कोई मतदाता न छूटे के संकल्प के साथ निर्वाचन प्रक्रिया को बनाया जा रहा सरल व समावेशी,31 जनवरी को विशेष अभियान दिवस में सक्रिय सहभागिता की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 पर बैठक – जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा
उरई । जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के संबंध में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन के उपरांत गणना चरण में जिन मतदाताओं की मैपिंग विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाई थी, उन्हें क्रमबद्ध रूप से नोटिस जारी करने की कार्यवाही प्रारंभ है। जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा विधिवत प्रक्रिया के अनुसार जारी नोटिसों पर सुनवाई की जा रही है।
उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के उद्देश्य “कोई मतदाता न छूटे” को रेखांकित करते हुए कहा कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम-18 के अंतर्गत पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल, सुलभ एवं समावेशी बनाने के लिए मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी गई है। जो मतदाता किसी कारणवश सुनवाई में स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, वे लिखित प्राधिकरण (हस्ताक्षर अथवा अंगूठा निशान) के माध्यम से किसी प्रतिनिधि को अपनी ओर से उपस्थित कर सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर नोटिस से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा ऑनलाइन माध्यम से ही नोटिस का उत्तर भी दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त बीएलओ द्वारा भी मतदाताओं को नोटिस उपलब्ध कराया जा रहा है।
वेबसाइट पर लॉगिन कर SIR 2026 – Submit documents against notice issue विकल्प पर क्लिक करने के पश्चात वोटर आईडी संख्या दर्ज करने पर यह ज्ञात हो जाएगा कि नोटिस जारी हुआ है या नहीं। नोटिस जारी होने की स्थिति में मतदाता ईपिक संख्या अथवा नोटिस संख्या भरकर निर्धारित अभिलेख अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने जन्मतिथि के आधार पर अभिलेखों की आवश्यकता स्पष्ट करते हुए कहा कि
01 जुलाई 1987 से पूर्व जन्म वाले मतदाताओं को केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के मध्य जन्म वाले मतदाताओं को स्वयं तथा माता या पिता में से किसी एक के अभिलेख देने होंगे।
02 दिसंबर 2004 के बाद जन्म वाले मतदाताओं को स्वयं के साथ-साथ माता एवं पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
नोटिस के उत्तर में जन्मतिथि एवं/अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में कुल 13 मान्य अभिलेखों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकता है, जिनमें सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र आदि सम्मिलित हैं। आधार से संबंधित दिशा-निर्देश आयोग के पत्र दिनांक 09.09.2025 के अनुसार लागू होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को आयोजित होने वाले विशेष अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक सहयोग एवं सक्रिय भागीदारी की अपील की गई, ताकि जनपद में एक भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल सहित संबंधित अधिकारीगण एवं बीजीपी से शांतिस्वरूप, सपा से जमालुद्दीन, बसपा से भगवती शरण पांचाल, कांग्रेस से अरविंद सेंगर, अपना दल एस से अनिल अटरिया, सीपीआइएम से विनोद कुमार, आप से विनय चौरसिया आदि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस