बृजभूषण ने मेरा उत्पीड़न किया था, पहलवान विनेश फोगाट का बड़ा खुलासा:गोंडा में कुश्ती लड़ना मुश्किल होगा, वहां मेरे साथ गलत हुआ तो सरकार जिम्मेदार
विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे दिग्गज रेसलर्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था. उस दौरान पुलिस कार्रवाई और खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई थी.
पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने यह खुलासा किया है कि बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों में वह भी शामिल हैं. हालांकि बता दें कि इन महिला पहलवानों की गोपनीयता बनाए रखने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश भी जारी किया था.
बृजभूषण पर फिर गंभीर आरोप: विनेश फोगाट का बड़ा खुलासा, गोंडा टूर्नामेंट को लेकर जताई सुरक्षा और निष्पक्षता पर चिंता
भारतीय महिला पहलवान Vinesh Phogat ने एक बार फिर भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में विनेश ने खुलासा किया कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ दर्ज शिकायतों में वह खुद भी एक पीड़िता हैं। उन्होंने कहा कि गोंडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होने जा रहे सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में भाग लेना उनके लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन है।
खुद को बताया शिकायतकर्ता, कोर्ट में चल रही गवाही
विनेश फोगाट ने बताया कि करीब तीन साल पहले जब महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, तब शिकायत दर्ज कराने वाली 6 खिलाड़ियों में वह भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई अभी कोर्ट में चल रही है और वह उसमें गवाही दे रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के कारण अब तक उन्होंने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते अब उन्हें सामने आना पड़ा।
गोंडा में मुकाबला खेलने पर जताई असहजता
विनेश ने साफ कहा कि गोंडा, जहां बृजभूषण का घर और प्रभाव क्षेत्र है, वहां जाकर प्रतियोगिता खेलना उनके लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, “एक लड़की के लिए उस जगह पर जाकर मुकाबला करना, जहां उसके साथ पहले गलत हुआ हो, बहुत मुश्किल होता है। ऐसे माहौल में मैं अपना 100 प्रतिशत नहीं दे पाऊंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि टूर्नामेंट 10 से 12 मई के बीच आयोजित होना है और उनकी टीम इसमें हिस्सा लेगी, लेकिन उन्हें निष्पक्षता को लेकर गंभीर संदेह है।
निष्पक्ष मुकाबले पर उठाए सवाल
विनेश फोगाट ने प्रतियोगिता की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मैचों के संचालन से लेकर रेफरी और अंक देने तक की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, “कौन रेफरी होगा, कौन किस मैच को जज करेगा, किसे कितने पॉइंट मिलेंगे—यह सब कंट्रोल किया जा सकता है।”
उन्होंने आशंका जताई कि मेहनती खिलाड़ियों को उनका सही परिणाम नहीं मिल पाएगा और पूरा सिस्टम एकतरफा हो सकता है।
सरकार और खेल मंत्रालय पर भी निशाना
विनेश ने केंद्र सरकार और खेल मंत्रालय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सरकार मूकदर्शक बनी हुई है और खिलाड़ियों की सुरक्षा व निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि सब कुछ बृजभूषण के भरोसे छोड़ दिया गया है। चाहे खिलाड़ियों के साथ कुछ भी हो, कोई हस्तक्षेप नहीं हो रहा।”
सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
वीडियो में विनेश ने साफ चेतावनी दी कि यदि टूर्नामेंट के दौरान उनके, उनकी टीम या समर्थकों के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। उन्होंने मीडिया और खेल समुदाय से अपील की कि वे टूर्नामेंट के दौरान मौके पर मौजूद रहें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
लंबे समय बाद वापसी की तैयारी
31 वर्षीय विनेश फोगाट पिछले करीब डेढ़ साल से कुश्ती से दूर थीं। उन्होंने बताया कि अब वह वापसी की तैयारी कर रही हैं और कड़ी मेहनत कर रही हैं। उनका लक्ष्य फिर से देश के लिए पदक जीतना और तिरंगे का मान बढ़ाना है।
वह 57 किलोग्राम वर्ग में वापसी करने जा रही हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को लेकर मानसिक दबाव भी महसूस कर रही हैं।
पहले भी हो चुका है बड़ा विरोध
गौरतलब है कि 2023 में महिला पहलवानों ने Jantar Mantar पर धरना देकर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन किया था। उस समय यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चित हुआ था और खेल जगत में बड़े बदलाव की मांग उठी थी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में
विनेश फोगाट वर्तमान में हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक हैं, जबकि बृजभूषण शरण सिंह भाजपा के पूर्व सांसद रह चुके हैं। ऐसे में यह मामला खेल के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बना हुआ है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस