BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का विधानसभा इस्तीफा टला, अचानक लिए फैसले से बिहार में सियासी हलचल, 30 मार्च बेहद अहम

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का विधायक पद से इस्तीफा अचानक टल गया. उनके अचानक ही दिल्ली रवाना होने की खबर ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. अब सबकी नजर 30 मार्च की डेडलाइन पर टिकी है जो संवैधानिक रूप से उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजनीति में टाइमिंग बेहद अहम होती है.

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का विधानसभा इस्तीफा टला, अचानक लिए फैसले से बिहार में सियासी हलचल, 30 मार्च बेहद अहम

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का विधायक पद के इस्तीफा अचानक टल गया। उनके अचानक ही असम रवाना होने की खबर ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर 30 मार्च के डेडलाइन पर टिकी है।

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इस वक्त हलचल तेज हो गई है। नितिन नवीन के इस्तीफे को लेकर जहां सस्पेंस बना हुआ है, वहीं एनडीए की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। रविवार को बिहार विधानसभा में इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए विशेष तैयारी की गई थी। आमतौर पर छुट्टी रहने के बावजूद विधानसभा को खोला गया। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी दिल्ली से पटना लौटकर सुबह से मौजूद थे।

इस्तीफे के इंतजार में बैठे रहे अध्यक्ष नहीं पहुंचे विधायक 

हालांकि, जिस इस्तीफे का इंतजार था वह नहीं हो सका। नितिन नवीन विधानसभा पहुंचे ही नहीं। जानकारी के अनुसार, नितिन नवीन पार्टी कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली रवाना हो गए। स्पीकर प्रेम कुमार ने इस पर कहा कि किसी कारणवश आज इस्तीफा नहीं दिया जा सका, लेकिन जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि अचानक किसी जरुरी काम आने से राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली रवाना हो गए हैं। इस खबर के सामने आने से सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रेम कुमार का दावा है कि दिल्ली में अचानक इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है।  

कानूनी स्थिति क्या कहती है?

बिहार विधानसभा की नियमावली के अनुसार, यदि कोई विधायक राज्यसभा या विधान परिषद के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिनों के भीतर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है। गौरतलब है कि 16 मार्च को नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। ऐसे में 30 मार्च को इस्तीफा देने की अंतिम तिथि मानी जा रही है।

बढ़ते सवाल और सियासी अटकलें

अब सवाल उठ रहे हैं कि जब पूरी तैयारी थी तो नितिन नवीन विधानसभा क्यों नहीं पहुंचे? क्या यह महज कार्यक्रम की वजह है या इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति? इसी बीच यह चर्चा भी तेज है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि कई खबरों का दावा है कि सीएम नीतीश कल यानी 30 मार्च को इस्तीफा नहीं देंगे। ऐसे में सीएम नीतीश के इस्तीफे की भी पुष्टि फिलहाल नहीं है। 

प्रेम कुमार का बड़ा बयान

वहीं जब विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से नितिन नवीन के इस्तीफे के टल जाने के पीछे के कारणों का खुलासा किया। प्रेम कुमार ने बताया कि, वो किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली गए थे, लेकिन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें जानकारी दी कि रविवार को नितिन नवीन विधायक पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद वो पटना के लिए रवाना हो गए। उन्होंने ये भी बताया कि अब वो एक बार फिर दिल्ली जाएंगे और उन कार्यक्रम में भाग लेंगे। बता दें कि, आज रविवार को विधानसभा बंद रहता है इसके बाद भी सुबह सुबह विधानसभा अध्यक्ष पहुंचे और नितिन नवीन के आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन नितिन नवीन नहीं पहुंचे और खबर मिली की वो आज इस्तीफा नहीं देंगे। 

कल तक का समय 

प्रेम कुमार ने आगे कहा कि, जल्द ही नई तिथि निर्धारित होगी। उन्होंने कहा कि 30 मार्च तक विधायक पद से नितिन नवीन को इस्तीफा देने होगा। प्रेम कुमार ने कहा कि पार्टी ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है और असम भी जाना है जिसको लेकर नितिन नवीन दिल्ली रवाना हो गया। प्रेम कुमार ने कहा कि आगे भी समय है वो आकर इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि नियमावली के अनुसार समय है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नितिन नवीन ऑनलाइन इस्तीफा नहीं दे सकें उन्हें सशरीर आकर विधानसभा में इस्तीफा देना होगा। 

क्या होने वाला है बड़ा बदलाव?

पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर शुरू कर दिया है। क्या यह सिर्फ एक प्रक्रियात्मक देरी है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव छिपा है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।