राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में लगी आग: राहत वैन भी हादसे का शिकार, दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक घंटों प्रभावित
रतलाम जिले में तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के B-1 AC कोच में सुबह 5:15 बजे आग लग गई। सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया, किसी को चोट नहीं आई। रेलवे ने तुरंत कोच अलग कर दिया
रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में रविवार को दिल्ली जा रही त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने से हड़कंप मच गया. यह हादसा सुबह करीब 5:30 बजे लूणी रीछा और विक्रमगढ़ के बीच हुआ. ट्रेन के बी-1 में कोच लगी आग की चपेट में दो कोच आ गए. गनीमत रही कि सभी 68 यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानी नहीं हुई.
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में रविवार सुबह राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग ने रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में अचानक आग लगने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना आलोट के पास लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि समय रहते यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई और राहत कार्य के दौरान रेलवे की एक वैन भी हादसे का शिकार हो गई, जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, राजधानी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12431) शनिवार रात त्रिवेंद्रम से रवाना होकर रविवार तड़के रतलाम जंक्शन पहुंची थी। ट्रेन करीब 3:45 बजे रतलाम से आगे रवाना हुई। ट्रेन का अगला निर्धारित स्टॉप राजस्थान का कोटा जंक्शन था, लेकिन उससे पहले ही रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में ट्रेन के बी-1 एसी कोच से धुआं निकलना शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में धुआं आग में बदल गया और पूरे कोच में फैलने लगा।
कोच में करीब 68 यात्री सवार थे। धुआं फैलते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री नींद में थे और अचानक धुआं भरने से घबरा गए। ट्रेन स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत ट्रेन को रोका और करीब 15 मिनट के भीतर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेलवे कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई काट दी ताकि आग दूसरे डिब्बों तक न पहुंचे।
लेकिन आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और बी-1 कोच के पीछे लगे सेकंड लगेज कम गार्ड वैन तक पहुंच गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही देर में दोनों कोच धू-धू कर जलने लगे। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और राहत टीमों को मौके पर भेजा। स्थानीय प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई। यह देश का सबसे व्यस्त रेलवे कॉरिडोर माना जाता है, ऐसे में ट्रैक बंद होने से कई ट्रेनों को बीच रास्ते रोकना पड़ा। कुछ ट्रेनों का रूट बदला गया तो कई घंटों तक देरी से चलीं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया ताकि बाकी ट्रेन को सुरक्षित रखा जा सके। इसके बाद अन्य कोचों में मौजूद यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आगे रवाना करने की प्रक्रिया शुरू की गई। रेलवे की तकनीकी टीम आग लगने के कारणों की जांच में जुट गई है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
इधर, राजधानी एक्सप्रेस हादसे के बाद राहत और मरम्मत कार्य के लिए जा रही रेलवे की C&W (कैरेज एंड वैगन) विभाग की यातायात वैन भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जानकारी के अनुसार, यह वैन शामगढ़ और सुवासरा के बीच अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसा इतना गंभीर था कि वैन में सवार रेलवे कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई।
इस दुर्घटना में 5 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ कर्मचारियों को कोटा रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार कुछ कर्मचारियों को गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
रेलवे विभाग ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हादसे के कारणों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की। कई यात्रियों ने कहा कि यदि समय पर कोच खाली नहीं कराया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। यात्रियों ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी और धुआं इतना ज्यादा था कि सांस लेना मुश्किल हो गया था। हालांकि ट्रेन स्टाफ की सतर्कता के कारण सभी सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निरीक्षण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के वर्षों में ट्रेनों में आग लगने और तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एसी कोचों और विद्युत सिस्टम की नियमित जांच बेहद जरूरी है ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल रेलवे ट्रैक को फिर से चालू करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। तकनीकी टीम प्रभावित कोचों को हटाने और ट्रैक की जांच में जुटी हुई है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जल्द ही रेल यातायात सामान्य कर दिया जाएगा। वहीं, यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस