CM मोहन ने दी बड़ी सौगात,एमपी में फेसलेस रजिस्ट्री शुरू:अब घर बैठे कराएं दस्तावेज पंजीयन:सीएम बोले-गलतियां कम होंगी, ठप्पे और छापे का दौर गया
एमपी के लोगों को बड़ी सौगात मिली है। अब घर बैठे लोग दस्तावेजों का पंजीयन करवा सकते हैं। सीएम मोहन यादव ने भोपाल में साइबर पंजीयन की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि एमपी डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रही है।
मध्यप्रदेश में अब प्रॉपर्टी और अन्य दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी के आईजी पंजीयन कार्यालय से साइबर सब-रजिस्ट्रार दफ्तर की शुरुआत की है।
Faceless Property Registration: मध्यप्रदेश में अब संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए लोगों को रजिस्ट्रार कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल स्थित आईजी पंजीयन कार्यालय से साइबर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का शुभारंभ किया है, जिससे पंजीयन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और सरल हो गई है.
नई व्यवस्था के तहत फेसलेस और वर्चुअल सिस्टम लागू किय गया है. अब नागरिक आधार प्रमाणीकरण, वीडियो केवाईसी और ई-साइन की मदद से घर बैठे ही अपने दस्तावेजों का पंजीयन करा सकेंगे. पहले चरण में 75 प्रकार के दस्चावेजों को ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा में शामिल किया गया है. सरकार का दावा है कि इस पहल प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत होगी.
CM ने किया साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ के दौरान कहा कि फेसलेस डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन से गलतियां कम होंगी. लोग स्टाम्प और इंप्रेशन के लिए परेशान रहते थे, साइन करने वालों को भी अंगूठे का लगाना पड़ता था. यह नई पीढ़ी के लिए नया दौर है. अब तक 14.95 लाख डॉक्यूमेंट रजिस्टर हो चुके हैं. अब नई टेक्नोलॉजी से सिस्टम और बेहतर होगा. कार्यालय में सोमवार से काम शुरू होगा.
फेसलेस रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर देना होगा जरूरी
फेसलेस रजिस्ट्रेशन के लिए पार्टियों को अपना आधार नंबर देना जरूरी होगा. वर्चुअल प्रोसेस के दौरान AI सिस्टम का इस्तेमाल करके वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा, जिसमें पार्टियों को अपना सिर बाएं-दाएं, ऊपर-नीचे करने के लिए कहा जाएगा. संपदा- 2.0 सॉफ्टवेयर के जरिए मिलने वाली इस फेसलेस सुविधा के लिए पार्टियों को यह बताना होगा कि उन पर कोई दबाव नहीं है और वे अपनी मर्जी से इलेक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंट्स के जरिए रजिस्टर कर रहे हैं. इसके लिए पहले e-KYC और e-signature प्रोसेस को पूरा करना होगा.
शुरुआती चरण में शामिल 75 तरह के डॉक्यूमेंट्स के लिए सभी मामलों में सब-रजिस्ट्रार के साथ वर्चुअल रूप से जुड़ना अनिवार्य नहीं होगा. कुछ डॉक्यूमेंट्स के लिए यह जरूरी होगा, जबकि दूसरों के लिए यह ऑप्शन ऑप्शनल होगा. वर्चुअल प्रोसेस के दौरान यह जानकारी साफ हो जाएगी
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस