मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेलों में नई गाड़ियों पर परिवहन टैक्स में 50% छूट

भोपाल एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले, ग्वालियर व उज्जैन मेले में नई गाड़ियों पर 50% टैक्स छूट, 200 नए सांदीपनि स्कूल और ई-कैबिनेट की शुरुआत

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेलों में नई गाड़ियों पर परिवहन टैक्स में 50% छूट

मध्य प्रदेश की कैबिनेट बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार 13 जनवरी को आयोजित, मंत्रालय में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत और विकास से जुड़े फैसलों पर मुहर लगी। परिवहन, शिक्षा, ऊर्जा, सिंचाई और तकनीक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लिए गए निर्णयों से प्रदेश को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने परिवहन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ग्वालियर व्यापार मेला 2026 और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में नई गाड़ियां खरीदने पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हुआ था और इस संबंध में प्रस्ताव करीब 19 दिन पहले सरकार को भेजा गया था, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिली है।

इस बैठक की एक और खास बात यह रही कि यह मोहन सरकार की पहली हाईटेक ई-कैबिनेट बैठक रही। मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फाइलों के बजाय टैबलेट लेकर बैठक में पहुंचे। सभी प्रस्तावों पर चर्चा टैबलेट के माध्यम से की गई। गौरतलब है कि 6 जनवरी को हुई पिछली बैठक में मंत्रियों को टैबलेट प्रदान किए गए थे और ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रेजेंटेशन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, पेपरलेस कार्यप्रणाली, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

कैबिनेट ने सिंचाई परियोजनाओं को भी बड़ी स्वीकृति दी। राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारिकरण सिंचाई परियोजना को 396.21 करोड़ रुपये की प्रशासकीय मंजूरी दी गई। इससे खटनार तहसील के 26 गांवों में 11,040 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 10 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। वहीं रायसेन जिले की सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना के लिए 115.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिससे 20 गांवों के 5700 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति 2026 को भी मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन, जियो-स्पेशियल एप्लीकेशन और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है, जिससे रिसर्च, इनोवेशन, निजी निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।

राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए तीन बड़े सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स को भी स्वीकृति दी गई। इनमें

सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट स्टोरेज परियोजना,

सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट स्टोरेज परियोजना और

24 घंटे 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना शामिल हैं।

इनका उद्देश्य पीक डिमांड के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना को मंजूरी दी। इसमें सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक और नए शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक शामिल होंगे। इस योजना पर करीब 322.34 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय आएगा, जिससे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।

इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर सांदीपनि विद्यालय योजना के दूसरे चरण के तहत 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई। इस पर लगभग 3660 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में 275 विद्यालयों को मंजूरी दी जा चुकी है। प्रत्येक विद्यालय की स्थापना पर करीब 17 से 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के विकास, शिक्षा सुधार, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सिंचाई योजनाओं का विस्तार

कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि राजगढ़ जिले में सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकारण सिंचाई योजना 396.21 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही खटनार तहसील के 26 गांवों की 1140 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। रायसेन जिले की सुल्तानपुर उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई। 115.99 करोड़ की प्रशासकीय स्वीक जिससे 20 गांवों की 5 हजार से ज्यादा हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। इसी जिले की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना की लागत 386.22 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा खरनार तहसील की 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा की भूमि की सिंचाई होगी।

200 नए सांदीपनी विद्यालयों की मंजूरी

इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रदेश की आबकारी नीति के निर्धारण हेतु मंत्री परिषद के गठन को मंजूरी दी है। बैठक में प्रदेश के 200 संदीपनी विद्यालयों के भवन निर्माण हेतु 3660 करोड़ रु से ज्यादा की मंजूरी दी गई है। 275 प्रथम चरण में स्वीकृति हुई थी। एक विद्यालय पर लगभग 17 से 18 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। कैबिनेट बैठक में शैक्षणिक वर्ग के शिक्षकों चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान लागू करने की स्वीकृति दी गई। सहायक शिक्षक, शिक्षक, नवीन शिक्षक की स्वीकृति हुई है। 322.34 करोड़ का व्यय होगा। शिक्षकों के लिए राहत भरा निर्णय है।   

सिंहस्थ के लिए जन आवर्धन योजना

सिंहस्थ को ध्यान में उज्जैन संभाग की जल आवर्धन योजना 1133.67 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा आज कैबिनेट बैठक में सोलर स्टोरेज परियोजनाओं और मप्र स्पेस टेक नीति 2026 को स्वीकृति दी है। साथ ही रामचरण गौतम सहायक उप निरीक्षक को ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर एक करोड़ रुपए की श्रद्धानिधि देने का फैसला किया गया है।