गौवंश संरक्षण के लिए बजरंग सेवादल का बड़ा अभियान, बाराबंकी की गौशाला में औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को बताया आदर्श

बाराबंकी के बिगहिया लालपुर स्थित गौशाला का बजरंग सेवादल संगठन की टीम ने औचक निरीक्षण किया। राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश उपाध्याय के निर्देशन में जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ चारा, पानी, साफ-सफाई और गौवंश के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया

गौवंश संरक्षण के लिए बजरंग सेवादल का बड़ा अभियान, बाराबंकी की गौशाला में औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को बताया आदर्श

बजरंग सेवादल संगठन की टीम ने किया गौशाला का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं मिलीं दुरुस्त

बाराबंकी। गौवंश की सुरक्षा, संरक्षण और बेहतर देखभाल को लेकर सामाजिक संगठनों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में बजरंग सेवादल संगठन की टीम ने जिले के बिगहिया लालपुर स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में चारा, पानी, साफ-सफाई और पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिस पर संगठन के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

यह निरीक्षण बजरंग सेवादल संगठन के राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश उपाध्याय के निर्देशन में किया गया। संगठन के जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह अपनी टीम के साथ गौशाला पहुंचे और वहां मौजूद व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। टीम ने गौशाला के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया कि गौवंश को समय पर भोजन, स्वच्छ पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं या नहीं।

निरीक्षण के दौरान टीम ने गौशाला में रखे गए चारे की गुणवत्ता, पशुओं के रहने की व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति और उनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड की भी जानकारी ली। गौशाला परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था देखकर संगठन के पदाधिकारी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने पाया कि गौशाला में मौजूद गौवंश की देखभाल नियमित रूप से की जा रही है और उनके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह ने निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गौ माता की सेवा और सुरक्षा को संगठन अपना प्रमुख दायित्व मानता है। उन्होंने कहा कि बिगहिया लालपुर गौशाला में व्यवस्थाएं अच्छी मिली हैं, जिसके लिए वहां कार्यरत सेवादार और प्रबंधन बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा कि बजरंग सेवादल संगठन केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार जनजागरूकता अभियान भी चलाता है। संगठन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गौशाला में पशुओं को भोजन, पानी या स्वास्थ्य संबंधी किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

गुलाब सिंह ने आगे कहा कि संगठन की टीम समय-समय पर जिले की विभिन्न गौशालाओं का दौरा करती रहेगी। यदि कहीं भी किसी प्रकार की कमी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा ताकि समय रहते आवश्यक सुधार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान संगठन के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इनमें शिवम द्विवेदी, आशुतोष शुक्ला, जंग बहादुर, राहुल यादव, दीपक कौशल, दिनेश कुमार, आशु सिंह और मोनू वर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने गौशाला की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और गौवंश के संरक्षण के लिए अपने संकल्प को दोहराया।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि गौवंश भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संगठन भविष्य में भी इसी तरह सक्रिय रहकर गौशालाओं की निगरानी करेगा और जरूरत पड़ने पर सहयोग भी प्रदान करेगा।

गौशाला में निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी संगठन की इस पहल का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे औचक निरीक्षणों से गौशाला प्रबंधन की जवाबदेही बढ़ती है और पशुओं की देखभाल की व्यवस्था बेहतर बनी रहती है। उन्होंने बजरंग सेवादल संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के अन्य संगठनों को भी इस प्रकार की पहल करनी चाहिए।

निरीक्षण के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने गौशाला प्रबंधन से चर्चा कर भविष्य में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के सुझाव भी दिए। साथ ही गौवंश के स्वास्थ्य परीक्षण और नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

बजरंग सेवादल संगठन की इस पहल से न केवल गौशाला प्रबंधन को प्रोत्साहन मिला, बल्कि स्थानीय लोगों में भी गौ सेवा और पशु संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा जिले की अन्य गौशालाओं का भी नियमित निरीक्षण किया जाएगा, ताकि हर गौशाला में पशुओं को बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।