महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में चर्चा के बीच कैट का राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन 17-18 अप्रैल को नई दिल्ली में
महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में जारी चर्चा के बीच Confederation of All India Traders (कैट) 17-18 अप्रैल को नई दिल्ली में राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन आयोजित करेगा। इस सम्मेलन में 300 से अधिक महिला उद्यमी, स्टार्टअप लीडर्स और व्यवसायी महिलाएं भाग लेंगी।
संसद बहस के बीच कैट का बड़ा आयोजन
300 से अधिक महिला उद्यमी लेंगी भाग
महिला सशक्तिकरण पर होगा व्यापक मंथन
डिजिटल साक्षरता और वित्तीय समावेशन पर फोकस
देश में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा देने वाले ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में हो रही चर्चा के बीच, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) 17-18 अप्रैल को नई दिल्ली के हिंदी भवन ऑडिटोरियम में एक भव्य राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। यह सम्मेलन ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी एवं प्रतिबद्ध नेतृत्व में महिलाओं को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में स्थापित करने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस विशिष्ट सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक महिला उद्यमी, स्टार्टअप लीडर्स एवं व्यवसायी महिलाएं भाग लेंगी। सम्मेलन की अध्यक्षता कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी. सी. भरतिया करेंगे। देशभर में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही अनेक प्रख्यात महिला हस्तियां विभिन्न सत्रों में अपने विचार रखेंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में ‘नारी शक्ति’ को ‘राष्ट्र शक्ति’ बनाने का जो संकल्प लिया है, महिला आरक्षण विधेयक उसी दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। यह विधेयक केवल महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें नीति-निर्माण की मुख्यधारा में लाकर भारत के भविष्य को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी की महिला सशक्तिकरण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और संवेदनशील सोच का प्रमाण है।
सम्मेलन में महिला आरक्षण विधेयक की आवश्यकता, उसके दूरगामी प्रभाव, तथा महिलाओं की राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करने के नए आयामों पर व्यापक मंथन होगा। महिला उद्यमियों का मानना है कि यह विधेयक भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला सिद्ध होगा और इससे देश की करोड़ों महिलाओं को आत्मविश्वास, अवसर एवं सशक्त पहचान प्राप्त होगी।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में महिला आरक्षण के अतिरिक्त डिजिटल साक्षरता, “स्वस्थ महिला – समृद्ध परिवार” की अवधारणा, महिला उद्यमियों के लिए वित्तीय समावेशन, व्यवसाय में सोशल मीडिया की भूमिका, लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरदराज की महिलाओं को सशक्त बनाने सहित अनेक समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। साथ ही, देशभर में महिला सशक्तिकरण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
कैट महिला विंग की राष्ट्रीय संयोजक श्रीमती संगीता पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल, दूरदर्शी एवं निर्णायक नेतृत्व में महिला आरक्षण विधेयक भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह विधेयक महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि निर्णय लेने की शक्ति भी प्रदान करेगा। यह देश की ‘नारी शक्ति’ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी. सी. भरतिया ने कहा कि यह सम्मेलन महिला उद्यमियों को एक सशक्त साझा मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपने अनुभवों का आदान-प्रदान कर सकेंगी, नई नीतियों को समझ सकेंगी और देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी बना सकेंगी। यह आयोजन महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के राष्ट्रीय प्रयासों को नई गति प्रदान करेगा।
इस सम्मेलन में शामिल महिला उद्यमी संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर होने वाली चर्चा को भी गहनता से देखेंगी और उससे प्राप्त दिशा को अपने सामाजिक एवं आर्थिक कार्यों में आत्मसात करेंगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस