इंदौर में 15 मौतों से नहीं लिया सबक: गांधीनगर में 100 से ज्यादा लोग टाइफाइड के शिकार, पाइपलाइन लीकेज से पानी में सीवेज की गंदगी मिली
इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी की वजह से टाइफाइड के मामलों में तेज उछाल देखने को मिला है, जहां सिविल अस्पताल में 100 से अधिक बच्चों को भर्ती किया गया है. आदिवाड़ा गांव और सेक्टर 24, 26, 27 और 29 में सीवर के गंदे पानी के पीने की लाइन में मिलने से बीमारी फैली, जिससे लगभग हर घर में कोई न कोई बीमार है.
इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में गंदा पानी पीने से पिछले तीन दिनों 104 बच्चे 150 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इनमें से 50% बच्चों को टाइफाइड हुआ है। हालात इतने बिगड़े कि सिविल अस्पताल में बच्चों भर्ती करने के लिए नया वार्ड खोलना पड़ा।
इंदौर के बाद अब गुजरात के गांधीनगर के कई इलाकों में प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है। बताया जाता है कि टाइफाइड के चलते 104 संदिग्ध मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य जांच में पता चला है कि प्रभावित क्षेत्रों का पीने का पानी असुरक्षित है जिसके बाद नगर निगम ने घर-घर सर्वेक्षण और क्लोरीन की गोलियां बांटना शुरू कर दिया है। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है।
बच्चों समेत 104 मरीज भर्ती
पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में बड़े पैमाने पर टाइफाइड के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों समेत 104 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीते 3 दिनों में सिविल अस्पताल में टाइफाइड के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बाल चिकित्सा वार्ड में 104 मरीजों को भर्ती कराया गया है। खुद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को गांधीनगर सिविल अस्पताल में हालात की समीक्षा की।
22 डॉक्टरों की टीम गठित
हर्ष संघवी ने बताया कि अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने के लिए उप जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भर्ती मरीजों के परिवारों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कर दी गई है। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है।
अमित शाह ने ली हालात की जानकारी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जिलाधिकारी से फोन पर 3 बार हालात की जानकारी ली। 104 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। प्रशासन इलाज के साथ ही निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिशें हो रही हैं।
इलाकों से लिए पानी के नमूने
वहीं सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीता पारिख ने बताया कि गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26 और 28 के साथ-साथ आदिवाड़ा क्षेत्र से बच्चों सहित कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों की हालत स्थिर है। इन क्षेत्रों से पानी के सेंपल जमा किए गए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पीने का पानी सुरक्षित नहीं है।
पानी उबाल कर पीने की सलाह
यही कारण है कि गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को पानी उबाल कर पीने और घर का बना खाना खाने की सलाह दी गई है। नगर निगम पानी की टंकियों की सफाई पर जोर दे रहा है। साथ ही क्लोरीन की गोलियां भी बांट रहा है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस