स्वगणना अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान, सुपरवाइजरों व प्रगणकों को दिए व्यावहारिक प्रशिक्षण के गुर

प्रशिक्षण में हाउस लिस्टिंग एवं भवन सूचीकरण (HLB) पर विशेष ध्यान दिया गया और निर्देश दिए गए कि सभी प्रविष्टियाँ पूरी सतर्कता और शुद्धता के साथ की जाएँ। फील्ड ट्रेनरों और नायब तहसीलदार ने भी व्यावहारिक जानकारी देकर प्रगणकों को प्रशिक्षित किया।

स्वगणना अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान, सुपरवाइजरों व प्रगणकों को दिए व्यावहारिक प्रशिक्षण के गुर

जनगणना-2027 की तैयारियों को मिला प्रशिक्षण से बल

तहसील जालौन में आयोजित हुआ महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम

जिलाधिकारी ने संभाली प्रशिक्षण की कमान

स्वगणना अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

उरई (जालौन)। जनपद जालौन में प्रस्तावित जनगणना-2027 की तैयारियों को गति प्रदान करते हुए तहसील जालौन में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य स्वगणना अभियान को प्रभावी, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराना रहा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी की सक्रिय उपस्थिति और मार्गदर्शन ने प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बना दिया।

कार्यक्रम में राजेश कुमार पाण्डेय एवं विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में सुपरवाइजरों और प्रगणकों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं प्रशिक्षण की कमान संभालते हुए जनगणना कार्य की बारीकियों को विस्तार से समझाया और फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, नीति निर्माण की आधारशिला

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल संख्याओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधन आवंटन की मजबूत आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि सही और सटीक आंकड़े ही सरकार को योजनाओं को सही दिशा देने में मदद करते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एक-एक प्रविष्टि अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्य को पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करें।

स्वगणना अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 7 मई से 21 मई के बीच चलने वाले स्वगणना अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित होगी। इसके लिए प्रत्येक प्रगणक और सुपरवाइजर को अधिक से अधिक लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

उन्होंने बताया कि स्वगणना अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वयं अपनी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है, जिससे डेटा संग्रह अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके। इसके लिए प्रचार-प्रसार और जागरूकता गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से संचालित करने की आवश्यकता है।

हाउस लिस्टिंग एवं भवन सूचीकरण पर विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाउस लिस्टिंग एवं भवन सूचीकरण (HLB) से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लेआउट तैयार करने में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि यही आधार भविष्य की पूरी जनगणना प्रक्रिया को दिशा देता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक भवन, परिवार और इकाई की प्रविष्टि पूरी शुद्धता के साथ की जाए। किसी भी प्रकार की गलत प्रविष्टि भविष्य में आंकड़ों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए हर स्तर पर सतर्कता आवश्यक है।

फील्ड में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा

प्रशिक्षण सत्र के दौरान फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी चर्चा की गई। प्रगणकों को बताया गया कि कई बार क्षेत्रीय परिस्थितियां, संवाद की कठिनाई और सूचनाओं की अनुपलब्धता जैसी चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में धैर्य और समझदारी के साथ कार्य करना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल अपने सुपरवाइजरों को सूचित करें और समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। उन्होंने यह भी कहा कि टीम वर्क के माध्यम से ही जनगणना जैसे बड़े कार्य को सफल बनाया जा सकता है।

तकनीकी दक्षता और प्रशिक्षण की भूमिका

कार्यक्रम में इस बात पर भी बल दिया गया कि आधुनिक जनगणना प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता का विशेष महत्व है। प्रगणकों को डिजिटल उपकरणों और सॉफ्टवेयर के उपयोग में दक्ष होना आवश्यक है, ताकि डेटा संग्रहण और प्रसंस्करण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया की बारीकियों को समझाया गया। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार सही जानकारी दर्ज करना और उसे सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पारदर्शी और त्रुटिरहित जनगणना का लक्ष्य

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद का लक्ष्य एक ऐसी जनगणना सुनिश्चित करना है जो पूरी तरह पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित हो। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि यदि डेटा में किसी प्रकार की त्रुटि होती है तो उसका प्रभाव न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय योजनाओं पर भी पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना अनिवार्य है।

जनपद में सशक्त शुरुआत की दिशा में कदम

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को जनपद में जनगणना-2027 की दिशा में एक मजबूत और व्यवस्थित शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से फील्ड स्टाफ की क्षमता में वृद्धि होगी और कार्य निष्पादन अधिक प्रभावी होगा।

कार्यक्रम के अंत में नायब तहसीलदार गौरव कुमार सहित अन्य फील्ड ट्रेनरों ने भी प्रगणकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उनके प्रश्नों का समाधान किया। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।

तहसील जालौन में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना-2027 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में हुए इस सत्र ने न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया, बल्कि उन्हें जनभागीदारी और पारदर्शिता के महत्व से भी अवगत कराया।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि जनगणना एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें हर स्तर पर सटीकता, ईमानदारी और समर्पण आवश्यक है। आने वाले समय में यह प्रयास जनपद में एक सफल और अनुकरणीय जनगणना प्रक्रिया की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।