महिलाओं पर अश्लील नजर रखने वालों को राजनीति में रहने का अधिकार नहीं : डॉ. आर. एच. लता
. लता ने आरोप लगाया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा अपराधों को अप्रत्यक्ष रूप से सामान्य बनाती है और समाज में गलत संदेश देती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्ट रुख अपनाने और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की, यह कहते हुए कि चुप्पी भी अपराध को बढ़ावा देती है। भारतीय योगिनी महासंघ ने केवल माफी को अपर्याप्त बताते हुए सख्त कानूनी व राजनीतिक कार्रवाई की मांग की। साथ ही, डॉ. लता ने विधायक द्वारा प्रख्यात लेखक स्व. हरिमोहन झा के नाम का संदर्भ देने पर आपत्ति जताई और कहा कि उनके विचारों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना गलत है। संगठन ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
महिलाओं के सम्मान पर हमला करने वाले कांग्रेस विधायक की घटिया सोच के खिलाफ सख्त संदेश देना जरूरी
भोपाल। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा महिलाओं के बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर दी गई तथाकथित “व्याख्याएँ” और उनके द्वारा समय–समय पर की जाने वाली अश्लील, अमर्यादित तथा स्त्री-विरोधी टिप्पणियाँ न केवल शर्मनाक हैं, बल्कि यह भारतीय समाज की मूल संवैधानिक और सांस्कृतिक चेतना पर सीधा प्रहार हैं। भारतीय योगिनी संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर एच लता ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान किसी एक व्यक्ति की भूल नहीं, बल्कि उस विकृत सोच का प्रतिबिंब हैं, जिसमें महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समानता का अधिकारी नहीं, बल्कि अपमान और भोग की वस्तु के रूप में देखा जाता है।
डॉ लता ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि, जो संविधान की शपथ लेकर जनता की सेवा के लिए चुना गया है, वही व्यक्ति महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रहा है और साथ ही जाति व्यवस्था पर दुष्प्रचार कर रहा है। ऐसे बयान महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को अप्रत्यक्ष रूप से सामान्य बनाने का प्रयास करते हैं और समाज में गलत संदेश फैलाते हैं। यह केवल महिलाओं का अपमान नहीं, बल्कि कानून, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं का भी अपमान है।
उन्होंने कहा कि आज जब देश “नारी शक्ति”, “महिला सशक्तिकरण” और “विकसित भारत” की बात कर रहा है, तब कांग्रेस के ऐसे नेता यह साबित कर रहे हैं कि वे न तो महिलाओं की गरिमा समझते हैं और न ही देश के विकास की सोच रखते हैं। जिनकी मानसिकता महिलाओं को लेकर ओछी और अश्लील हो, उनसे राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सुधार या सकारात्मक राजनीति की अपेक्षा करना ही व्यर्थ है। ऐसे लोगों की राजनीति विकास की नहीं, बल्कि कुंठा और कुचिंतित सोच की राजनीति है।
भारतीय योगिनी महासंघ यह स्पष्ट और दोटूक मांग करता है कि फूल सिंह बरैया के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। यह मामला केवल बयानबाजी का नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और संविधान के अनुच्छेदों से जुड़े मूल अधिकारों का प्रश्न है। केवल औपचारिक माफी या बयान वापस लेना पर्याप्त नहीं है। ऐसे व्यक्तियों पर कठोर दंडात्मक और राजनीतिक कार्रवाई आवश्यक है, ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि महिलाओं के अपमान की कोई जगह नहीं है।
महिला विरोधी बयान को क्या कांग्रेस का मौन समर्थन है?
डॉ लता ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान से भी यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या वह ऐसे महिला-विरोधी और अश्लील बयानों पर मौन समर्थन दे रहा है? यदि नहीं, तो पार्टी को तुरंत स्पष्ट रुख अपनाते हुए ऐसे नेताओं के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। चुप्पी भी अपराध को बढ़ावा देती है और यह चुप्पी महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
भारतीय योगिनी महासंघ देश की हर बेटी, हर महिला और हर मां के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि किसी भी राजनीतिक दल, नेता या विचारधारा को महिलाओं के अपमान की छूट नहीं दी जा सकती। महिला विरोधी मानसिकता के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा और हम हर मंच से ऐसी सोच का विरोध करते रहेंगे।
स्व. हरिमोहन झा का नाम डुबो रहे बरैया :
डॉ लता ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा अपने बयान की सफाई पर बिहार राज्य के मिथिला क्षेत्र से नाता रखने वाले प्रख्यात लेखक एवं दर्शनशास्त्र के व्याख्याता और आलोचक स्व. हरिमोहन झा के जिस बयान को कोट करने की बात कही है, उस पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि बरैया इतने महान लेखक का नाम डुबाने का एक और अपराध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो एक जाने-माने लेखक थे। अगर दो पंक्तियों में उनका परिचय देना हो तो एक ऐसा शख्स जो धार्मिक ढकोसलाओं के खिलाफ लिखता थे, खांटी आलोचक थे। उनके पिता भी मैथिली और हिंदी के कवि और लेखक थे। डॉ लता ने कहा कि हरिमोहन झा ने मैथिली गद्य की हास्य व्यंग्यपूर्ण शैली में सामाजिक-धार्मिक रूढ़ि, अंधविश्वास और पाखण्ड पर चोट किया है। ऐसे महान लेखक की मूल भावना को समझे बिना कांग्रेश विधायक अनर्गल राग अलाप रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस