400 करोड़ रुपये लागत, 4 साल में धराशायी, जबलपुर-भोपाल NH-45 पर ट्रैफिक ठप,बाल-बाल बचे लोग! बस गुजरते ही धंस गया था फ्लाईओवर ब्रिज

जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे 45 पर स्थित वना रेलवे ओवरब्रिज का हिस्सा गिरना न सिर्फ एक बड़ा हादसा है, बल्कि यह सरकारी निर्माण की क्वालिटी और भ्रष्टाचार की परतों को भी उजागर करता है. महज 4 साल पहले 400 करोड़ की लागत से बनी सड़क और ब्रिज का इस तरह जवाब दे जाना गंभीर सवाल खड़े करता है.

400 करोड़ रुपये लागत, 4 साल में धराशायी, जबलपुर-भोपाल NH-45 पर ट्रैफिक ठप,बाल-बाल बचे लोग! बस गुजरते ही धंस गया था  फ्लाईओवर ब्रिज

भोपाल से जबलपुर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का करीब 200 मीटर हिस्सा रविवार शाम ढह गया। गनीमत रही कि मलबा रेलवे ट्रैक पर नहीं गिरा और हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। 400 करोड़ की लागत वाले इस पुल का निर्माण तीन साल पहले ही हुआ था।

जबलपुर में नेशनल हाईवे 45 पर शहपुरा भिटौनी स्थित फ्लाईओवर ब्रिज का एक हिस्सा शनिवार शाम अचानक धंस गया. यह ब्रिज रेलवे लाइन के ऊपर बना है. घटना से ठीक एक मिनट पहले ही एक बस वहां से गुजरी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया. सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए. बता दें, दिसंबर में भी इसी ब्रिज का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था और पिछले करीब छह महीनों से इसमें सुधार कार्य चल रहा है. यह ब्रिज और हाईवे सड़क का निर्माण दो साल पहले ही किया गया था

मध्य प्रदेश के जबलपुर में रेलवे ओवर ब्रिज का हिस्सा गिरने के बाद भ्रष्टाचार पर सवाल उठ रहे हैं. यह ब्रिज करोड़ों रुपए की लागत से तीन साल पहले बना था, लेकिन अब इसका हिस्सा धंस गया. इस घटना पर PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उसके खिलाफ FIR दर्ज होगी. साथ ही उस अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी जिसके सुपरविजन में यह ब्रिज बना था. 

एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि ओवरब्रिज में दरारें आने के बाद पुल के एक हिस्से में छह माह से मरम्मत कार्य चल रहा था। बावजूद इसके कंपनी ने पुल को सुरक्षित बनाने में सही काम नहीं किया। घटना के बाद इस हाईवे प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली राजस्थान की बांगड़ कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि यह प्रोजेक्ट एनएचएआई के अंतर्गत स्वीकृत हुई थी, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी में एमपीआरडीसी की मुख्य भूमिका रही है।

यदि रेलवे ट्रैक पर गिरता मलबा तो हो सकता था बड़ा हादसा

50 मीटर के दायरे में नीचे से गुजरता है रेल ट्रैक

जिस स्थान पर ब्रिज टूटा है, उसके लगभग 50 मीटर के दायरे में नीचे रेलवे ट्रैक गुजरता है। यदि यह हिस्सा सीधे ट्रैक पर गिरता या उस समय ट्रेन गुजर रही होती, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था। फिलहाल रेलवे और प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है।

भोपाल-जबलपुर का सीधा संपर्क भी प्रभावित

ओवरब्रिज धंसने के बाद जबलपुर-भोपाल को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-45 रविवार शाम 5 बजे से बंद है। यातायात डायवर्ट किया गया है। टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बिना शुल्क निकासी के निर्देश थे, लेकिन इसके बावजूद कई वाहनों से टोल वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया...

बांगड़ कंपनी के द्वारा इस नेशनल हाईवे और ओवरब्रिज का निर्माण किया गया था। विगत कुछ माह से मरम्मत का कार्य भी शुरू किया गया, लेकिन अचानक ब्रिज का एक हिस्सा गिरा गया। मामले में कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त हिस्सा कंपनी ही बनाकर देगी। -राकेश मोरे, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एमपीआरडीसी जबलपुर