आग ने मचाई भीषण तबाही, 20 लोगों की जिंदगी लील गई: दिल्ली के होटल-रेस्टोरेंट में भड़की आग, कई विदेशी नागरिक भी हादसे का शिकार; 37 लोगों को बचाया गया

दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली थी।

आग ने मचाई भीषण तबाही, 20 लोगों की जिंदगी लील गई: दिल्ली के होटल-रेस्टोरेंट में भड़की आग, कई विदेशी नागरिक भी हादसे का शिकार; 37 लोगों को बचाया गया

दिल्ली के हौजरानी इलाके में Florist inn होटल में लगी आग में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है. घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

दिल्ली अग्निकांड में 20 जिंदगियां खत्म: होटल में मची चीख-पुकार, जान बचाने को खिड़कियों से कूदे लोग, कई विदेशी भी हादसे का शिकार

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। आग इतनी भयावह थी कि होटल में फंसे लोगों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और रेलिंग से नीचे कूदना पड़ा। दमकल विभाग और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया और दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश इन (Flourish Inn) होटल के बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह आग लग गई। आग लगने की सूचना सुबह करीब 9 बजे दिल्ली फायर सर्विस को मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। शुरुआत में दो वॉटर टेंडर, दो वॉटर बाउजर, एक क्विक रिस्पॉन्स वाहन और अन्य अग्निशमन इकाइयों को तैनात किया गया। बाद में आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधन भी लगाए गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग कुछ ही मिनटों में पूरे बेसमेंट और निचली मंजिलों में फैल गई। होटल में धुएं का गुबार भर जाने से लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। कई लोग कमरों में फंस गए, जबकि कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग धुएं और आग के बीच जान बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं।

दमकल अधिकारियों के अनुसार राहत अभियान के दौरान करीब 35 से 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है क्योंकि कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हौजरानी क्षेत्र की संकरी गलियों में स्थित यह पांच मंजिला होटल करीब 25 कमरों वाला था। घटना के समय होटल में 50 से अधिक लोग ठहरे हुए थे। इनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की थी, जो दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराने आए मरीजों के साथ रुके हुए थे। बताया जा रहा है कि अधिकांश मृतक मरीजों के परिजन या अटेंडेंट थे।

घटना के समय सुबह का वक्त होने के कारण कई लोग अपने कमरों में सो रहे थे। अचानक धुआं फैलने और आग की लपटें उठने से अफरा-तफरी मच गई। होटल के कई मेहमानों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। संकरी सीढ़ियों और धुएं के कारण बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण रहा।

होटल के रेस्टोरेंट में कार्यरत शेफ केसर सिंह ने हादसे की भयावहता का वर्णन करते हुए बताया कि सुबह करीब आठ बजे वह काम शुरू करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्होंने इलेक्ट्रिक चूल्हा चालू करने की कोशिश की, आग अचानक तेज हो गई। शुरुआत में उन्हें लगा कि चूल्हे में खराबी है, लेकिन कुछ ही देर में पता चला कि होटल के अंदर पहले से आग लगी हुई थी। उन्होंने तुरंत अपने सहायक को आग की सूचना दी और बाहर निकलने का प्रयास किया। बाहर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि आग पूरे होटल में फैल चुकी थी।

केसर सिंह ने बताया कि उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन अंदर फंसे कई लोगों की स्थिति बेहद गंभीर थी। उनके अनुसार आग बहुत तेजी से फैली और धुएं ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया था। उन्होंने आशंका जताई कि अंदर मौजूद कई लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके।

घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट, विद्युत उपकरण या अन्य तकनीकी कारणों से लगी हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

दिल्ली पुलिस ने होटल प्रबंधन से संबंधित दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी जुटानी शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस दर्दनाक हादसे ने राजधानी में होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बने कई होटल और गेस्ट हाउस सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत कार्य प्रभावित होता है।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। आग की इस भयावह घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन न होने की कीमत कई निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है।