आधी रात ग्वालियर की गलियों में अचानक पहुँचे ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, 12 बजे घरों की कुंडी खटखटाकर जानी बिजली-पानी और सीवर की हकीकत, नींद से जागे लोग रह गए दंग, वीडियो हुआ वायरल

ग्वालियर में मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने गुरुवार रात करीब 12 बजे अपने विधानसभा क्षेत्र का अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर लोगों के दरवाजे खटखटाए और बिजली, पानी, सीवर तथा साफ-सफाई की स्थिति की जानकारी ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोग नींद से जागकर हैरान रह गए, लेकिन बाद में उन्होंने मंत्री के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।

आधी रात ग्वालियर की गलियों में अचानक पहुँचे ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, 12 बजे घरों की कुंडी खटखटाकर जानी बिजली-पानी और सीवर की हकीकत, नींद से जागे लोग रह गए दंग, वीडियो हुआ वायरल

मध्यरात्रि में मंत्री का 'दरवाज़ा दस्तक अभियान': ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री ने 12 बजे घरों की कुंडी खटखटाई, नींद से जागे लोग हुए हैरान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश की राजनीति में अपने अलग और अनोखे अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई औपचारिक सरकारी बैठक या घोषणा नहीं, बल्कि आधी रात को किया गया उनका अचानक निरीक्षण दौरा है। गुरुवार देर रात लगभग 12 बजे मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के घर-घर पहुंच गए और लोगों के दरवाजे खटखटाकर उनसे सीधे संवाद किया।

इस अप्रत्याशित दौरे ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया। लोग जब नींद से जागे और दरवाजा खोला तो सामने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री खड़े थे। पहले तो लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि इतनी रात में कोई मंत्री उनके घर पहुंच सकता है, लेकिन बाद में उन्होंने मंत्री से बातचीत की और अपनी समस्याएं साझा कीं।

‘आपका सेवक - आपके द्वार’ अभियान के तहत पहुंच रहे घर-घर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर इन दिनों अपने विधानसभा क्षेत्र में “आपका सेवक - आपके द्वार” नाम से एक जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य है कि सरकार की योजनाओं और सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जमीनी स्तर पर आकलन किया जा सके।

इसी अभियान के तहत मंत्री दिन हो या रात, किसी भी समय क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। गुरुवार की रात उनका दौरा इसी क्रम का हिस्सा था, लेकिन आधी रात का समय इस अभियान को और भी अधिक चर्चा में ले आया।

मंत्री का कहना है कि जनता से सीधे संवाद ही असली फीडबैक देता है। सरकारी दफ्तरों की रिपोर्ट और जमीनी हकीकत में अक्सर अंतर होता है, जिसे दूर करने के लिए वे खुद लोगों के बीच जाकर स्थिति जानना चाहते हैं।

रात 12 बजे घरों की कुंडी खटखटाई, लोग रह गए हैरान

ग्वालियर के कई मोहल्लों में जब लोग गहरी नींद में थे, उसी समय मंत्री अचानक पहुंच गए। उन्होंने एक-एक घर का दरवाजा खटखटाया और लोगों से बातचीत शुरू की।

कुछ लोग पहले तो घबरा गए कि इतनी रात में कौन आया है, लेकिन जैसे ही दरवाजा खोला और मंत्री को सामने देखा, वे आश्चर्य में पड़ गए। कई जगह लोगों ने तुरंत फोन निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

मंत्री ने लोगों से पूछा कि बिजली की आपूर्ति कैसी है, पानी की समस्या तो नहीं है, और सीवर व्यवस्था ठीक से काम कर रही है या नहीं। कई लोगों ने बताया कि व्यवस्था ठीक है, लेकिन कुछ इलाकों में गंदे पानी और सीवर की समस्या बनी हुई है।

मौके पर ही शिकायतें सुनकर दिया समाधान का आश्वासन

जहां-जहां समस्याएं सामने आईं, मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की मूलभूत सुविधाओं में सुधार उनकी प्राथमिकता है।

कुछ स्थानों पर लोगों ने सड़क, साफ-सफाई और जल निकासी जैसी समस्याएं भी उठाईं। मंत्री ने सभी शिकायतों को ध्यान से सुना और कहा कि इन मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, शुरू हुई बहस

ऊर्जा मंत्री अपने इस अभियान के वीडियो खुद सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। रात के दौरे के वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में मंत्री लोगों से सीधे संवाद करते और समस्याएं पूछते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, इस दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे एक सराहनीय कदम बता रहे हैं और कह रहे हैं कि नेता अगर सीधे जनता से जुड़ें तो समस्याओं का जल्दी समाधान होता है।

वहीं कुछ लोग इस तरह के आधी रात के दौरे को अनावश्यक और दिखावटी भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे आम लोगों की नींद और निजी जीवन में बाधा उत्पन्न होती है।

‘कौन सा मोहल्ला बोलेंगे इसको?’ वाला बयान बना चर्चा का विषय

इस पूरे दौरे के दौरान एक वीडियो क्लिप विशेष रूप से वायरल हो रही है, जिसमें मंत्री एक स्थान पर यह पूछते नजर आते हैं कि “कौन सा मोहल्ला बोलेंगे इसको?”

इस सवाल ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों ने इसे सामान्य बातचीत माना, जबकि कुछ ने इसे क्षेत्र की जानकारी को लेकर सवाल उठाने का आधार बनाया है।

राजनीतिक हलकों में भी बढ़ी हलचल

हालांकि अभी चुनाव दूर हैं, लेकिन इस तरह के सक्रिय जनसंपर्क अभियान को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के दौरे जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश होते हैं और इससे नेताओं की छवि पर असर पड़ता है।

कुछ लोग इसे जनता के बीच भरोसा बढ़ाने की पहल बता रहे हैं, तो कुछ इसे पब्लिसिटी स्टंट के रूप में देख रहे हैं।

जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने कहा कि पहली बार किसी मंत्री को इतने करीब से और बिना सूचना के उनके घर आते देखा है, जिससे वे खुश हैं।

वहीं कुछ लोगों ने कहा कि रात का समय आराम और नींद का होता है, ऐसे में इस तरह के दौरे असुविधाजनक हो सकते हैं।

जनता से जुड़ाव या चर्चा का तरीका?

ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर का यह आधी रात का दौरा एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि क्या यह वास्तव में जनता से जुड़ने का नया तरीका है या फिर राजनीतिक छवि को मजबूत करने की रणनीति।

फिलहाल इतना तय है कि उनका यह “दरवाज़ा दस्तक अभियान” ग्वालियर ही नहीं, पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह के दौरे जनता की समस्याओं के समाधान में कितना असर दिखाते हैं और राजनीति में इस शैली को किस तरह देखा जाता है।