मोहन कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले-48.32 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार, छात्रों को फ्री मिलेगी ड्रेस,ऐसा करने वाला एमपी देश का पहला राज्य

मंगलवार को मध्य प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक हुई है। इस बैठक में जनता से जुड़े कई फैसलों पर मुहर लगाई गई है। कैबिनेट बैठक में स्वामित्व योजना को मंजूरी मिली है।

मोहन कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले-48.32 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार, छात्रों को फ्री मिलेगी ड्रेस,ऐसा करने वाला एमपी देश का पहला राज्य

मध्यप्रदेश कैबिनेट ने आमजन और विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए स्वामित्व योजना के तहत लाखों परिवारों को संपत्ति के कानूनी दस्तावेज देने और सरकारी स्कूलों के बच्चों को तैयार यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का फैसला किया है। सरकार रजिस्ट्री का पूरा खर्च स्वयं वहन करेगी, जबकि यूनिफॉर्म अब सीधे सिलकर विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में जनकल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं के लिए लगभग 21 हजार 485 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की लाखों निजी संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री कराने का रहा, जिससे लाखों परिवारों को कानूनी स्वामित्व का अधिकार प्राप्त होगा।

48.32 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार

कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को मंजूरी देते हुए निर्णय लिया कि जिन ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व अधिकार अभिलेख प्राप्त हो चुके हैं, उनकी संपत्तियों का पंजीयन भी राज्य सरकार अपने खर्च पर कराएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्तियों का वैध कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना है, जिससे वे बैंक ऋण लेने, मकान निर्माण, कृषि विकास और स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकें।

प्रदेश में अब तक 68.11 लाख स्वामित्व अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। इन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री पर लगने वाला स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क लाभार्थियों से नहीं लिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर लगभग 3800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। इस व्यवस्था को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 17 हजार करोड़ से अधिक स्वीकृत

कैबिनेट ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 17,059 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की। मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों के संचालन और उन्नयन के लिए वर्ष 2031 तक 14,363 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका उद्देश्य आम जनता को बेहतर और नि:शुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों के विस्तार के लिए 657 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 838 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

विद्यार्थियों को मिलेगी तैयार सिली-सिलाई यूनिफॉर्म

शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अब तैयार सिली-सिलाई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी।

नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले दो जोड़ी यूनिफॉर्म प्रदान की जाएगी। यूनिफॉर्म की खरीद और वितरण की प्रक्रिया मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के माध्यम से निविदा प्रक्रिया द्वारा संचालित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों और अभिभावकों को सुविधा मिलेगी तथा यूनिफॉर्म वितरण की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।

पंचायत राज अधिनियम संशोधन अध्यादेश को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने "मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके तहत राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 213(1) के अंतर्गत अध्यादेश जारी कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इसके अलावा "मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। वित्त विभाग को संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत अध्यादेश जारी कराने की कार्यवाही के लिए अधिकृत किया गया है। इन संशोधनों का उद्देश्य स्वामित्व योजना के अंतर्गत संपत्तियों के पंजीयन की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप कानूनी और प्रशासनिक ढांचे को अद्यतन करना है, ताकि राजस्व हितों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।

दो फिल्मों को एसजीएसटी से छूट

कैबिनेट ने अभिनेता एवं निर्देशक Anupam Kher द्वारा निर्देशित हिंदी फीचर फिल्म Tanvi The Great तथा निर्देशक Ashish Mall की फिल्म Shatak: Sangh Ke 100 Varsh को मध्यप्रदेश में एसजीएसटी से छूट देने के निर्णय का अनुमोदन किया। राज्य सरकार द्वारा दोनों फिल्मों के प्रदर्शन पर राज्य माल एवं सेवा कर के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति कर दर्शकों को कर राहत प्रदान की जाएगी।

बरगी क्रूज दुर्घटना की होगी न्यायिक जांच

कैबिनेट ने जबलपुर स्थित Bargi Dam में 30 अप्रैल 2026 को हुई क्रूज दुर्घटना में हुई जनहानि की न्यायिक जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश Sanjay Dwivedi की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग गठित किए जाने के आदेश का भी अनुसमर्थन किया। आयोग दुर्घटना के कारणों की जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव देगा।

ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

कैबिनेट के इन निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ग्रामीण संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने, स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूली विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। विशेष रूप से स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री का निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और संपत्ति अधिकारों को नई मजबूती प्रदान करने वाला माना जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में किए गए निवेश से प्रदेश के दीर्घकालिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।