शताब्दी वर्ष पर सनातन समाज का अनूठा आयोजन संपन्न,हिंदू संगम सम्मेलन में कुटुंब प्रबोधन, संस्कारित परिवार व सामाजिक समरसता पर हुआ मंथन.

शुजालपुर में आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सनातन समाज द्वारा हिंदू संगम सम्मेलन का आयोजन किया गया।

शताब्दी वर्ष पर सनातन समाज का अनूठा आयोजन संपन्न,हिंदू संगम सम्मेलन में कुटुंब प्रबोधन, संस्कारित परिवार व सामाजिक समरसता पर हुआ मंथन.

विनोद सक्सेना

आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर शुजालपुर में हिंदू संगम सम्मेलन, कुटुंब प्रबोधन व सामाजिक समरसता पर हुआ विचार-मंथन

शुजालपुर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सनातन समाज द्वारा नगर में एक अनूठी पहल करते हुए हिंदू संगम सम्मेलन का आयोजन किया गया। रविवार को नगर की श्रीकृष्ण बस्ती अंतर्गत पंचमुखी हनुमान मंदिर चौराहा, तुलसी नगर में आयोजित इस सम्मेलन में कुटुंब प्रबोधन, संस्कारित परिवार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

सम्मेलन में अतिथियों ने संघ द्वारा विगत 100 वर्षों में राष्ट्र उत्थान हेतु किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए सनातन चेतना को जागृत करने और हिंदू समाज को संगठित व सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में श्रीकृष्ण बस्ती के वार्ड क्रमांक 12, 13 एवं 17 के सनातनी परिवारों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं धर्मनिष्ठ नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

आयोजन को सफल बनाने के लिए नगर मार्गदर्शन टोली एवं श्रीकृष्ण बस्ती की पृथक-पृथक आयोजन समितियों का गठन किया गया था। आयोजन समिति द्वारा घर-घर संपर्क कर पीले भात देकर आत्मीय निमंत्रण दिया गया तथा सनातन संस्कृति के मूल भाव—संगठन, संस्कार और साधना—पर संवाद स्थापित किया गया।

श्रीकृष्ण बस्ती आयोजन समिति संयोजक प्रवीण जोशी ने बताया कि समाजजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला और लोगों ने इसे केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन धर्म की जीवंत परंपरा का प्रकटीकरण माना। कार्यक्रम स्थल तक बस्ती के सनातनी ढोल-मंजीरे बजाते हुए भजन गाते पहुंचे, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।

लगभग तीन घंटे चले इस आयोजन में सनातन धर्म के विविध आयामों पर व्याख्यान, वैचारिक मंथन एवं प्रेरणादायी उद्बोधन हुए। मुख्य वक्ता महेंद्र धनगर ने सनातन परंपरा, राष्ट्रबोध एवं सामाजिक समरसता पर प्रभावशाली विचार रखे। समाजसेविका जया महेश्वरी ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए पारिवारिक संस्कारों की महत्ता बताई तथा बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मोबाइल को वर्तमान युग में संस्कारों के लिए बाधक बताया। कथाकार संजय परमार भी संत रूप में मंचासीन रहे।

इस अवसर पर नगर संयोजक किशोर खन्ना, सहसंयोजक राजेंद्र शास्त्री, किरण वर्मा, नेमीचंद सांखला, मांगीलाल सक्सेना, गोपाल शुक्ला, लक्ष्मीनारायण भाटिया, सवाई सिंह मेवाड़ा, दिलीप सिंह चौधरी, नरेंद्र नाथ सहित अनेक गणमान्यजन मंचासीन रहे। जिला पालक हुकुम सिंह धनगर की विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट अशोक तिवारी ने किया तथा अंत में आयोजन समिति श्रीकृष्ण बस्ती के सदस्यों द्वारा आभार व्यक्त किया गया। सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ, जिसमें एक बालिका को भारत माता के स्वरूप में सजाकर उसके हाथ में तिरंगा सौंपा गया। इसके पश्चात सभी सहभागियों ने एक जाजम पर बैठकर समरसता भोज ग्रहण किया, जिससे सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।

आयोजन समिति के अनुसार यह हिंदू संगम सम्मेलन समाज में धर्म, संस्कार एवं राष्ट्रीय चेतना को और अधिक प्रखर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।