गैस संकट पर PM मोदी की हाई-लेवल बैठक: मंत्रियों को सख्त निर्देश, अफवाह फैलाने वालों पर नजर
देश में एलपीजी सिलेंडर की कथित किल्लत को लेकर मचे घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को साफ निर्देश दिया है कि वे आपूर्ति को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को रोकें
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत सरकार ने दावा किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी और किसी तरह की कमी नहीं होगी। पीएम मोदी ने अफवाह फैलाने वालों पर नज़र रखने के निर्देश दिए हैं।
एलपीजी किल्लत और देशभर में लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि पश्चिम एशिया संकट का आम लोगों पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया कि अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखें और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखें।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पेट्रोलियम और गैस की कीमतों में उछाल तथा भारत में कमी की आशंका को लेकर भारत सरकार ने बड़ा दावा किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें स्थिर रहेंगी और इनमें बढ़ोतरी नहीं होगी। गैस की कीमतों में जो उछाल आया था, उसे भी मामूली बढ़ोतरी बताया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, पहले नॉन-हॉर्मुज ज़ोन से करीब 60 फीसदी डीज़ल-पेट्रोल की आपूर्ति होती थी। जिसे बाद में बढ़ाकर 65 फीसदी किया गया और अब यह करीब 70 फीसदी तक पहुंच गई है।
सरकार ने मौजूदा हालात से निपटने के लिए सप्लाई मैनेजमेंट चेन प्रोग्राम तैयार किया है। इसके तहत पहले मिडिल ईस्ट से होने वाली गैस और पेट्रोल की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक देशों से आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब मिडिल ईस्ट के अलावा अन्य देशों से भी भारत को गैस और पेट्रोल मिल रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पहले करीब 40 फीसदी सप्लाई मिडिल ईस्ट से होती थी। लेकिन युद्ध की वजह से वहां की परिस्थितियों में बदलाव के बाद अन्य देशों के साथ लगातार बातचीत जारी है ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।
गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद
सरकार का दावा है कि देश में एक भी गैस डिस्ट्रीब्यूटर ‘ड्राई’ नहीं है यानी सभी के पास जनता की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार की प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराना है और पूरी सप्लाई चेन उसी हिसाब से बनाए रखी जा रही है
भारत के पास पेट्रोल और डीज़ल का करीब 70 दिनों का स्टॉक मौजूद है। साथ ही कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्त मैकेनिज्म भी तैयार किया है।
सरकार ने लोगों की समस्याओं पर नजर रखने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जिसे जनता से फीडबैक मिलना शुरू हो गया है। इसी फीडबैक के आधार पर हर दिन की रणनीति बनाई जा रही है।
कालाबाज़ारी पर लगाम लगाने के लिए भी सरकार ने सख्त निगरानी तंत्र तैयार किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अपने 24×7 कंट्रोल रूम को और मजबूत किया है। इसके तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नोडल अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन, फैक्ट-चेकिंग और रियल-टाइम स्पष्टीकरण जारी करना है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस