LPG के बाद ऑटो गैस का झटका: भोपाल में कीमत ₹64.05 प्रति लीटर पहुंची, एक महीने में ₹5.52 की बढ़ोतरी से बढ़ी लोगों की चिंता

देश के कई बड़े शहरों में ऑटो एलपीजी (Auto LPG) के दाम बढ़ गए हैं. नई कीमतें 11 मार्च 2026 से लागू कर दी गई हैं. ऑटो एलपीजी का इस्तेमाल खास तौर पर उन गाड़ियों में होता है जो एलपीजी गैस से चलती हैं. कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब इन शहरों में गाड़ी चलाने की लागत थोड़ी बढ़ सकती है.

LPG के बाद ऑटो गैस का झटका: भोपाल में कीमत ₹64.05 प्रति लीटर पहुंची, एक महीने में ₹5.52 की बढ़ोतरी से बढ़ी लोगों की चिंता

भोपाल में गाड़ी मालिकों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है. ऑटो LPG की कीमतों में 11 मार्च 2026 से काफी बढ़ोतरी की गई है. जानिए मध्य प्रदेश की राजधानी में कीमत कितनी हो गई है.

MP News Bhopal: देश के दिल यानी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कथित कमी अब सीधे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर भारी पड़ रही है। ईरान-अमेरिका-इसराइल जंग के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने से कमर्शियल 19 किलो सिलेंडर की आपूर्ति पिछले कई दिनों से ठप है।भोपाल में महंगाई का एक और असर देखने को मिला है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब ऑटोगैस की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नई दरों के अनुसार 11 मार्च 2026 से भोपाल में ऑटोगैस की कीमत ₹64.05 प्रति लीटर हो गई है, जबकि 1 फरवरी 2026 को यह ₹58.53 प्रति लीटर थी। यानी करीब 40 दिनों में ऑटोगैस ₹5.52 प्रति लीटर महंगी हो गई है।

ऑटोगैस एलपीजी आधारित ईंधन है, जिसका उपयोग ऑटो और कुछ कारों में किया जाता है। इसे पेट्रोल और डीज़ल की तुलना में सस्ता और अपेक्षाकृत कम प्रदूषण फैलाने वाला विकल्प माना जाता है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों से इसका फायदा कम होता जा रहा है।

दूसरी ओर, घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में भी हाल ही में बढ़ोतरी हुई है। भोपाल में 14.2 किलो का घरेलू एलपीजी सिलेंडर लगभग ₹918.50 तक पहुंच गया है, जो पिछले महीने की तुलना में करीब ₹60 महंगा है।

इधर, अंतरराष्ट्रीय हालात और गैस की बढ़ती मांग का असर सप्लाई पर भी दिख रहा है। भोपाल में अचानक गैस बुकिंग बढ़ने से कई एजेंसियों का सर्वर क्रैश हो गया, जिसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर लोग सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े दिखाई दिए।

ऑटोगैस और एलपीजी दोनों के दाम बढ़ने से मिडिल क्लास परिवारों, छोटे कारोबारियों और ऑटो चालकों की लागत बढ़ने की आशंका है।