मेयर मालती राय को बजरंग दल ने कहा मुल्ला,फोटो पर स्याही से बनाई दाढ़ी, गोमांस मामले में बवाल
भोपाल में गोमांस तस्करी के मामले को लेकर बुधवार को हिंदू संगठनों ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने महापौर मालती राय के बंगले को घेरकर जमकर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की. विरोध प्रदर्शन के दौरान बंगले के बाहर कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने महापौर की नेम प्लेट और वहां लगे होर्डिंग्स पर स्याही छिड़क दी और फोटो को खराब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया.
भोपाल में गोमांस तस्करी और स्लॉटर हाउस में कथित गोकशी के मुद्दे पर हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को बजरंग दल और हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने महापौर मालती राय के बंगले पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने न केवल महापौर से इस्तीफे की मांग की, बल्कि उनके होर्डिंग्स और नेमप्लेट पर कालिख पोत दी।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 टन गौमांस मिलने का मामला सामने आया, जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों का विरोध प्रदर्शन कम होने का नाम नहीं ले रहा है. एक ओर SIT जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर संगठन महापौर मालती राय के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
इसी कड़ी में भोपाल में बुधवार को महापौर के सरकारी आवास पर बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे. उन्होंने महापौर के निवास के बाहर लगे पोस्टर फाड़े और नेम प्लेट पर कालिख पोती. आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने महापौर को 'मुल्ला महापौर' कहकर संबोधित किया और उनके इस्तीफे की मांग के नारे लगाए.
प्रदर्शन कर रहे बजरंग दल के विभाग संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत ने कहा कि असलम चमड़ा और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? मामले में असलम चमड़ा को जमानत किस आधार पर मिली? मामला किन धाराओं में दर्ज किया गया था?
जब हिंदू संगठनों ने गाड़ी पकड़ी थी, तो बिना सैंपल रिपोर्ट के गाड़ी किसके कहने पर छोड़ी गई? SIT का गठन तो कर दिया गया है, जिसके लिए सरकार का धन्यवाद है, लेकिन हम यहां भोपाल महापौर के इस्तीफे के लिए आए हैं.
अभिजीत सिंह ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में चल रहे स्लॉटर हाउसों और मांस के अवैध कारोबार पर महापौर को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए. उनका कहना है कि नगर निगम की जानकारी के बिना इतना बड़ा नेटवर्क नहीं चल सकता.
भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में अब सियासत तेज हो गई है. जहां बजरंग दल ने महापौर आवास पर प्रदर्शन किया, वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW) में पहुंचकर नगर निगम भोपाल द्वारा स्लॉटर हाउस टेंडर प्रक्रिया को लेकर शिकायत दर्ज की.
कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि इस टेंडर में भारी अनियमितता पाई गई है. टेंडर की अच्छे से जांच होनी चाहिए और इस पूरे मामले में जो भी अधिकारी, महापौर या कोई भी बड़ा नेता हो, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.
PHQ के सामने पकड़े गए ट्रक का दिया हवाला
हिंदू संगठनों ने 17 दिसंबर 2025 को PHQ के सामने पकड़े गए मांस से भरे ट्रक का हवाला देते हुए कहा कि उस समय ट्रक से भारी मात्रा में संदिग्ध मांस बरामद किया गया था. मथुरा की लैब में गौमांस मिलने की पुष्टि हुई. मामले में स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को जेल भेजा गया.कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह सिर्फ एक कड़ी है, जबकि पूरा नेटवर्क अब भी सक्रिय है.
.MIC और महापौर की जवाबदेही तय
जहां शुरुआत में इसे भैंस का मांस बताया गया, वहीं मथुरा की सरकारी लैब रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि मांस गाय या उसके वंश का है। स्लॉटर हाउस भोपाल नगर निगम के अधीन है और इसका प्रशासनिक नियंत्रण Mayor-in-Council (MIC) के पास। ठेका, लीज और संचालन की शर्तें MIC तय करती है। ऐसे में अगर यहीं से प्रतिबंधित मांस निकल रहा था, तो जिम्मेदारी से कोई नहीं बच सकता।
फुटेज आज भी गायब, सवाल बरकरार
अब तक CCTV रिकॉर्डिंग सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे संदेह और गहरा गया है क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की कोशिश हो रही है? क्या सिस्टम के भीतर बैठे लोग मामले को दबाने में जुटे हैं? मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने जिंसी स्लॉटर हाउस का निरीक्षण कर कई आपत्तियां दर्ज कीं। उनका कहना है कि बाहर से स्लॉटर हाउस बंद दिखाया जा रहा है, जबकि अंदर का एक गेट खुला है और कामकाज के संकेत मिले हैं। एक और बड़ा सवाल जब स्लॉटर हाउस पूरी तरह सील है, तो प्राइवेट सिक्योरिटी किसके आदेश पर तैनात है? जबकि भोपाल पुलिस पहले से मौजूद है। हैरानी की बात यह कि बाहर तैनात पुलिसकर्मियों को भी नहीं पता कि यह निजी सुरक्षा किसके लिए है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस