बरगी डैम में दर्दनाक हादसा: 40 पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा, 6 की मौत, कई लापता; रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

जबलपुर के बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा. तेज हवाओं के चलते नर्मदा बैकवाटर में हुआ हादसा. 6 लोगों की मौत, कई लापता. प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बरगी डैम में दर्दनाक हादसा: 40 पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा, 6 की मौत, कई लापता; रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

जबलपुर बरगी डैम में बड़ा हादसा हो गया है. जहां एक क्रूज पर सवार 40 से ज्यादा लोग डूब गए, जिसके बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक 20 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. वहीं  6 लोगों के मौत की खबर भी सामने आई है. फिलहाल, मौके पर राहत बचाव कार्य लगातार जारी है. वहीं सीएम ने भी इस हादसे पर दुख जताया है.

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम पर गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। नर्मदा नदी के बैकवॉटर में सैर कर रहा पर्यटकों से भरा क्रूज तेज आंधी-तूफान और ऊंची लहरों के बीच असंतुलित होकर डूब गया। इस हादसे में अब तक 6 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 15 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि करीब 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

मौसम बना हादसे की बड़ी वजह

प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हादसे के समय मौसम बेहद खराब था। तेज हवाओं के कारण पानी में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही थीं। हालात इतने खराब थे कि किनारे पर खड़े लोगों का संतुलन बनाना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे मौसम में क्रूज का संचालन होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवा और लहरों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ा, जिससे यह हादसा हुआ। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि मौसम के अनुकूल न होने के बावजूद क्रूज को रोका नहीं गया।

अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण

हादसे की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

हालांकि अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी टॉर्च और सर्च लाइट्स के सहारे पानी में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। नावों और गोताखोरों को भी तैनात किया गया है।

डैम के किनारे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढना है।

क्रूज का कैप्टन भी लापता

इस हादसे में क्रूज के कैप्टन महेश पटेल भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश जारी है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि क्रूज के डूबने के समय कई यात्री अंदर फंसे रह गए होंगे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।

20 साल पुराना था क्रूज

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह क्रूज वर्ष 2006 में बनाया गया था और इसकी क्षमता लगभग 60 यात्रियों की थी। घटना के समय इसमें 40 से 45 लोग सवार थे।

बरगी डैम पर एक और क्रूज भी संचालित होता है, लेकिन वह फिलहाल खराब बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद क्रूज की तकनीकी स्थिति और मेंटेनेंस पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सीएम मोहन यादव ने लिया संज्ञान

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

सीएम ने कहा कि तेज आंधी-तूफान के कारण यह हादसा हुआ है और राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लापता लोगों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और हर संभव मदद दी जाएगी।

दिग्विजय सिंह ने जताई चिंता

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे बेहद पीड़ादायक घटना बताते हुए प्रशासन से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की मांग की है।

साथ ही उन्होंने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं—

खराब मौसम के बावजूद क्रूज को क्यों अनुमति दी गई?

क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था?

क्या सभी यात्रियों के पास लाइफ जैकेट थीं?

क्या क्रूज की नियमित जांच और मेंटेनेंस हो रही थी?

इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

बरगी सिटी के सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि अचानक आई आंधी के कारण यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया और बचाव कार्य तेजी से जारी है।

शोक और चिंता का माहौल

हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। डैम के आसपास परिजनों की भीड़ लगी हुई है, जो अपने प्रियजनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों और मौसम के आकलन की अहमियत को उजागर करता है। फिलहाल सभी की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।