नीतीश कुमार और नितिन नवीन ने दिया इस्तीफा,राज्यसभा में शुरू होगा नया सफर ,क्या भाजपा का नेता इस बार बनेगा बिहार का सीएम, अटकलें तेज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद सदस्य यानी एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया है. नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं और नियमानुसार एमएलसी पद छोड़ना जरूरी है.

नीतीश कुमार और नितिन नवीन ने दिया इस्तीफा,राज्यसभा में शुरू होगा नया सफर ,क्या भाजपा का नेता इस बार बनेगा बिहार का सीएम, अटकलें तेज

नितिश कुमार ने बिहार विधान परिषद (MLC) सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। बिहार की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन जारी है।

सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया. सुबह सवा 10 बजे इसकी आधिकारिक पुष्टि हो गई है. उनके इस इस्तीफे को लेकर सुबह से गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ था. पहले JDU की ओर से कहा गया था कि उनका इस्तीफा हमारे पास है.

इधर, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का इस्तीफा बिहार BJP के अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को सौंप दिया है। नितिन नवीन ने कल असम जाने से पहले अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा था।

बाद में JDU नेता इस्तीफा लेकर सभापति के पास पहुंचे. उन्होंने कहा- सभापति आएंगे तो इस्तीफा उन्हें सौंपा जाएगा. सामने आया है कि नीतीश के इस्तीफ़े वाला लेटर लेकर एमएलसी संजय गांधी विधान परिषद पहुंचे थे और विधान परिषद में इस्तीफे का पत्र दिया. जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि, जेडीयू एमएलसी संजय गांधी इस्तीफे का पत्र लेकर परिषद पहुंचे हैं. उन्होंने मीडिया के सामने इस्तीफे वाला लेटर भी दिखाया था.

नीतीश कुमार आगे आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देंगे. हालांकि नियम के तहत वह अभी छह महीने सीएम रह सकते हैं.

क्यों बना हुआ है सस्पेंस?

असल में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने पर सस्पेंस बना हुआ है. राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के बाद नियम के मुताबिक उन्हें परिषद की सदस्यता छोड़नी होती है. एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार छह महीने तक मुख्यमंत्री रह सकते है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी तक बिहार विधान परिषद के सदस्य थे. वह हाल ही में राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हो चुके हैं. ऐसे में नीतीश कुमार को नियमानुसार एमएलसी पद से इस्तीफा देना अनिवार्य था. वह राज्यसभा की सदस्यता को अपने पास रखेंगे. हालांकि अब वह मुख्यमंत्री पद कब छोड़ेंगे यह सवाल बना हुआ है.

बता दें कि सीएम नीतीश कुमार का एमएलसी पद से इस्तीफा देने की बात से रविवार शाम से ही बिहार की राजनीति में चर्चाएं होने लगी थीं. उनसे मिलने जेडीयू के कई नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजेंद्र यादव मंत्री, अशोक चौधरी सीएम हाउस पहुंचे थे. 

विधानसभा से इस्तीफे के बाद भावुक हुए नितिन नवीन

नितिन नवीन विधानसभा बांकीपुर से इस्तीफे के बाद काफी भावुक नजर आए. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर बांकीपुर से अपने जुड़ाव और राज्यसभा से अपनी नई पारी शुरू करने की जानकारी साझा की. नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा, बांकीपुर और बिहार के मेरे सभी परिवारजन एवं कार्यकर्ता साथी, जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और दिनांक 27 अप्रैल 2006 को मैं पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत की.