यप्रदेश के लिए कार्ययोजना तैयार करें.

विभागों का साझा मिशन

मुख्यमंत्री ने समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश का नारा देते हुए स्पष्ट किया कि खेती-किसानी का विकास केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. इसके लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता, जल संसाधन और ऊर्जा सहित कुल 15 से ज्यादा विभागों को मिलकर एक संयुक्त अभियान के रूप में काम करना होगा. उन्होंने 5 साल की कार्ययोजना और 3 साल के बजट अनुमान की व्यवस्था करने को कहा है.