मुख्यमंत्री मोहन यादव बाल-बाल बचे,घोड़े पर सवार हो रहे CM का बैलेंस बिगड़ा, सुरक्षाकर्मियों ने संभाला
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक कार्यक्रम के दौरान उस समय बाल-बाल बच गए जब वे घोड़े पर सवार हो रहे थे और अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही सीएम घोड़े पर चढ़ने लगे, उनका पैर फिसल गया और वे लड़खड़ा गए। इसी दौरान मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें संभाल लिया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
घटना के दौरान कुछ पल मची अफरा-तफरी, सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन में घोड़े पर सवार होते वक्त गिरने से बाल-बाल बच गए. एक कार्यक्रम में पुलिस अश्व पर सवार हो रहे थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया. हालांकि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं. उन्होंने बैलगाड़ी पर सवार होकर कार्यक्रम में अपनी भागीदारी जारी रखी. लेकिन इस घटनाक्रम के बाद हड़कंप मच गया है.
दरअसल आज रविवार को मुख्यमंत्री उज्जैन में ‘राहगीरी आनंदोत्सव–2026' के तहत आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे. उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की.एक अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत में कालिदास अकादमी परिसर के बाहर जब मुख्यमंत्री यादव पुलिस अश्व पर बैठ रहे थे, तभी उसके हिलने से मुख्यमंत्री का संतुलन बिगड़ गया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें संभाल लिया.अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई है. घटना के बाद मुख्यमंत्री ने किसानों को समर्पित एक कार्यक्रम के तहत बैलगाड़ी की सवारी की और इस दौरान वह बैलगाड़ी चलाते भी नजर आए.
सीएम ने लाठी घुमाकर दिखाए करतब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शंख वादन कर देव आवाहन किया तथा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के मंच से भगवा ध्वज फहराया। उन्हें “एक पौधा माँ के नाम – स्वच्छ भारत अभियान” के तहत पौधा भेंट किया गया। इसके साथ ही उन्होंने पारंपरिक रागिनी में लठ घुमाकर लोकसंस्कृति को बढ़ावा दिया।
राहगीरी में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की रही भागीदारी
राहगीरी में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भारी भागीदारी रही। 50 वर्ष से अधिक उम्र के महिला-पुरुषों ने भी बच्चों के साथ योग और व्यायाम गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिससे उज्जैन एक नई सामाजिक और स्वस्थ परंपरा की शुरुआत का साक्षी बना। कई सांस्कृतिक मंचों ने ढोल-नगाड़ों, नृत्य और संगीत से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
2028 सिंहस्थ को विश्वस्तरीय बनाने का ऐलान
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने किसानों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2028 में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन विश्वस्तरीय स्वरूप में किया जाएगा, जिसमें भारत की संस्कृति, विरासत और सनातन परंपराओं को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राहगीरी कार्यक्रम किसानों को समर्पित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से खड़े हैं। किसान देश की उन्नति की रीढ़ हैं और उनका सम्मान हम सभी का कर्तव्य है।
12 साल पहले शुरू हुई थी राहगीरी
बता दें कि राहगीरी आनंदोत्सव की शुरुआत 2014 में स्वामी मुस्कुराके की योजना पर तत्कालीन कलेक्टर कविंद्र कियावत ने शुरू की थी. लोगों को स्वस्थ रहने की प्रेरणा देने के लिए हर रविवार को आयोजन होता था. इसके बाद पीपली नाका क्षेत्र में भी राहगीरी शुरू की गई थी. गत वर्ष 5 जनवरी से इसकी कमान रिदम ग्रुप के कपिल यादें ओर सीएम यादव के पुत्र वैभव यादव ने संभाली हैं. अब आगामी तीन रविवार को इसका आयोजन होगा.
सीएम ने कहा कि राहगीरी लोगों को स्वस्थ रहने की प्रेरणा देने के लिए की गई. यहां सुबह योग और 64 कलाओं का प्रदर्शन देख लोग इससे प्रेरित होकर इस पर अमल करे और स्वस्थ रहें. सीएम ने सफल आयोजन के लिए जिला पुलिस और प्रशासन की सरहाना की. साथ ही गणतंत्र दिवस की भी प्रदेशवासियों को बधाई दी. आयोजन में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह,एसपी प्रदीप शर्मा, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव,सहित कई जन प्रतिनिधि और नेता मौजूद थे.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस