थाना इंचार्ज को बनाया बंधक, पुलिस जवानों को दौड़ाकर पीटा; MP के खरगोन में बवाल- युवक की मौत पर भड़कीं महिलाएं
खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के चिरिया गांव में 20 वर्षीय युवक अर्जुन की संदिग्ध मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा. परिजनों ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए युवक की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है. नाराज ग्रामीणों ने दामाखेड़ा फाटे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की.
MP पुलिस की लेट लतीफी पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर दामखेड़ा में 4 घंटे तक हंगामा चला. फंदे पर लटके शव को उतारने से परिजनों का इनकार और पुलिसकर्मियों को दौड़ाकर पीटा.
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। चैनपुर थाना क्षेत्र के दामखेड़ा गांव में 21 वर्षीय अर्जुन चौहान की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने पुलिस पर ही हमला कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों और महिलाओं ने न केवल चक्काजाम किया, बल्कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और थाना इंचार्ज को बंधक बना लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में करीब चार घंटे तक तनाव और अफरातफरी का माहौल बना रहा।
युवक का शव मिलने से फैला तनाव
जानकारी के अनुसार, दामखेड़ा गांव में 21 वर्षीय अर्जुन चौहान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया गया। जैसे ही घटना की सूचना ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और आक्रोश फैल गया।
परिजनों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, परिवार पहले भी एक बेटे की आत्महत्या से टूट चुका है। ऐसे में इस घटना ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया।
पुलिस की देरी पर भड़का आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस लगभग दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। इस देरी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। जैसे ही पुलिस टीम गांव पहुंची, स्थिति और बिगड़ गई।
लोगों ने मौके पर ही चक्काजाम शुरू कर दिया और सड़कें बंद कर दीं। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिस बल के साथ झड़प शुरू हो गई।
थाना इंचार्ज को बनाया बंधक
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब भीड़ ने मौके पर पहुंचे थाना इंचार्ज को घेर लिया और उन्हें बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है और घटना को आत्महत्या बताकर दबाने की कोशिश कर रही है।
इस दौरान मौके पर अफरातफरी फैल गई और पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा।
महिलाओं का भी उग्र प्रदर्शन, पुलिस जवानों पर हमला
इस घटना में महिलाओं की भी बड़ी भूमिका देखी गई। गुस्साई महिलाओं ने पुलिस जवानों को घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो पुलिस जवानों को ग्रामीणों और महिलाओं ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर वहां से भागे। इस दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई और गांव में तनाव फैल गया।
शव उठाने से इनकार, गांव में बढ़ा तनाव
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने शव को फंदे से उतारने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना था कि पहले निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सामने लाया जाए।
गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने सड़क जाम कर दिया। कई जगहों पर नारेबाजी भी हुई। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा।
पुलिस बल तैनात, कई थानों की फोर्स रवाना
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला मुख्यालय सहित आसपास के पांच थानों से पुलिस बल को दामखेड़ा गांव रवाना किया गया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद धीरे-धीरे हालात काबू में आने लगे।
हालांकि, गांव में तनावपूर्ण माहौल अभी भी बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि कोई नई अप्रिय घटना न हो।
परिजनों का आरोप: हत्या को आत्महत्या बताया जा रहा
मृतक के पिता बदा चौहान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे की हत्या की गई है और उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटकाया गया।
परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे विरोध जारी रखेंगे।
पुलिस का पक्ष: जादू-टोना की आशंका से बढ़ा तनाव
इस मामले में एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि इससे पहले उसके भाई ने भी आत्महत्या की थी, जिससे ग्रामीणों में जादू-टोना को लेकर आशंका फैल गई है।
पुलिस के अनुसार, इसी अंधविश्वास और शक के कारण ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने चक्काजाम व हिंसा की। पुलिस जवानों के साथ मारपीट के वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।
इलाके में तनाव बरकरार, जांच जारी
फिलहाल पूरे गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।
खरगोन की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि संवेदनशील मामलों में पुलिस की देरी और संवाद की कमी किस तरह हालात को हिंसक बना सकती है। एक ओर परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। अब पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन फिलहाल गांव में तनाव और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस