फिर एक्टिव हुआ हनीट्रैप नेटवर्क? इंदौर में कारोबारी से ₹1 करोड़ की उगाही का आरोप, श्वेता जैन हिरासत में

इंदौर के प्रॉपर्टी कारोबारी को सुपर कॉरिडोर पर रोककर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने भोपाल से श्वेता जैन को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है।

फिर एक्टिव हुआ हनीट्रैप नेटवर्क? इंदौर में कारोबारी से ₹1 करोड़ की उगाही का आरोप, श्वेता जैन हिरासत में

इंदौर पुलिस ने भोपाल स्थित निवास से हनीट्रैप केस की आरोपी श्वेता जैन को हिरासत में लिया है। हनीट्रैप गर्ल श्वेता पर आरोप है कि उसने इंदौर के कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल किया और 1 करोड़ रुपए की मांग की थी।

इंदौर में एक बार फिर चर्चित हनीट्रैप नेटवर्क जैसी गतिविधियों की चर्चा तेज हो गई है। शहर के एक शराब कारोबारी को कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाकर ₹1 करोड़ की उगाही की कोशिश के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में वर्ष 2019 के चर्चित हनीट्रैप केस से जुड़ी रही महिला श्वेता जैन को भी भोपाल से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए इंदौर लाया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर उसकी भूमिका पर खुलकर कुछ नहीं कहा है।

मामला एक शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान की शिकायत से शुरू हुआ। कारोबारी ने आरोप लगाया कि निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उससे ₹1 करोड़ की मांग की गई। शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंचने के बाद अपराध शाखा ने गुप्त जांच शुरू की और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया।

भोपाल से हिरासत में ली गई श्वेता जैन

क्राइम ब्रांच की टीम सोमवार शाम करीब चार बजे भोपाल के मीनाल रेजिडेंसी पहुंची और वहां से श्वेता जैन को हिरासत में लिया। देर रात उसे पूछताछ के लिए इंदौर लाया गया। श्वेता जैन वर्ष 2019 के चर्चित मध्यप्रदेश हनीट्रैप मामले में भी प्रमुख चेहरों में शामिल रही थीं, जहां नेताओं और अधिकारियों को ब्लैकमेल करने के आरोप सामने आए थे।

हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि नए मामले में उसकी भूमिका कितनी प्रत्यक्ष है, लेकिन जांच एजेंसियां उसके पुराने और नए संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।

कारोबारी को साझेदारी के लिए बनाया गया दबाव

डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी के अनुसार, बाणगंगा क्षेत्र के रहने वाले कारोबारी की कुछ वर्ष पहले द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से पहचान हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अलका पहले से अवैध शराब कारोबार से जुड़ी रही है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जांच में सामने आया कि अलका ने कारोबारी की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से कराई। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए देवास, धार, खंडवा और अन्य क्षेत्रों में प्रॉपर्टी कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव रखा। कारोबारी के इंकार करने पर कथित तौर पर दबाव बनाया जाने लगा।

पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने कहा कि अलका के साथ 50 प्रतिशत साझेदारी करनी होगी, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

सुपर कॉरिडोर में धमकी और मारपीट का आरोप

फरियादी ने बताया कि करीब 20 दिन पहले वह किसी काम से सुपर कॉरिडोर क्षेत्र गया था। उसी दौरान अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप और लाखन चौधरी वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने कारोबारी के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

इसके बाद कथित तौर पर निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ₹1 करोड़ की मांग की गई। कारोबारी का आरोप है कि उससे कहा गया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म कर दी जाएगी।

जांच में सामने आया पुलिसकर्मी का नाम

पूछताछ और मोबाइल डेटा जांच के दौरान मामला और गंभीर हो गया। पुलिस को जानकारी मिली कि इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा लगातार अलका दीक्षित के संपर्क में था।

जांच एजेंसियों को दोनों के बीच चैट रिकॉर्ड भी मिले हैं। आरोप है कि कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे थे और उसने ही कारोबारी पर दबाव बनाने की सलाह दी थी।

इसके बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने राजेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास से विनोद शर्मा को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान उसका मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त किया गया है।

शराब तस्करी से ड्रग नेटवर्क तक पहुंची जांच

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अलका दीक्षित पर 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। शुरुआती जांच में वह शराब तस्करी से जुड़ी बताई गई थी, जबकि बाद में उसका नाम ड्रग नेटवर्क से भी जुड़ता रहा।

पुलिस को आशंका है कि आरोपियों का समूह लंबे समय से लोगों को फंसाकर उगाही जैसी गतिविधियों में शामिल हो सकता है। फिलहाल पुलिस डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है।

ऑपरेशन “सीक्रेट” ऐसे चला

18 मई रात 2 बजे: एडिशनल कमिश्नर और तीन डीसीपी ने रणनीति बैठक की।

रात 3 बजे: 40 पुलिसकर्मियों की 7 टीमें गठित की गईं।

रात 3:30 बजे: द्वारकापुरी से जयदीप को हिरासत में लिया गया।

तड़के 4 बजे: निर्माणाधीन मकान से अलका दीक्षित पकड़ी गई।

पीथमपुर से: लाखन चौधरी को हिरासत में लिया गया।

शाम 4 बजे: भोपाल से श्वेता जैन को हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह केवल उगाही का मामला था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।