GST धारा 16(2)(aa) पर हाईकोर्ट की रोक: ईमानदार व्यापारियों को मिली बड़ी न्यायिक राहत– चम्पालाल बोथरा (CAIT)
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने GST अधिनियम की धारा 16(2)(aa) के क्रियान्वयन पर रोक लगाकर ईमानदार व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। CAIT की टेक्सटाइल एंड गारमेंट कमेटी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सप्लायर की चूक के कारण खरीदार का ITC रोकना या वसूली करना अन्यायपूर्ण है। कोर्ट ने इसे खरीदार के नियंत्रण से बाहर की “असंभव शर्त” माना। CAIT ने केंद्र सरकार व CBIC से धारा में संशोधन, ITC रिकवरी रोकने और लंबित मामलों में राहत देने की मांग की है।
ईमानदार MSME व्यापारियों को बड़ी राहत, ITC पर अन्यायपूर्ण शर्त पर कोर्ट का हस्तक्षेप
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल एंड गारमेंट कमेटी ने गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा GST अधिनियम की धारा 16(2)(aa) के क्रियान्वयन पर लगाई गई रोक का पुरज़ोर स्वागत किया है। समिति ने इसे कपड़ा एवं गारमेंट क्षेत्र के उन लाखों MSME व्यापारियों की जीत बताया है, जो सप्लायर की चूक के कारण अब तक भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे थे।
• *सप्लायर की गलती, खरीदार को सज़ा क्यों?*
CAIT टेक्सटाइल एंड गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में यदि सप्लायर अपना GSTR-1 रिटर्न दाख़िल नहीं करता है, तो कर विभाग खरीदार का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रोक लेता था या उससे वसूली करता था।
हाईकोर्ट ने इसे “असंभव शर्त” मानते हुए स्पष्ट किया है कि खरीदार पर ऐसी शर्त नहीं थोपी जा सकती, जो उसके नियंत्रण से बाहर हो।
• *संविधान और प्राकृतिक न्याय की जीत*
श्री बोथरा के अनुसार,
“खरीदार यह सुनिश्चित नहीं कर सकता कि सप्लायर ने टैक्स जमा किया है या नहीं। वास्तविक लेन-देन और वैध टैक्स इनवॉइस होने के बावजूद ITC रोकना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।”
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का यह फैसला CAIT टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी की उस मांग पर न्यायिक मुहर लगाता है, जिसे संगठन लंबे समय से माननीय वित्त मंत्री एवं GST काउंसिल के समक्ष उठाता रहा है।
• *Ease of Doing Business की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*
CAIT ने मांग की है कि केंद्र सरकार एवं CBIC को इस फैसले के बाद धारा 16(2)(aa) में शीघ्र आवश्यक संशोधन करना चाहिए, ताकि सप्लायर की गलती के लिए ईमानदार खरीदार को दंडित न किया जाए।
CAIT की प्रमुख मांगें
1. सप्लायर की चूक के लिए खरीदार से ITC रिकवरी की प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए।
2. देशभर में लंबित ऐसे सभी ITC मामलों में हाईकोर्ट के आदेश की भावना के अनुरूप राहत प्रदान की जाए।
3. GST नियमों को व्यावहारिक और न्यायसंगत बनाया जाए, ताकि ईमानदार व्यापारियों को “अपराधी” की तरह न देखा जाए।
अंत में, श्री बोथरा ने विश्वास जताया कि यह निर्णय देश में व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) को और मजबूत करेगा तथा टेक्सटाइल जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस