कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में दी झूठी जानकारी,पदों और कर्मचारियों की जानकारी पर उठ रहे सवाल।
विजयवर्गीय के मुताबिक, निगम में 6312 पद हैं, लेकिन केवल 1493 पद ही भरे हैं और 4819 पद खाली हैं। 3900 पद सफाई संरक्षकों के हैं, लेकिन ये सभी खाली हैं। जबकि, निगम में 1200 से ज्यादा सफाई संरक्षक कार्यरत है और 2400 से ज्यादा विनियमित सफाई संरक्षक सफाई का जिम्मा संभालते हैं। मंत्री ने इन सभी को निगम का कर्मचारी मानने से इनकार कर दिया।
विधानसभा में प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसे दावे किए, जो दस्तावेज़ और हकीकत से मेल नहीं खाते। पदों और कर्मचारियों की जानकारी पर उठ रहे सवाल।
भोपाल : प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और भाजपा के फायर ब्रांड नेता कैलाश विजयवर्गीय पिछले कई महीनों से किसी न किसी विवाद के चलते चर्चा में हैं। मुश्किलें उनका पीछा ही नहीं छोड़ रही हैं। आजकल विधानसभा का बजट सेशन चल रहा है और भाजपा सरकार और कांग्रेस के बीच जबरदस्त घमासान भी देखने को मिल रहा है। लेकिन अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक और कांड के चलते सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल सदन के अंदर कैलाश ने ऐसी जानकारी दी है जो झूठी है और इसी के चलते कैलाश पर सवाल उठने शुरु हो गए हैं।
विजयवर्गीय ने विधानसभा में दी झूठी जानकारी
प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने विधानसभा में झूठी जानकारी दी है। विजयवर्गीय के मुताबिक इंदौर नगर निगम में एक भी सफाई संरक्षक नहीं हैं। गौर करने वाली बात है कि जिस पद की योग्यता का अधिकारी नगर निगम में ही नहीं है उसे मंत्री कैलाश ने भरा हुआ बताकर झूठ परोस दिया है।
सदन में विधायक महेंद्र हार्डिया ने विधानसभा में सवाल लगाया था और इंदौर नगर निगम में स्वीकृत पद, कार्यरत पदों के साथ ही रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी। मंत्री विजयवर्गीय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि निगम की सीमा विस्तार के चलते अधिकारियों को एक से ज्यादा प्रभार दिए गए है। जैसे ही पर्याप्त अमला होगा, वैसे ही नगर निगम में अफसरों से प्रभार ले लिया जाएगा।
वहीं विजयवर्गीय ने कहा कि निगम में 6312 पद हैं, लेकिन 1493 पद ही भरे हैं और 4819 पद खाली हैं। 3900 पद सफाई संरक्षकों के हैं, लेकिन ये सभी खाली हैं। जबकि, निगम में 1200 से ज्यादा सफाई संरक्षक कार्यरत है और 2400 से ज्यादा विनियमित सफाई संरक्षक सफाई का जिम्मा संभाल रहे हैं।
यही नहीं मंत्री विजयवर्गीय ने और आगे बढ़ते हुए मुख्य स्वच्छता (स्वास्थ्य) अधिकारी और मुख्य नगर निवेशक के खाली पदों को भी भरा हुआ बता दिया है। आपको बता दें कि मुख्य स्वच्छता (स्वास्थ्य) अधिकारी पद की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट पहले ही बता चुका है कि इस पोस्ट पर केवल MBBS को ही नियुक्त किया जा सकता है।इसलिए नगर निगम में एमबीबीएस की डिग्री वाला फिलहाल कोई अधिकारी नहीं है लेकिन कैलाश ने इस पद को भी भरा बता दिया ।
राजस्व निरीक्षकों के पदों को लेकर भी बोला झूठ
इसके साथ ही विजयवर्गीय ने विधानसभा में बताया कि नगर निगम में 24 राजस्व निरीक्षकों के पद हैं, जिनमें से 8 भरे गए हैं और 15 खाली है लेकिन सच्चाई ये है कि निगम में एक भी राजस्व निरीक्षक नहीं हैं, जो काम कर भी रहे हैं वे प्रभारी के तौर पर हैं।
इसके साथ ही मंत्री कैलाश ने निगम में 1200 गाड़ियां बताई हैं और कहा कि निगम में केवल 3 ही ड्राइवर हैं। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। सच्चाई ये है कि 1200 गाड़ियों को चलाने के लिए ड्राइवर के 20 पद हैं लेकिन इनमें से 17 पद खाली हैं। तो इस तरह से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंत्री कैलाश ने सदन में किस तरह से झूठी जानकारी दी और सदन को गुमराह किया।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस