ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में देशभक्ति के रंग में रंगा 77वां गणतंत्र दिवस,तिरंगे की छांव में गूंजा राष्ट्रप्रेम, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक दिखा अद्भुत उत्साह

ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में 77वां गणतंत्र दिवस श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे गांव में देशप्रेम का माहौल बना।

ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में देशभक्ति के रंग में रंगा 77वां गणतंत्र दिवस,तिरंगे की छांव में गूंजा राष्ट्रप्रेम, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक दिखा अद्भुत उत्साह

तिरंगे की छांव में गूंजा राष्ट्रप्रेम, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक दिखा उत्साह, ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में श्रद्धा और गरिमा के साथ मना 77वां गणतंत्र दिवस

रायसेन।रायसेन जिले की ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ भव्य रूप से मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित इस गरिमामय समारोह में विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, महिला समूह, युवा वर्ग, वरिष्ठ नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल ध्वजारोहण के साथ हुई। जैसे ही राष्ट्रध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान की गूंज पूरे परिसर में गूंजी, वातावरण देशप्रेम से ओत-प्रोत हो गया। उपस्थित जनसमूह ने तिरंगे को नमन करते हुए भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प लिया।

इसके पश्चात स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। बच्चों की मासूम आवाज़ में गूंजते देशप्रेम के गीतों ने कार्यक्रम में भावनात्मक माहौल बना दिया। वरिष्ठ नागरिकों ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों का महत्व समझाया।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जो हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। यह दिन उन अमर स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को स्मरण करने का अवसर है, जिनके संघर्ष और त्याग से आज हम एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में जीवन जी रहे हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित नागरिकों ने एकजुट होकर मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लिया और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा—