उरई में डीएम का सख्त एक्शन: तहसील कौंच और नगर पालिका का औचक निरीक्षण, लंबित वादों व जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तहसील कौंच और नगर पालिका परिषद उरई का सघन निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा की। तहसील कौंच में लंबित वादों, अभिलेखों के रख-रखाव और शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जांची गई। तीन व पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता से निपटाने, आरसीसीएमएस व रियल टाइम खतौनी पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उरई में डीएम का सख्त एक्शन: तहसील कौंच और नगर पालिका का औचक निरीक्षण, लंबित वादों व जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

तहसील कौंच और नगर पालिका उरई का डीएम ने किया सघन निरीक्षण 

 लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण, पारदर्शिता और जनसुविधाओं में सुधार के सख्त निर्देश 

उरई । जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ व जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तहसील कौंच तथा नगर पालिका परिषद उरई का मुआयना कर विभिन्न पटलों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
तहसील कौंच में अभिलेखों व लंबित वादों की समीक्षा
तहसील कौंच पहुंचकर जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते हुए कर्मचारियों से कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पत्रावलियों के रख-रखाव, रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था तथा अभिलेखों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। सर्विस बुक एवं जीपीएफ पासबुक के अवलोकन के दौरान पाई गई विसंगतियों के निराकरण हेतु नायब तहसीलदार को निर्देशित किया। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस एवं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायत पंजिका में दर्ज चार शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर वार्ता कर निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी, जिसमें सभी शिकायतकर्ता संतुष्ट पाए गए।
तहसील न्यायालय में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए उन्होंने तीन वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही आरसीसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों को तत्काल निपटाने तथा रियल टाइम खतौनी पोर्टल पर अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील के सभी पटल पूर्णतः कंप्यूटरीकृत हो चुके हैं, जिससे आमजन को पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध होंगी। न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक तेज एवं प्रभावी बनाने पर भी उन्होंने विशेष बल दिया। खतौनी कक्ष, लिपिक कार्यालय, पूर्ति निरीक्षक कार्यालय एवं संग्रह अमीन कार्यालय का निरीक्षण कर रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित रखने और लंबित कार्य को निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद उरई का निरीक्षण कर नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सभी वार्डों के सभासदों के साथ संवाद कर नगर की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभासदों द्वारा खराब सड़कों, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं रखी गईं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से स्ट्रीट लाइट लगवाने एवं अंधेरे वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर शीघ्र सुधार के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नगर विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। आमजन को बेहतर सड़क, प्रकाश एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, उप जिलाधिकारी बिरेन्द्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील, वार्ड सभासद आदि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे ।