त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया, जज के कमरे में था समर्थ', त्विषा के वकील का बड़ा दावा,दिल्ली एम्स के डॉक्टर करेंगे दोबारा पोस्टमॉर्टम

फरार आरोपी पति समर्थ सिंह ने जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने उसे भोपाल में सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं. 12 मई से फरार समर्थ पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम और लुकआउट नोटिस जारी किया था.

त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया, जज के कमरे में था समर्थ', त्विषा के वकील का बड़ा दावा,दिल्ली एम्स के डॉक्टर करेंगे दोबारा पोस्टमॉर्टम

त्विषा शर्मा मौत मामला: पति समर्थ सिंह हिरासत में, कोर्ट परिसर में हाई-वोल्टेज ड्रामा; दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश, CBI जांच की प्रक्रिया तेज

मॉडल त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुक्रवार को इस मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब आरोपी पति समर्थ सिंह को जबलपुर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि समर्थ सिंह जिला अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचा था, जहां पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लिया। दूसरी ओर, हाईकोर्ट ने मामले में दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं, जबकि राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, समर्थ सिंह शुक्रवार शाम जबलपुर जिला अदालत पहुंचा था। इससे पहले उसने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी। अदालत परिसर में पहुंचते ही मीडिया ने उसे घेर लिया, लेकिन उसने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। वह चेहरे पर मास्क और आंखों पर काला चश्मा लगाए हुए था। बताया जा रहा है कि त्विषा की मौत के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था और लगातार गायब बताया जा रहा था।

समर्थ सिंह के वकील सौरभ सुंदर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके मुवक्किल ने अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने के बाद अदालत में आत्मसमर्पण का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सीजेएम कोर्ट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा और न्यायालय जो निर्णय लेगा, उसका पालन किया जाएगा।

इसी बीच मामले ने नया मोड़ तब लिया जब मृतका पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मीडिया के सामने आने से पहले समर्थ सिंह कोर्ट नंबर 32 में मौजूद था, जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कोर्टरूम बताया जा रहा है। आरोप है कि कमरे का दरवाजा बंद था और समर्थ वहां बैठे हुए थे।

अनुराग श्रीवास्तव ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किस अधिकार के तहत समर्थ को वहां बैठने की अनुमति दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वकील ने एसआईटी और स्थानीय पुलिस से तत्काल गिरफ्तारी और लुकआउट नोटिस जारी करने की मांग भी की। हालांकि इन आरोपों पर अभी न्यायपालिका या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मामले में सबसे बड़ा फैसला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से आया है। अदालत ने मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि यह प्रक्रिया अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में होगी। डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंचकर पोस्टमार्टम करेगी और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि पुनः पोस्टमार्टम होने तक शव सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। यह कदम मामले की संवेदनशीलता और उठ रहे सवालों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज दिया है।

इससे पहले 20 मई को त्विषा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा कुछ पूर्व सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिले थे। मुलाकात के दौरान उन्होंने निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था।

अब समर्थ सिंह की हिरासत, दोबारा पोस्टमार्टम, कोर्ट परिसर में लगे आरोप और संभावित सीबीआई जांच के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।