जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया उस दिन न वर्मा बचेंगे, न शर्मा :पंडित धीरेंद्र शास्त्री का फिर आया बड़ा बयान, बोले-कास्टवाद नहीं देश में राष्ट्रवाद होना चाहिए
बांदा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया न उस दिन शर्मा और वर्मा कोई नहीं बचेगा. इसलिए हिंदुओं की पहचान कास्ट से नहीं धर्म से होनी चाहिए.
बांदा में RSS के शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कास्टवाद पर हमला करते हुए कहा कि देश में राष्ट्रवाद जरूरी है.
Banda: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 16 से 20 जनवरी 2026 तक चल रही श्री हनुमत कथा (हनुमंत कथा) के समापन दिवस पर मंगलवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने मुख्य रूप से जातिवाद के खिलाफ और राष्ट्रवाद पर जोर दिया। यह आयोजन मवई बाईपास चौराहे पर विशाल पंडाल में हुआ, जहां लाखों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बांग्लादेश में हिंदुओं के अत्याचार का दिया उदाहरण
धीरेंद्र शास्त्री इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में भी शामिल हुए और तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा, “जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया, उस दिन न तो शर्मा बचेंगे, न वर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे, न रैदास वाले बचेंगे, न तुलसीदास वाले बचेंगे-यानी कोई भी हिंदू नहीं बचेगा।” उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक-एक विधवा के साथ 40-40 लोगों ने रेप किया, इसलिए देश में कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद की जरूरत है। शास्त्री ने जोर दिया कि इस काल में वही व्यक्ति सफल और ताकतवर होता है जो एकजुट रहता है।
कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद की जरूरत
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साफ शब्दों में कहा कि देश को आज कास्टवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अगर हिंदू समाज जातियों में बंटा रहा तो उसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ेगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि जाति की दीवारें गिराकर राष्ट्र और धर्म की एकता को मजबूत करें.
RSS के कार्यक्रम में की शिरकत
बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था. इस हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सुनने के लिए कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ देखने को मिली.
साजाया दिव्य दरबार
यह बयान सोशल मीडिया और समाचारों में तेजी से वायरल हुआ, जहां इसे हिंदू एकता और जातिवाद विरोधी संदेश के रूप में देखा गया, लेकिन कुछ इसे विवादास्पद भी माना। कथा के दौरान उन्होंने हनुमान जी की महिमा, भक्ति और सनातन मूल्यों पर भी प्रकाश डाला। दिव्य दरबार में भक्तों की समस्याओं का समाधान किया गया, जिसमें आध्यात्मिक उपाय और प्रेत-बाधा जैसी बातें शामिल रहीं।
कथा में पहुंचे पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह
आज के दिन पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह हेलीकॉप्टर से पहुंचे और कथा में शामिल हुए। वे BSP नेता जयराम सिंह के घर रात्रि विश्राम भी करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, जिसमें पुलिस, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन शामिल था। कथा में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि से श्रद्धालु आए।
प्रवीण कुमार ने कराया आयोजन
यह पांच दिवसीय आयोजन बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन के तत्वावधान में हनुमान भक्त प्रवीण कुमार ने कराया। यह बुंदेलखंड में अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक कार्यक्रम माना जा रहा है। पहले दिनों में जनसंख्या संतुलन (हिंदू परिवारों में कम से कम चार बच्चे), हिंदू एकता, परिवारिक मूल्य, सोशल मीडिया की नकारात्मकता और सनातन धर्म की रक्षा पर फोकस रहा था। 20 जनवरी को समापन के साथ कथा का मुख्य संदेश हिंदू एकजुटता और राष्ट्रवाद रहा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस