CM हाउस के सामने ट्विशा के परिजनों का हंगामा: मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग पर अड़े
रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की कथित आत्महत्या की भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस के मुताबिक यह आत्महत्या का मामला है, लेकिन मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है। पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री निवास पहुंचे ट्विशा के परिजन
सीएम से मुलाकात की मांग पर अड़े परिजन
श्यामला हिल्स पुलिस ने संभाला मोर्चा
कटारा हिल्स में फांसी पर लटकी मिली थी ट्विशा
मायके पक्ष ने लगाए दहेज प्रताड़ना के आरोप
शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को ट्विशा के परिजन मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की मांग को लेकर सीएम हाउस के मुख्य द्वार पर धरने जैसी स्थिति में बैठ गए। परिजन करीब एक घंटे से अधिक समय तक मुख्यमंत्री आवास के बाहर डटे रहे और अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की जिद पर अड़े रहे।
मुख्यमंत्री निवास के बाहर मौजूद स्टाफ ने परिवार को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत और मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाएगी। अधिकारियों ने उनसे लिखित आवेदन देने को भी कहा, लेकिन परिजन सीधे मुलाकात की मांग करते रहे। स्थिति को संभालने के लिए श्यामला हिल्स थाना पुलिस, थाना प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने लगातार समझाइश देकर परिवार को शांत कराने की कोशिश की।
दरअसल, 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रहने वाली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद से ही मामला विवादों में है। ट्विशा के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान थे, खासतौर पर हाथ और कान के पास नीले निशान दिखाई दिए थे, जिससे उन्हें मौत पर संदेह है।
ट्विशा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी लगभग एक वर्ष पहले समर्थ सिंह से हुई थी। परिवार के अनुसार शादी के बाद से ही उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। ट्विशा का भाई हर्षित शर्मा भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात है। परिवार का कहना है कि ट्विशा लगातार परेशान थी और उसने कई बार अपनी तकलीफों का जिक्र किया था।
मृतका के परिजन शुरुआत से ही इस मौत को आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ट्विशा की हत्या की गई और बाद में साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। परिवार ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है।
इसी वजह से पांच दिन बीत जाने के बाद भी परिवार ने ट्विशा के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। परिजन लगातार निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
ट्विशा की भाभी माधवी शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर में भी उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। माधवी ने कहा, “हमारी मुख्यमंत्री जी से सिर्फ यही मांग है कि ट्विशा के शव को दिल्ली एम्स भेजा जाए, ताकि वहां दोबारा पोस्टमार्टम हो सके। हमें यहां की जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है।”
परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष के कुछ सदस्य प्रभावशाली पदों पर हैं, जिसके कारण उन्हें निष्पक्ष जांच को लेकर आशंका है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और परिवार की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाएगा।
फिलहाल यह मामला भोपाल में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजन न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रशासन और सरकार पर दबाव बना रहे हैं, जबकि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
SIT करेगी मामले की गहराई से जांच
उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने कहा, "समर्थ और उनकी मां ट्विशा को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस को रात करीब 11 बजे अस्पताल प्रशासन से उनकी मौत की सूचना मिली थी." अब SIT इस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी, जिसमें दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा और ट्विशा की मौत के बाद सबूत मिटाने के कथित प्रयासों के आरोप शामिल हैं. हालांकि, भोपाल के एक कोर्ट ने शुक्रवार को रिटायर्ड जज को अग्रिम जमानत दे दी है, जबकि 18 मई को समर्थ सिंह की गिरफ्तारी से पहले की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि मंगलवार रात को कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव फंदे से लटका मिला था. वहीं, ट्विशा के घरवालों ने उसकी मौत का आरोप ससुराल पक्ष पर लगाया है. ट्विशा के पिता और भाई का दावा है कि उसकी हत्या करने के बाद पति और सास ने खुदकुशी की झूठी कहानी रची है. कटारा हिल्स पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या व प्रताड़ना का केस दर्ज किया है.
कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन के हाउस ऑफिसर सुनील कुमार दुबे ने बताया कि नोएडा की रहने वाली महिला के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है. रिश्तेदारों का दावा है कि मंगलवार रात करीब 10 बजे तक वह फोन पर उनके संपर्क में थी. नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की मुलाकात 2024 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी और दिसंबर 2025 में उन्होंने उनसे शादी की थी, लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही ट्विशा परेशान रहने लगी थी. ट्विशा के परिवार का कहना है कि ट्विशा प्रताड़ना से तंग आ चुकी थी और भोपाल छोड़कर नोएडा वापस जाना चाहती थी.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस