कैलाश विजयवर्गीय अपने ही बयान में बुरे फंसे , सदस्यता शून्य कराने चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस-:मुकेश नायक बोले- विजयवर्गीय ने खुद स्वीकारा उन पर 35 से ज्यादा केस

कैलाश विजयवर्गीय की उनके द्वारा दिए गए एक बयान के बाद मुसीबत बढ़ सकती है, जहां कांग्रेस ने उनकी शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त से की है और चुनावी हलफनामे में अपराध छिपाने का आरोप लगाया है. कैलाश ने एक बयान में कहा था कि उनके ऊपर 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं.

कैलाश विजयवर्गीय अपने ही बयान में बुरे फंसे , सदस्यता शून्य कराने चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस-:मुकेश नायक बोले- विजयवर्गीय ने खुद स्वीकारा उन पर 35 से ज्यादा केस

बयान की वजह से कैलाश फंसते हुए नजर आ रहे हैं. उनकी मुसीबत बढ़ सकती है. दरअसल, कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त से नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की शिकायत की है और चुनावी हलफनामे में अपराध छिपाने का आरोप लगाया है.

मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने ही एक बयान के कारण मुसीबत में घिर गए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। विजयवर्गीय ने यह भी कहा था कि पार्टी ने भी 'नए लफड़े' से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है।

मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव शून्य करने की मांग की है।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

कांग्रेस की तरफ से चुनाव आयोग को जो पत्र लिखा गया है. उसमें उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रतलाम में एक बयान देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 34 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई में गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए हैं. उन्होंने इंदौर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और अपने चुनावी हलफनामे में इसका उल्लेख नहीं किया. पत्र में मांग की गई है कि यदि यह जानकारी सही है, तो चुनाव आयोग इसकी जांच करे और हलफनामे में जानकारी छिपाने के आरोप में उचित कार्रवाई करते हुए उनका निर्वाचन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करे.

अंत में यह भी पत्र में कहा गया है कि यदि कांग्रेस ने इस मामले को उठाया तो इसे राजनीतिक मुद्दा बताया जा सकता है, जबकि स्वयं कैलाश विजयवर्गीय द्वारा इन मामलों को स्वीकार किया गया है. पत्र के अंत में धन्यवाद देते हुए प्रमोद कुमार द्विवेदी द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं.

मुकेश नायक बोले: विजयवर्गीय की सदस्यता शून्य हो

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा- पिछले दिनों कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि वो बंगाल के प्रभारी रहे हैं अब वहां प्रचार करने क्यों नहीं जा रहे हैं? तो उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं उनका वॉरंट निकला हुआ है इस कारण वे चुनाव प्रचार करने नहीं जा रहे हैं।

उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उन पर 30-35 केस उन पर दर्ज हैं। लेकिन, इन मुकदमों की जानकारी उन्होंने अपने निर्वाचन के समय फॉर्म में नहीं दी। तो जिस आधार पर मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित किया गया है उसी आधार पर कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव को भी शून्य घोषित करना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी अपने ऊपर चल रहे मुकदमों की जानकारी छिपाई है।

हमारे अधिवक्ता और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग से तथ्यों के साथ इसकी शिकायत की है कि इन्होंने निर्वाचन के समय मुकदमों की जानकारी छिपाई है इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

कैलाश विजयवर्गीय ने दिया था क्या बयान?

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा रतलाम पहुंचकर कहा था कि पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार बनने वाली है. उन्होंने कहा कि मैं वहां नहीं जा रहा हूं. इसके बहुत सारे कारण हैं. कई गिरफ्तारी वारंट हैं और मेरे ऊपर 38 फर्जी मुकदमे लगाए हुए हैं. मैं जाऊं और गिरफ्तार कर लें. इसके बाद पार्टी ने कहा कि जाओ मत वरना दूसरा विवाद खड़ा हो जाएगा.

कांग्रेस प्रवक्ता ने निर्वाचन आयोग से की लिखित शिकायत एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक लिखित शिकायत भेजी है। प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा कि मप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रतलाम में कहा कि उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज हैं जो ममता बनर्जी की सरकार ने लगाए हैं।

जिसमें गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। क्या कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 से विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी हलफनामे में इन केसों का उल्लेख किया है? यदि उल्लेख नहीं किया है तो चुनाव आयोग स्वयं उनके हलफनामे की जांच करे और मुकद्मे छिपाने के अपराध के तहत उनका निर्वाचन निरस्त करवाया जाए। अगर एक आपराधिक मामले को छिपाने पर कांग्रेस के दो विधायक दोषी करार दिए गए तो विजयवर्गीय ने स्वयं स्वीकार किया है।