सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: रॉन्ग साइड-ओवरस्पीडिंग पर सख्त वार, अब हर उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई

उरई में डीएम और एसपी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात नियमों के सख्त पालन के निर्देश दिए गए। रॉन्ग साइड, ओवरस्पीडिंग, नशे में ड्राइविंग और बिना हेलमेट/सीट बेल्ट जैसे उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वाहन चालकों की स्वास्थ्य जांच और प्रशिक्षण के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाई जाएगी और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर अभिभावकों पर भी कार्रवाई होगी। साथ ही शहर में अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर रोक लगाकर यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।

सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: रॉन्ग साइड-ओवरस्पीडिंग पर सख्त वार, अब हर उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई

सड़क पर अब अनुशासन की सीधी रेखा, उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई -डीएम-एसपी ने दिए निर्देश रॉन्ग साइड, ओवरस्पीडिंग और लापरवाही अब होगी कारवाही

उरई । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को अनुशासित बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि वाहन चालकों एवं परिचालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच और दक्षता परीक्षण के लिए विशेष कैम्प आयोजित किए जाएं, ताकि सड़कों पर केवल सक्षम और प्रशिक्षित चालक ही वाहन संचालन करें। उन्होंने रॉन्ग साइड चलने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग, नशे की हालत में वाहन चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करना तथा वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग जैसे गंभीर उल्लंघनों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। शिक्षा विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों में प्रारंभ से ही यातायात अनुशासन की समझ विकसित होगी तो भविष्य में दुर्घटनाओं में स्वतः कमी आएगी। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी स्थिति में वाहन स्वामी अथवा अभिभावक के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूल वाहनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी फिटनेस, चालक-परिचालक की जानकारी, मोबाइल नंबर और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शहरी यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी ने सचिव ओडीए, सिटी मजिस्ट्रेट एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका उरई को निर्देश दिए कि सड़कों पर अनावश्यक पार्किंग और दुकानों के बाहर अतिक्रमण की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाए।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना, सुनील कुमार, महेंद्र सिंह, एआरटीओ राजेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।