इमरती देवी का दिग्विजय सिंह को भाजपा में आने का न्योता, कांग्रेस-भाजपा में बयानबाजी तेज

इमरती देवी ने कहा कि जीतू पटवारी जब से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं तब से पूरी कांग्रेस डामाडोल हो चुकी है पूरी बिखर चुकी है। कांग्रेस की स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। दिग्विजय सिंह जी का भी वहां कोई सम्मान नहीं है। कांग्रेस पार्टी भाजपा की बराबरी कर ही नहीं सकती है। कांग्रेस का पतन हो चुका है। कांग्रेस में कोई सीनियर नेता नहीं बचा है। इमरती देवी ने दिग्विजय सिंह को भाजपा में शामिल होने का न्योता देते हुए उनका स्वागत किया है।

इमरती देवी का दिग्विजय सिंह को भाजपा में आने का न्योता, कांग्रेस-भाजपा में बयानबाजी तेज

इमरती देवी ने दिग्विजय सिंह को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का मशवरा देते हुए उनका स्वागत किया है। इमरती देवी ने यह भी कहा है कि भारतीय जनता पार्टी समुद्र है दिग्विजय सिंह जी आए भारतीय जनता पार्टी में उनका स्वागत है और बहुत सम्मान दिया जाए

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आए एक वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मंच पर बैठे वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कुर्सी बदलने का इशारा करते नजर आए थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा ने इसे कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के अपमान और आंतरिक गुटबाजी का उदाहरण बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोल दिया।

इसी मुद्दे को लेकर अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की समर्थक और पूर्व मंत्री इमरती देवी भी खुलकर मैदान में उतर आई हैं। उन्होंने कांग्रेस संगठन और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पूरी तरह बिखर चुकी है और पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है।

डबरा की पूर्व विधायक इमरती देवी ने कहा कि कांग्रेस में अब वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं बचा है। उन्होंने विशेष रूप से दिग्विजय Singh का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस नेता ने वर्षों तक पार्टी को नेतृत्व दिया, आज उसी को सार्वजनिक मंचों पर सम्मान नहीं मिल रहा है। इमरती देवी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं को दरकिनार करने में लगी हुई है और यही कारण है कि पार्टी का जनाधार लगातार घटता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक विशाल संगठन है, जहां कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को पूरा सम्मान दिया जाता है। इसी दौरान उन्होंने दिग्विजय सिंह को भाजपा में शामिल होने का खुला न्योता भी दे दिया। इमरती देवी ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी एक विशाल समुद्र है। यदि दिग्विजय सिंह भाजपा में आते हैं तो उनका पूरा सम्मान के साथ स्वागत किया जाएगा।"

इमरती देवी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्मा गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा की राजनीतिक रणनीति बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। दिग्विजय सिंह के पुत्र और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सबसे पहले पलटवार करते हुए कहा कि इमरती देवी को दूसरों की चिंता करने से पहले भाजपा में अपनी स्थिति देखनी चाहिए।

जयवर्धन सिंह ने कहा कि यदि इमरती देवी कांग्रेस में बनी रहतीं तो आज विधायक होतीं, लेकिन भाजपा में जाने के बाद उन्हें न तो जनता का समर्थन मिला और न ही पार्टी में वह राजनीतिक स्थान मिल पाया जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि इमरती देवी स्वयं राजनीतिक रूप से हाशिए पर पहुंच चुकी हैं और ऐसे में उनके बयान को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, "मैं इमरती देवी का सम्मान करता हूं, लेकिन उन्होंने खुद राजनीतिक आत्महत्या की है। आज वही लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं जिन्होंने कुछ वर्ष पहले राजनीतिक सौदेबाजी की थी। यदि वे कांग्रेस में रहतीं तो आज विधायक होतीं, लेकिन भाजपा और जनता दोनों ने उन्हें घर बैठा दिया है।"

विवाद यहीं नहीं रुका। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी इमरती देवी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के सबसे अनुभवी और समर्पित नेताओं में से एक हैं और उनके भाजपा में जाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, "इमरती देवी पहले भाजपा में अपनी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की स्थिति देख लें, उसके बाद किसी को आमंत्रण दें। दिग्विजय सिंह इस दुनिया के आखिरी व्यक्ति होंगे जो भाजपा में जाने के बारे में सोच सकते हैं। पूरी दुनिया खत्म हो जाए, तब भी वे भाजपा में नहीं जाएंगे।"

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी पूरे विवाद को भाजपा का राजनीतिक एजेंडा करार दिया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो को जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और भाजपा अपने वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विवाद पैदा कर रही है।

जीतू पटवारी ने स्पष्ट कहा कि दिग्विजय सिंह उनके लिए पिता तुल्य हैं और उनके प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर सामान्य संवाद को भाजपा ने विवाद का रूप देने की कोशिश की है।

पटवारी ने कहा, "दिग्विजय सिंह मेरे पिता तुल्य हैं। भाजपा अपने पाप छिपाने के लिए इस तरह के मुद्दों को उछाल रही है। बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और प्रदेश में बढ़ती अव्यवस्था जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए भाजपा मीडिया के माध्यम से एजेंडा सेट कर रही है।"

दरअसल, हाल ही में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर बैठे नेताओं के बीच हुई एक सामान्य गतिविधि का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह को दूसरी कुर्सी पर बैठने का संकेत देते दिखाई दे रहे थे। भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के अपमान का प्रतीक बताते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर गुटबाजी चरम पर है और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की जा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि भाजपा इस मामले को अनावश्यक रूप से तूल देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर भाजपा कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को लेकर लगातार हमलावर है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे भाजपा का सुनियोजित राजनीतिक अभियान बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है, क्योंकि दोनों दल इसे अपने-अपने तरीके से जनता के बीच ले जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।