जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार को घेरा,CM छिपा रहे हैं मौत के आंकड़े, भाजपा ने पानी में जहर मिलाया

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त के प्रकोप से जान गंवाने वाले लोगों की तादाद को लेकर जारी विरोधाभास बृहस्पतिवार को भी कायम रहा। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के दौरान पिछले आठ दिन में छह माह के बच्चे समेत 8 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है, जबकि प्रशासन ने डायरिया से केवल चार लोगों की मौत की पुष्टि की है।

जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार को घेरा,CM छिपा रहे हैं मौत के आंकड़े, भाजपा ने पानी में जहर मिलाया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा की भारतीय जनता पार्टी वोट चोरी से लगातार सरकार बनाती है और मौत परोसने का काम करती है

मध्य प्रदेश के कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर ने लगातार भाजपा को 9 सांसद, 9 विधायक और नगर निगम दिया है, लेकिन बदले में भाजपा ने पानी में जहर घोल दिया। यहां 13 मौतों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा के अपने मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि केवल 4 मौतें हुई हैं।

इंदौर के भागीरथी इलाके में इस समय चहुंओर दुख-अवसाद का माहौल है। जहरीले पीने के पानी ने अब तक करीब 9 जिंदगियां लील ली हैं। 200 के करीब मरीज अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। हालांकि सरकारी आंकड़ा 9 की जगह 4 मौतें ही बता रहा है। इस बीच एमपी कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव से दोषियों के खिलाफ ऐक्शन और पीड़ित के परिवारजनों को 1 करोड़ मुआवजा देने की मांग की है। यही नहीं, कांग्रेस ने भी एक कमेटी बना दी है जो जहरीले पानी के पीछे छिपे गुनहगारों को सजा दिलवाएगी

मध्य प्रदेश के कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर ने लगातार भाजपा को 9 सांसद, 9 विधायक और नगर निगम दिया है, लेकिन बदले में भाजपा ने पानी में जहर घोल दिया। यहां 13 मौतों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा के अपने मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि केवल 4 मौतें हुई हैं। क्या इसका मतलब यह है कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मौतों के आंकड़ों को छुपाने की भी है? इसके बजाय, वे सही निर्णय क्यों नहीं लेते? मुख्यमंत्री जिम्मेदार अधिकारियों को सजा क्यों नहीं देना चाहते? उनके खिलाफ और इंदौर के महापौर (मेयर) के खिलाफ भी गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। ये सभी मौतें उनके अहंकार और अधर्म के कारण हो रही हैं।"

जीतू पटवारी ने आगे कहा, "हमने एक समिति बनाई है, जांच जारी है। हम जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। मैं मृतकों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करता हूं। मुख्यमंत्री को इस मामले के दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करनी चाहिए और उस मंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए जिसने दुर्व्यवहार किया।"

इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दूषित पानी पीने के कारण लगभग 198 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल कोई भी खतरे में नहीं है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि लोगों की जान बचाई जाए और उन्हें उचित इलाज मिले... अधिकारियों के अनुसार, चार लोगों की मौत हुई है, लेकिन यहां के लोगों का कहना है कि 9 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। हम इस मामले की जांच करेंगे और मुआवजा प्रदान करेंगे।