MP में TET विवाद गहराया! शिक्षकों ने खोला मोर्चा:एमपी के 1.5 लाख शिक्षक एकजुट होकर तैयार कर रहे आंदोलन की योजना

भोपाल में हुई शिक्षक संगठनों की बैठक में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त मोर्चा बनाकर आंदोलन की रणनीति तय की गई। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा निकालने का फैसला लिया और पुराने शिक्षकों पर नए नियम लागू करने का विरोध जताया। साथ ही सरकार से रिव्यू पिटीशन दायर करने और अन्य मांगों पर भी कार्रवाई की मांग की गई।

MP में TET विवाद गहराया! शिक्षकों ने खोला मोर्चा:एमपी के 1.5 लाख शिक्षक एकजुट होकर तैयार कर रहे आंदोलन की योजना

भोपाल में हुई शिक्षक संगठनों की बैठक में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त मोर्चा बनाकर आंदोलन की रणनीति तय 

मध्यप्रदेश में टीईटी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ शिक्षक अब विरोध की राह पर हैं और इसके लिए संगठित रणनीति बनाई जा रही है। इसी कड़ी में 29 मार्च दोपहर 12 बजे से प्रदेशभर के शिक्षकों की सामूहिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि भोपाल के गांधी भवन में एकत्र हुए। वहीं, अन्य जिलों के शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया।

दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) भोपाल के हालिया आदेश के अनुसार जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें अनिवार्य रूप से टीईटी परीक्षा पास करनी होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना होगा, अन्यथा सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा सकती है, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ गया है।

31 मार्च तक मांगी टीचर्स की जानकारी इधर, लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 मार्च को सभी जिलों से ऐसे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने टीईटी परीक्षा पास नहीं की है। इसको लेकर जारी नए आदेश के अनुसार, यह जानकारी 31 मार्च तक देने के निर्देश दिए गए हैं। यही विवाद का कारण बना हुआ है, क्योंकि इस दायरे में वे शिक्षक भी आ रहे हैं, जो 2005 और 2008 की भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त हुए थे और उस समय लागू नियमों के अनुसार पात्र थे। अब नए नियम लागू होने की आशंका ने पूरे शिक्षा तंत्र में असंतोष पैदा कर दिया है।

.शिक्षक बोले- आगे की लड़ाई एक साथ लड़ेंगे शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 29 मार्च को सभी शिक्षक संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाई है। इस बैठक में संयुक्त शिक्षक मोर्चा बनाया जाएगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी। टीईटी के अलावा “शिक्षक एप से अटेंडेंस” और “सेवा वृद्धि” जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहेंगे। इस बैठक में ही शिक्षक आगे आंदोलन का प्लान तैयार करेंगे।

संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया आरटीई एक्ट 2009 साल 2010 से लागू हुआ और टीईटी 2011 से अनिवार्य हुआ, जबकि हजारों शिक्षक इससे पहले नियुक्त हो चुके थे।